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50 वर्षीय बीमार मां के लिए बेटी ने घर पर ही खोद दिया 15 फीट गहरा कुआं, पानी के लिए लगानी पड़ती थी लंबी लाइन
Mon, 29 Jun 2020 08:02 PM IST
अवधेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: अवधेश कुमार
Updated Mon, 29 Jun 2020 08:02 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
पश्चिम बंगाल के आसनसोल दुर्गापुर में 24 साल की बोबीता सोरेन ने अपनी मां के दुख को समझते हुए घर में ही 15 फीट का कुआं खोदा है। बता दें कि बोबीता की 50 वर्षीय मां बीमार रहती हैं और उन्हें एक दिन में कई बार पानी लेने के लिए 200 मीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। यही नहीं उन्हें पानी लेने के लिए 30 मिनट तक कतार में भी खड़ा रहना पड़ता है। इन सभी परेशानी को देखते हुए उन्होंने अपनी मां के लिए घर पर ही कुआं खोद दिया।
बोबीता सोरेन ने बताया कि उनकी मां एनीमिया से पीड़ित हैं और वह बहुत कमजोर हैं। उन्होंने बताया कि मैं अपनी मां को चिलचिलाती धूप में रोजाना पानी लाते देखती हूं, जिसके लिए उन्हें बहुत मेहनत करनी पड़ती है। यह सब देखते हुए मैंने कुआं खोदने की योजना बनाई। उन्होंने राजनीतिक विज्ञान से एमए किया है और फिलहाल बीएड की पढ़ाई कर रही हैं।
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बोबीता सोरेन ने बताया कि उनकी मां एनीमिया से पीड़ित हैं और वह बहुत कमजोर हैं। उन्होंने बताया कि मैं अपनी मां को चिलचिलाती धूप में रोजाना पानी लाते देखती हूं, जिसके लिए उन्हें बहुत मेहनत करनी पड़ती है। यह सब देखते हुए मैंने कुआं खोदने की योजना बनाई। उन्होंने राजनीतिक विज्ञान से एमए किया है और फिलहाल बीएड की पढ़ाई कर रही हैं।
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उन्होंने 2019 के अंत में ही कुआं खोदना शुरू कर दिया था। तब वह अपने छात्रावास से घर आई थीं। लेकिन बाद में वह दोरारा चली गई थीं। इस बीच लॉकडाउन के चलते उनका कॉलेज और हॉस्टल बंद हो गया जिससे वह फिर से घर लौट आईं। इसके बाद उन्होंने अपना पूरा समय कुआं खोदने में दिया।
उन्होंने बताया कि उनके पिता और भाई ने रस्सियों को कसकर बांध दिया था जिसकी मदद से वह हर दिन नीचे तक खुदाई करने में कामयाब रहीं। यह सबकुछ पिछले दो साल और तीन सप्ताह में हुआ। इस दौरान उनकी एक बहन ने भी मिट्टी को बाहर निकाले में मदद की। उनके घर की स्थिति ठीक नहीं है इसलिए उन्होंने खुद ही इस काम को अंजाम दिया।
उन्होंने बताया कि उनके पिता और भाई ने रस्सियों को कसकर बांध दिया था जिसकी मदद से वह हर दिन नीचे तक खुदाई करने में कामयाब रहीं। यह सबकुछ पिछले दो साल और तीन सप्ताह में हुआ। इस दौरान उनकी एक बहन ने भी मिट्टी को बाहर निकाले में मदद की। उनके घर की स्थिति ठीक नहीं है इसलिए उन्होंने खुद ही इस काम को अंजाम दिया।
उनके पिता हापना सोरेन एक फैक्ट्री में काम करते हैं। जबकि भाई एक ड्राइवर है। वहीं उनकी बड़ी बहन एक कपड़े की दुकान पर काम करती हैं। बता दें कि अब यह खबर फैलते ही स्थानीय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उनके घर पहुंचे हैं।
क्षेत्रीय विधायक और आसनसोल दुर्गापुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष तापस बनर्जी ने कहा कि जब हमने कुएं को देखा तो हम आवाक रह गए। उन्होंने आश्वासन दिया है कि बाकी की खुदाई प्रशासन करवाएगा और इसे 30 फीट गहरा कुआं बनाएग ताकि परिवार को उचित पेयजल मिल सके। वह इसके लिए राशि का भुगतान भी करेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि वह बबीता सोरेन को एक लैपटॉप देंगे और उसे नौकरी देने की भी कोशिश करेंगे।
क्षेत्रीय विधायक और आसनसोल दुर्गापुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष तापस बनर्जी ने कहा कि जब हमने कुएं को देखा तो हम आवाक रह गए। उन्होंने आश्वासन दिया है कि बाकी की खुदाई प्रशासन करवाएगा और इसे 30 फीट गहरा कुआं बनाएग ताकि परिवार को उचित पेयजल मिल सके। वह इसके लिए राशि का भुगतान भी करेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि वह बबीता सोरेन को एक लैपटॉप देंगे और उसे नौकरी देने की भी कोशिश करेंगे।