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Elections 2022: क्या पंजाब में पीएम की सुरक्षा में चूक को यूपी और उत्तराखंड में मुद्दा बनाएगी भाजपा? नफा-नुकसान का ऐसा है गणित
सार
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पंजाब में हुई प्रधानमंत्री की सुरक्षा चूक को भाजपा निश्चित तौर पर चुनावी मुद्दा बनाएगी। अब उत्तर प्रदेश में उसका कितना नफा नुकसान होगा यह कहना मुश्किल है।
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पीएम मोदी की सुरक्षा में भारी चूक का मामला।
- फोटो : ANI
विस्तार
पंजाब में प्रधानमंत्री की विजिट के दौरान हुई सुरक्षा चूक आने वाले विधानसभा के चुनावों में भाजपा बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन रही है। भाजपा जहां कांग्रेस को घेरते हुए चुनावी राज्यों में आक्रामक रूप से अभी हो रही है। वहीं, कांग्रेस के नेता इसको राजनीतिक स्टंट बता रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा इसको चुनावी मुद्दा बनाकर उत्तर भारत के राज्यों खासकर जिन राज्यों में चुनाव है वहां पर भावनात्मक तौर पर लोगों को जोड़ सकती है। हालांकि, राजनीतिक तौर पर इसका कितना नफा नुकसान होगा, इसको लेकर राजनैतिक विश्लेषकों की अलग-अलग राय है।
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प्रधानमंत्री की सुरक्षा में हुई चूक को लेकर जिस तरीके से भाजपा आगे बढ़ रही है, वह आने वाले विधानसभा के चुनावों में बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनना तय माना जा रहा है। राजनैतिक विश्लेषक और चुनावी सर्वे करने वाली एक बड़ी संस्था से जुड़े घनश्याम त्यागी कहते हैं कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा में हुई चूक एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। त्यागी का कहना है कि भाजपा इसको राज्यों के हिसाब से ना सिर्फ मुद्दा बनाएगी, बल्कि उसको भावनात्मक रूप से जोड़कर भी आगे ले जाएगी।
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वो कहते हैं कि एक बात तो बिल्कुल सही है कि पंजाब में जिस तरीके से प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक हुई वह निश्चित तौर पर जांच का विषय है। अगर लापरवाही हुई है तो जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। वह मानते हैं कि यह मुद्दा राजनीति का नहीं है, लेकिन चुनाव के मौसम में इस सेंसेटिव मामले पर राजनीति ना हो ऐसा संभव भी नहीं है। उनका कहना है कि पंजाब में जिस तरीके की राजनैतिक पिच तैयार की जा रही है उससे न सिर्फ पंजाब बल्कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड इन तीन राज्यों में प्रमुख रूप से पॉलीटिकल बैटिंग तो की ही जाएगी। उनका कहना है इसका राजनीतिक लाभ कितना मिलेगा इसका जरूर आकलन किया जाना चाहिए।
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वह कहते हैं कि सारा मामला अब कांग्रेस को घेरने से शुरू होकर भावनात्मक रूप से लोगों को जोड़ने तक का है। ऐसे में पंजाब में तो कांग्रेस को घेरा जा सकता है, लेकिन उत्तर प्रदेश में यह चीज लागू नहीं होती। वह कहते हैं कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस आज की तारीख में उस स्थिति में नहीं है कि उसको कटघरे में खड़ा करके राज्य में चुनाव की दशा दिशा तय की जाए। ऐसे में उत्तर प्रदेश में भावनात्मक रूप से लोगों को जोड़ा जा सकता है, जबकि पंजाब में सुरक्षा में हुई लापरवाही के तौर पर कांग्रेस को घेरा जा रहा है। उत्तराखंड के लिए भी यही चीज लागू होती है, क्योंकि वहां पर कांग्रेस विपक्ष की बड़ी पार्टी है। इसलिए भाजपा के पास इस चुनाव में प्रधानमंत्री की सुरक्षा में हुई चूक एक बड़ा मुद्दा सामने है।
पटियाला की पंजाबी यूनिवर्सिटी में राजनीति शास्त्र के पूर्व प्रवक्ता सरदार हरभजन सिंह कहते हैं कि जिस तरीके से प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक हुई है उसको बिल्कुल नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। मामले की हाई लेवल जांच होनी चाहिए, जो हो भी रही है। अगर देश के प्रधानमंत्री की सुरक्षा में लापरवाही हुई है तो निश्चित तौर पर जिम्मेदारों के ऊपर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
प्रोफेसर हरभजन सिंह कहते हैं कि इस घटना को बिल्कुल राजनैतिक रूप नहीं दिया जाना चाहिए, लेकिन वह इस बात से भी इनकार करते हैं कि इस घटना का राजनीतिकरण नहीं हो रहा है। प्रोफेसर सिंह का कहना है कि जिस तरीके से प्रधानमंत्री की सुरक्षा में हुई चूक का मुद्दा जोर शोर से आगे बढ़ रहा है वह विधानसभा के चुनाव वाले राज्यों में राजनीतिक मुद्दा ही बन रहा है।
वो कहते हैं कि भाजपा कांग्रेस को न सिर्फ खेल रही है, बल्कि लोगों की जनभावनाओं को भी इसमें जोड़ रही है। प्रोफेसर सिंह कहते हैं कि राजनीति में जन भावनाओं के साथ जुड़े हुए मुद्दे चुनावी दशा दिशा पर असर डालते हैं। खास तौर से देश के प्रधानमंत्री की सुरक्षा से जुड़ा हुआ जब मसला हो तो उसका असर पड़ना स्वाभाविक हो जाता है।
इस पूरे मुद्दे पर भाजपा के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा में हुई चूक कोई राजनीतिक मसला नहीं है। यह कांग्रेस की सोची समझी साजिश है और रणनीति है। इसलिए भाजपा का एक-एक कार्यकर्ता इस घटना से आहत है। नेता का कहना है कि सिर्फ भाजपा का कार्यकर्ता ही नहीं देश का हर नागरिक इस बात को लेकर चिंतित है कि देश के प्रधानमंत्री की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ नहीं हो सकता।
वह मानते हैं कि जांच रिपोर्ट में सभी स्पष्ट हो जाएगा कि किस स्तर पर लापरवाही हुई है। भाजपा का एक-एक कार्यकर्ता कांग्रेस पार्टी की इस लापरवाही को जन जन तक पहुंच जाएगा। वहीं, इस पूरे मसले पर पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी समेत पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने पूरे मामले को महज राजनीतिक ड्रामा करार दिया।
कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि भाजपा इस पूरे मामले पर राजनीति करके सिर्फ खुद को छोटा दिखाने की कोशिश कर रही है, क्योंकि प्रधानमंत्री की सुरक्षा में कोई लापरवाही हुई नहीं है ऐसे में उसको इस तरीके से प्रचारित करके ना तो वोट मिलने वाला है ना ही भावनात्मक रूप से वह किसी को जोड़ कर बहला फुसला सकते हैं।