आतंकियों का पनाहगाह पाकिस्तान, ओबामा भी कर चुके हैं स्वीकार, भारत में हुए इन हमलों में रहा सीधा हाथ
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भारत में पाकिस्तान की तरफ से आतंकियों की घुसपैठ कराने के बारे में सारी दुनिया जानती है। ये बात जगजाहिर है कि पाकिस्तान आतंकियों के लिए एक सुरक्षित पनाहगाह है। पाकिस्तान में लश्कर-ए-तैयबा का सरगना हाफिज सईद खुलेआम घूमता है। इसके अलावा ऐसे आतंकियों की लंबी फेहरिस्त है, जिन पर पाकिस्तान की सेना का हाथ है और वे मुल्क में आराम से रह रहे हैं। पड़ोसी देश इन आतंकियों को लगातार भारत में हमलों को अंजाम देने के लिए सीमा पार करवाता रहता है।
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भारत में पाकिस्तान की तरफ से आतंकियों की घुसपैठ कराने के बारे में सारी दुनिया जानती है। ये बात जगजाहिर है कि पाकिस्तान आतंकियों के लिए एक सुरक्षित पनाहगाह है। पाकिस्तान में लश्कर-ए-तैयबा का सरगना हाफिज सईद खुलेआम घूमता है। इसके अलावा ऐसे आतंकियों की लंबी फेहरिस्त है, जिन पर पाकिस्तान की सेना का हाथ है और वे मुल्क में आराम से रह रहे हैं। पड़ोसी देश इन आतंकियों को लगातार भारत में हमलों को अंजाम देने के लिए सीमा पार करवाता रहता है।
साल 2008 में हुआ मुंबई हमला हो या फिर पठानकोट हमला, इन सबके तार पाकिस्तान से जरूर जुड़ते हैं। यहां पलने वाले जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठन भारत में हमेशा हमले की फिराक में रहते हैं। ताजा मामला जम्मू-कश्मीर का है, जहां नगरोटा में भारतीय सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में जैश-ए-मोहम्मद के चार आतंकियों को ढेर किया है। ये आतंकी घाटी में होने वाले डीडीसी चुनाव से पहले इसे दहलाना चाहते थे।
ओबामा ने भी स्वीकारा पाकिस्तान के आतंकियों से हैं संबंध
ओबामा ने लिखा है कि हालांकि पाकिस्तान सरकार ने आतंकवाद विरोधी कई अभियानों में हमारे साथ सहयोग किया और अफगानिस्तान में हमारे बलों के लिए अहम आपूर्ति मार्ग मुहैया कराया, लेकिन यह खुला रहस्य था कि पाकिस्तान की सेना, खासकर उसकी खुफिया सेवाओं में कुछ तत्वों के तालिबान और संभवत: अलकायदा से भी संबंध थे। वे यह सुनिश्चित करने के लिए सामरिक पूंजी के तौर पर कभी-कभी उनका इस्तेमाल करते थे कि अफगान सरकार कमजोर बनी रहे और अफगानिस्तान पाकिस्तान के सबसे बड़े दुश्मन भारत के नजदीक न आने पाए।
उन्होंने लिखा कि पाकिस्तान की सेना एबटाबाद परिसर से कुछ ही मील की दूरी पर थी, जिसके कारण इस बात की संभावना बढ़ गई थी कि पाकिस्तानियों को कुछ भी बताने से अभियान की जानकारी लीक हो सकती है। ओबामा ने लिखा कि वे एबटाबाद में भले ही कोई भी विकल्प चुनते, उन्हें सबसे खतरनाक तरीके से अपने सहयोगी के क्षेत्र में बिना अनुमति घुसना पड़ता और इससे राजनयिक संबंध भी दाव पर लगे थे तथा इसने जटिलताएं भी बढ़ा दी थीं।
खुद के देश में हुए आतंकी हमलों के बाद भी नहीं सुधरता पाकिस्तान
आइए जानते हैं हाल के कुछ बड़ें आतंकी हमलों के बारे में जिसमें सीधे तौर पर रहा पाकिस्तान का हाथ...