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युवा जोश, महिलाओं और बुजुर्गों का दम, वीवीपैट समेत इन मायनों में खास रहा 2019 आम चुनाव
Sun, 26 May 2019 12:35 PM IST
Prachi Priyam
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Prachi Priyam
Updated Sun, 26 May 2019 12:35 PM IST
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क्यों खास रहा लोकसभा चुनाव 2019
- फोटो : Social Media
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2019 का लोकसभा चुनाव देश के लिए ऐतिहासिक रहा। 11 अप्रैल 2019 को पहले चरण के मतदान के साथ शुरू हुआ चुनाव सात चरणों में संपन्न हुआ। 18 मई को सातवें और अंतिम चरण का मतदान हुआ, जिसके बाद 23 मई को नतीजे आए। निर्वाचन आयोग ने चुनाव के सफल आयोजन में योगदान देने वालों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस चुनाव के खास होने के पीछे मतदाताओं की भागीदारी, चुनाव अधिकारियों की मेहनत और प्रशासन के समर्पण के साथ-साथ कई कारण हैं।
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आगे पढे़ं कि किन मायनों में खास रहा इस बार का चुनाव-
- इस बार देश के कुल 61.30 करोड़ मतदाताओं ने चुनाव में भाग लिया।
- इनमें से 29.24 करोड़ महिला मतदाता, 61.46 लाख दिव्यांग मतदाता और 18.05 लाख सर्विस वोटर थे।
- इस बार लाखों की संख्या में वरिष्ठ नागरिकों और शतायु जनों ने मतदान कर लोकतंत्र को मजबूत करने में अपनी भूमिका निभाई।
- ईवीएम और वीवीपैट मशीनों पर जनता का विश्वास कायम रखने के लिए पर्चियों का मिलान किया गया, जिसमें एक भी पर्ची गलत नहीं निकली।
- इस चुनाव को सफल बनाने में इलेक्शन मशीनरी के 12 मिलियन से भी अधिक कर्मचारियों ने अपना योगदान दिया।
- चुनाव में सीईओ, डीईओ, आरओ, एसपी समेत लाखों की संंख्या में बूथ स्तरीय अधिकारियों और वॉलंटियरों ने अपना योगदान दिया।
- भारत सरकार और राज्य सरकारों के सभी संबंधित अधिकारियों ने अपनी भूमिका निभाई।
- राजनीतिक पार्टियों, उम्मीदवारों और चुनाव आयोग के अधिकारियों के अलावा विशेष चुनाव पर्यवेक्षक, पर्यवेक्षक-जनरल, व्यय और सुगम्यता दल भी चुनाव के दौरान समर्पित रहे।
- सुरक्षित और स्वस्थ चुनाव के लिए बड़ी संख्या में सुरक्षा बल-सीआरपीएफ, पुलिस, फ्लाइंग स्क्वैड और निगरानी दल भी लगातार लगे रहे।
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