{"_id":"6a2e7c7fc3cdb3c2660e2b4e","slug":"will-pm-modi-convey-to-trump-india-s-condemnation-of-killing-of-indian-sailors-in-us-attack-cong-2026-06-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Congress: PM मोदी ट्रंप के सामने अमेरिकी हमले में भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा उठाएंगे? कांग्रेस का सवाल","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Congress: PM मोदी ट्रंप के सामने अमेरिकी हमले में भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा उठाएंगे? कांग्रेस का सवाल
Sun, 14 Jun 2026 03:33 PM IST
Pavan
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: Pavan
Updated Sun, 14 Jun 2026 03:33 PM IST
सार
कांग्रेस की यह प्रतिक्रिया उस घटनाक्रम के बाद आई है जिसमें अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से बातचीत के दौरान कहा कि अमेरिका द्वारा लागू की गई होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी का उल्लंघन और ईरानी तेल का अवैध परिवहन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन
जयराम रमेश, कांग्रेस सांसद
- फोटो : ANI
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की इस सप्ताह होने वाली मुलाकात से पहले कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस ने सवाल उठाया है कि क्या प्रधानमंत्री मोदी ओमान तट के पास एक जहाज पर हुए अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा ट्रंप के सामने मजबूती से उठाएंगे। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जल्द ही अपने 'स्वयं घोषित अच्छे मित्र' राष्ट्रपति ट्रंप से मिलने वाले हैं। ऐसे में देश के नागरिक यह जानना चाहते हैं कि क्या मोदी अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत पर भारत की कड़ी आपत्ति दर्ज कराएंगे। साथ ही उन्होंने यह भी पूछा कि क्या मोदी अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो द्वारा विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ बातचीत में इस्तेमाल की गई कथित 'धमकी भरी और अस्वीकार्य भाषा' का मुद्दा भी उठाएंगे।
यह भी पढ़ें- Rahul Gandhi: भारतीय नाविकों की मौत पर राहुल गांधी ने उठाए सवाल, कहा- कोई भी संप्रभु देश ऐसी भाषा नहीं सहता
जैमीसन ग्रीर के भारत दौरे पर साधा निशाना
जयराम रमेश ने कहा कि अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर भी जल्द भारत आने वाले हैं ताकि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिया जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि फरवरी 2026 में घोषित अंतरिम व्यापार समझौते के ढांचे के तहत मोदी सरकार ने ऐसे बड़े समझौते किए हैं जो भारतीय किसानों और उद्योगों के हितों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकते हैं। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा ट्रंप प्रशासन के टैरिफ ढांचे को निरस्त किए जाने के बाद मलेशिया जैसे देशों ने अमेरिका के साथ अपने व्यापार समझौतों को अमान्य घोषित कर दिया है। इसके बावजूद भारत सरकार ने न तो इस व्यापार समझौते पर पुनर्विचार किया है और न ही अमेरिकी दावों का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दावा किया है कि भारत अगले पांच वर्षों में अमेरिका से 500 अरब डॉलर का सामान खरीदेगा, जिससे अमेरिकी आयात लगभग दोगुना हो जाएगा।
विज्ञापन
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि की यात्रा करनी चाहिए स्थगित- रमेश
कांग्रेस सांसद ने आगे कहा कि रुबियो-जयशंकर वार्ता, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले और व्यापार समझौते की कथित असमान शर्तों को देखते हुए भारत को कम से कम अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि की प्रस्तावित यात्रा स्थगित कर देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कोई भी स्वाभिमानी देश अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए केवल फोन कॉल और प्रेस विज्ञप्तियों तक सीमित नहीं रहता। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की मुलाकात बुधवार को फ्रांस में होने वाले जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान होगी। दोनों नेताओं की यह मुलाकात ऐसे समय में हो रही है जब ओमान तट के पास अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई में भारतीय नाविकों की मौत और भारत-अमेरिका संबंधों में हालिया तनाव चर्चा का विषय बने हुए हैं।
यह भी पढ़ें- Hyderabad: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर हैदराबाद में CJP का प्रदर्शन, सोनम वांगचुक भी शामिल हुए
जयशंकर ने अमेरिकी हमलों पर कड़ा विरोध दर्ज कराया
अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, रुबियो ने सभी वाणिज्यिक जहाजों से अमेरिकी बलों के निर्देशों का तत्काल पालन करने को कहा है। इससे पहले जयशंकर ने अमेरिकी हमलों में भारतीय नागरिकों की मौत पर कड़ा विरोध दर्ज कराया था। भारत ने नई दिल्ली में अमेरिकी प्रभारी राजदूत जेसन मीक्स को तलब कर स्पष्ट किया कि भारतीय चालक दल वाले वाणिज्यिक जहाजों पर घातक हमले स्वीकार्य नहीं हैं। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने बाद में आरोप लगाया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से निकलने वाले भारतीय जहाजों पर ड्रोन हमलों के पीछे ईरान का हाथ है और इसे पूरी तरह अस्वीकार्य बताया। भारतीय नाविकों की मौत और व्यापारिक संबंधों को लेकर बढ़ते विवाद के बीच अब सभी की निगाहें मोदी-ट्रंप मुलाकात पर टिकी हैं, जहां इन संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें- Rahul Gandhi: भारतीय नाविकों की मौत पर राहुल गांधी ने उठाए सवाल, कहा- कोई भी संप्रभु देश ऐसी भाषा नहीं सहता
विज्ञापन
जैमीसन ग्रीर के भारत दौरे पर साधा निशाना
जयराम रमेश ने कहा कि अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर भी जल्द भारत आने वाले हैं ताकि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिया जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि फरवरी 2026 में घोषित अंतरिम व्यापार समझौते के ढांचे के तहत मोदी सरकार ने ऐसे बड़े समझौते किए हैं जो भारतीय किसानों और उद्योगों के हितों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकते हैं। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा ट्रंप प्रशासन के टैरिफ ढांचे को निरस्त किए जाने के बाद मलेशिया जैसे देशों ने अमेरिका के साथ अपने व्यापार समझौतों को अमान्य घोषित कर दिया है। इसके बावजूद भारत सरकार ने न तो इस व्यापार समझौते पर पुनर्विचार किया है और न ही अमेरिकी दावों का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दावा किया है कि भारत अगले पांच वर्षों में अमेरिका से 500 अरब डॉलर का सामान खरीदेगा, जिससे अमेरिकी आयात लगभग दोगुना हो जाएगा।
विज्ञापन
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि की यात्रा करनी चाहिए स्थगित- रमेश
कांग्रेस सांसद ने आगे कहा कि रुबियो-जयशंकर वार्ता, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले और व्यापार समझौते की कथित असमान शर्तों को देखते हुए भारत को कम से कम अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि की प्रस्तावित यात्रा स्थगित कर देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कोई भी स्वाभिमानी देश अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए केवल फोन कॉल और प्रेस विज्ञप्तियों तक सीमित नहीं रहता। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की मुलाकात बुधवार को फ्रांस में होने वाले जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान होगी। दोनों नेताओं की यह मुलाकात ऐसे समय में हो रही है जब ओमान तट के पास अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई में भारतीय नाविकों की मौत और भारत-अमेरिका संबंधों में हालिया तनाव चर्चा का विषय बने हुए हैं।
यह भी पढ़ें- Hyderabad: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर हैदराबाद में CJP का प्रदर्शन, सोनम वांगचुक भी शामिल हुए
जयशंकर ने अमेरिकी हमलों पर कड़ा विरोध दर्ज कराया
अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, रुबियो ने सभी वाणिज्यिक जहाजों से अमेरिकी बलों के निर्देशों का तत्काल पालन करने को कहा है। इससे पहले जयशंकर ने अमेरिकी हमलों में भारतीय नागरिकों की मौत पर कड़ा विरोध दर्ज कराया था। भारत ने नई दिल्ली में अमेरिकी प्रभारी राजदूत जेसन मीक्स को तलब कर स्पष्ट किया कि भारतीय चालक दल वाले वाणिज्यिक जहाजों पर घातक हमले स्वीकार्य नहीं हैं। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने बाद में आरोप लगाया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से निकलने वाले भारतीय जहाजों पर ड्रोन हमलों के पीछे ईरान का हाथ है और इसे पूरी तरह अस्वीकार्य बताया। भारतीय नाविकों की मौत और व्यापारिक संबंधों को लेकर बढ़ते विवाद के बीच अब सभी की निगाहें मोदी-ट्रंप मुलाकात पर टिकी हैं, जहां इन संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।