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क्या बीसीसीआई और भारतीय ओलम्पिक संघ भी करेंगे चीनी कंपनियों का बहिष्कार?

Sun, 21 Jun 2020 04:30 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Sun, 21 Jun 2020 04:30 PM IST
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Will BCCI and Indian Olympic Association boycott Chinese companies
china Products Boycott - फोटो : PTI (File)

लद्दाख के गलवां घाटी में हुई खूनी झड़प के बाद दोनों देशों के बीच संबंधों में तनातनी चल रही है। केंद्र सरकार के अलावा व्यापारी संगठनों ने भी चीनी वस्तुओं के बहिष्कार की आवाज उठाई है। कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने अब बीसीसीआई और भारतीय ओलम्पिक संगठन से चीनी कंपनियों की स्पॉन्सरशिप को रद्द करने की अपील की है।

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इसके अलावा कैट ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों और राजनैतिक दलों से भी चीनी सामान का बहिष्कार करने के लिए शुरू किए गए राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा बनने का आह्वान किया है।

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कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल का कहना है कि इस बाबत दूसरे संगठनों से भी समर्थन मांगा गया है। यह एक राष्ट्रीय मुद्दा है। सभी दलों को मिलकर चीन के धोखे और कायरता का जवाब देना है।
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कैट ने चीनी उत्पादों का बहिष्कार करने की तैयारी पूरी कर ली है। गुरुवार को कैट ने सिनेमा और खेल जगत की बड़ी हस्तियों के नाम एक खुला पत्र जारी किया था। आमिर खान, सलमान खान, दीपिका पादुकोण, कैटरीना कैफ, विराट कोहली और अन्य लोगों से अपील की गई थी कि वे चीनी उत्पादों के विज्ञापन करना बंद कर दें।


साथ ही अमिताभ बच्चन, अक्षय कुमार, शिल्पा शेट्टी, माधुरी दीक्षित, महेंद्र सिंह धोनी, सचिन तेंदुलकर और अन्य लोगों से चीनी उत्पादों का बहिष्कार करने के लिए 'भारतीय सम्मान-हमारा अभिमान' में शामिल होने का आह्वान किया गया था।

अब अगली कड़ी में देश के सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को एक पत्र भेजा गया है। इसमें कैट ने मुख्यमंत्रियों से समर्थन मांगा है कि वे समर्थन अपील जारी कर चीनी उत्पादों का बहिष्कार करें। जब पूरा देश चीन की तरफ से भारतीय सैनिकों के साथ की गई बर्बरतापूर्ण कार्रवाई के विरोध में उबल रहा है, तो आप सभी को इस अभियान में शामिल होना चाहिए।

कैट ने देश के सभी राजनीतिक दलों को भी एक पत्र भेजकर राष्ट्र के साथ खड़े होने और अभियान के पक्ष में समर्थन अपील जारी करने का आग्रह किया है। कैट ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से मांग की है कि वह चीनी ब्रांड विवो की स्पॉन्सरशिप सहित अन्य किसी भी चीनी कंपनी से किए गए ऐसे समझौते को तुरंत रद्द करें।

भारतीय ओलंपिक संघ से भी किसी भी चीनी कंपनियों की स्पॉन्सरशिप को समाप्त किए जाने की मांग की गई है।


कैट ने केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से आग्रह किया है कि ई-कॉमर्स व्यापार के नियमों में संशोधन करके प्रत्येक ई-कॉमर्स पोर्टल को यह निर्देशित किया जाए कि वह अनिवार्य रूप से अपने प्लेटफॉर्म पर बेचे जाने वाले प्रत्येक उत्पाद के साथ यह जरूर लिखे कि वह किस देश में बना है।

देश में अधिकांश ई-कॉमर्स पोर्टल चीनी सामान बेच रहे हैं, यह बात बहुत से उपभोक्ताओं को पता तक नहीं है।


कैंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा, केंद्र सरकार से चीनी कंपनियों को दिए गए सभी सरकारी अनुबंधों को रद्द करने की मांग की है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से भी महाराष्ट्र और चीन की 3 कंपनियों के साथ हुए समझौते को रद्द करने की अपील भी की है।

अब समय आ गया है कि भारतीय बाजार पर नियंत्रण और कब्जा करने के लिए चीन की कुटिल नीति को नाकाम कर दिया जाए। चीन के खिलाफ पूरे देश में आक्रोश और पीड़ा बढ़ रही है।



भारतीय लोगों की भावनाओं का सम्मान राजनीतिक बिरादरी और अन्य संस्थानों द्वारा किया जाना चाहिए। इससे चीन पर भारत की निर्भरता को कम किया जा सकेगा। हालाँकि यह काम रातोंरात नहीं होगा और इस अभियान में व्यापारी समुदाय, छोटे उद्योगों व बड़े उद्योग सहित, केंद्र एवं राज्य सरकारों को मिलकर एक साझा रणनीति बनाने की जरूरत है।

कैट के अभियान का पहला चरण 31 दिसंबर, 2021 तक जारी रहेगा, जिसमें चीन से 1 लाख करोड़ रुपये का आयात कम करने का लक्ष्य रखा गया है।

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