{"_id":"63db0339596854776a210769","slug":"woman-can-dissolve-marriage-through-khula-in-family-court-2023-02-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"मद्रास हाईकोर्ट: परिवार कोर्ट में 'खुला' के जरिये निकाह भंग कर सकती है महिला, कोर्ट ने प्रमाण पत्र किया रद्द","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
मद्रास हाईकोर्ट: परिवार कोर्ट में 'खुला' के जरिये निकाह भंग कर सकती है महिला, कोर्ट ने प्रमाण पत्र किया रद्द
Thu, 02 Feb 2023 10:02 PM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, चेन्नई।
एजेंसी, चेन्नई।
Published by: Jeet Kumar
Updated Thu, 02 Feb 2023 10:02 PM IST
सार
अपनी पत्नी को जारी खुला प्रमाण पत्र रद्द कराने के लिए कोर्ट पहुंचे एक व्यक्ति की याचिका पर जस्टिस सी सरवनन ने शरीयत परिषद, तमिलनाडु तौहीद जमात की ओर से 2017 में जारी किए गए प्रमाण पत्र को रद्द कर दिया।
विज्ञापन
मद्रास हाईकोर्ट
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अपनी पत्नी को जारी खुला प्रमाण पत्र रद्द कराने के लिए कोर्ट पहुंचे एक व्यक्ति की याचिका पर जस्टिस सी सरवनन ने शरीयत परिषद, तमिलनाडु तौहीद जमात की ओर से 2017 में जारी किए गए प्रमाण पत्र को रद्द कर दिया। इस मौके पर मद्रास हाईकोर्ट ने कहा कि एक मुस्लिम महिला को शरीयत परिषद जैसे किसी निजी निकाय के बजाय पारिवारिक न्यायालय में जाकर ‘खुला’ के माध्यम से अपने विवाह को भंग करने का अधिकार है।
विज्ञापन
न्यायमूर्ति सी सरवनन ने माना कि निजी निकायों द्वारा ऐसे प्रमाणपत्र अमान्य हैं। गौरतलब है कि तमिलनाडु के तौहीद जमात की शरीयत परिषद से 2017 में उसकी पत्नी द्वारा प्राप्त प्रमाण पत्र को रद्द करने के लिए 2019 में एक व्यक्ति अब्दुल द्वारा याचिका दायर की गई थी।
विज्ञापन
2013 में शादी करने वाले इस जोड़े का एक बच्चा है। अब्दुल की पत्नी ने 2016 में उसे छोड़ दिया था। याचिकाकर्ता ने अपनी दलील में तर्क दिया था कि 1975 के तमिलनाडु सोसायटी पंजीकरण अधिनियम के तहत पंजीकृत परिषद के पास इस तरह के प्रमाण पत्र जारी करने का कोई अधिकार नहीं था।
विज्ञापन