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Maharashtra: 'वर्चुअल बकरीद' की अपील क्यों नहीं? नितेश राणे का पर्यावरणविदों-पशु अधिकार कार्यकर्ताओं से सवाल

Tue, 03 Jun 2025 09:12 AM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Tue, 03 Jun 2025 09:12 AM IST
सार

नितेश राणे ने पूछा, 'कुछ लोग हमें पर्यावरण संबंधी चिंताओं का हवाला देते हुए त्योहारों के दौरान पटाखे या रंग न खेलने की सलाह देते हैं। अब वे कहां चले गए हैं? बकरीद के वर्चुअल उत्सव के लिए कोई आह्वान क्यों नहीं किया गया? वे पशु प्रेमी कहां हैं, जो होली या दिवाली जैसे त्योहारों के वर्चुअल उत्सव की अपील करते हैं।' 

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Why no appeal for virtual Bakri Eid: Nitesh Rane to environmentalists, animal rights activists
नितेश राणे - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने सोमवार को पर्यावरणविदों और पशु अधिकार कार्यकर्ताओं पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि उन्होंने 'वर्चुअल' बकरीद मनाने की अपील क्यों नहीं की? उन्होंने आरोप लगाया कि वे केवल होली और दिवाली जैसे त्योहारों को निशाना बनाकर अपने चुनिंदा दृष्टिकोण को बढ़ावा देते हैं। 

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राज्य के मत्स्य पालन और बंदरगाह विकास मंत्री राणे ने संवाददाताओं से बात करते हुए कहा, 'ये पशु प्रेमी पशु अधिकारों के नाम पर चुनिंदा अपील करते हैं। वे बकरीद से पहले ऐसा क्यों नहीं कहते? यह हिंदू राष्ट्र है। यदि डॉ. अंबेडकर की ओर से तैयार किया गया संविधान हिंदुओं पर लागू होता है तो यह मुसलमानों पर भी समान रूप से लागू होना चाहिए। कोई शरिया कानून लागू नहीं होगा।' 
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'समुदाय के धार्मिक नेताओं को आगे आना चाहिए'
उन्होंने यह भी पूछा कि मुस्लिम समुदाय पर्यावरण के अनुकूल तरीके से बकरीद मनाने के विचार का समर्थन करने के लिए एक साथ क्यों नहीं आ सकता है। इससे अनावश्यक मुद्दों पर रोक लगेगी। हिंदुओं को अपने समाज में प्रतिबंधों का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि निर्धारित नियमों और कानूनों का पालन किए बिना बकरों की बलि दी जाती है तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।  उन्होंने कहा कि पर्यावरण के अनुकूल बकरीद की अपील समुदाय के धार्मिक नेताओं से की जानी चाहिए, ताकि पशु प्रेमी संतुष्ट महसूस करें। 
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जल टैक्सी परियोजना पर भी बोले
नवी मुंबई हवाई अड्डे को मुंबई से जोड़ने के लिए जल टैक्सी परियोजना पर बोलते हुए राणे ने कहा कि उन्होंने अधिकारियों की एक बैठक की है। उन्होंने कहा कि वे इस तरह की सेवाओं को अन्य तटीय जिलों तक विस्तारित करना चाहते हैं। 

'कांग्रेस का विधायक था, राहुल गांधी मुझसे कभी नहीं मिले'
उन्होंने कांग्रेस के नेताओं को राहुल गांधी से मिलने में आने वाली कठिनाइयों के बारे में निर्दलीय एमएलसी सत्यजीत तांबे की टिप्पणी पर भी कटाक्ष किया। राणे ने दावा किया, '2014 से 2019 तक मैं कांग्रेस का विधायक था। राहुल गांधी मुझसे कभी नहीं मिले। उन्होंने मुझे अपना चेहरा भी नहीं दिखाया। तांबे ने जो कहा वह सच है। भले ही वह कांग्रेस अध्यक्ष थे, लेकिन उन्होंने कभी भी हमारे जैसे नेताओं के लिए समय नहीं निकाला।'


तांबे के बयान का पूरी तरह से समर्थन
उन्होंने कहा, 'भाजपा दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है। फिर भी मैं 10 मिनट में अपने पार्टी अध्यक्ष या मुख्यमंत्री से मिलने का समय ले सकता हूं। भाजपा की सफलता के पीछे यही एक कारण है। दुर्भाग्य से राहुल गांधी ऐसा नहीं करते। मैं तांबे के बयान का पूरी तरह से समर्थन करता हूं।'

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