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सीबीआई छापे से खुला राज, दिल्ली सरकार के नीचे काम क्यों नहीं करना चाहते अधिकारी: आप

Sun, 12 Aug 2018 06:27 PM IST
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 12 Aug 2018 06:27 PM IST
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Why IAS Officials dont want to work under the Delhi government reveals CBI saya aap

शीर्ष आइएएस अधिकारियों से दिल्ली की केजरीवाल सरकार का टकराव लगातार बना हुआ है। रविवार को आम आदमी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि अब यह राज खुल गया है कि शीर्ष आइएएस अधिकारी दिल्ली सरकार के अधीन काम क्यों नहीं करना चाहते। 

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उन्होंने कहा कि सीबीआई ने गत बुधवार को चाणक्यपुरी के ऑफीसर्स क्लब पर छापा मारा था। इस छापे में क्लब के कैटरर के पास से कुछ शीर्ष आइएएस अधिकारियों के पासपोर्ट, वीजा, 3.66 करोड़ नकद, 20 महंगी रोलेक्स घड़ियां और आभूषण बरामद हुए हैं। इससे यह साफ होता है कि भ्रष्ट आइएएस अधिकारियों की जांच के मामले में भारी लेनदेन कर सीबीआई के कुछ अधिकारी उन्हें क्लीनचिट दे रहे हैं। 
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आप नेता के मुताबिक इनमें एक वह अधिकारी भी शामिल है जिसके खिलाफ आप ने सीएनजी फिटनेस घोटाले में शामिल होने की शिकायत की थी। लेकिन इस अधिकारी के खिलाफ पूर्व उपराज्यपाल नजीब जंग के  माध्यम से जांच नहीं होने दी गई। इस क्लब के सदस्य केवल आइएएस और सीबीआई के शीर्ष अधिकारी ही हो सकते हैं। 
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आप नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि ऑफीसर्स क्लब में इस समय कैटरिंग का काम संभाल रहा कैटरर इसके पहले सीबीआई के मुख्यालय में कैटरिंग का काम करता था। 

जाहिर है कि उसके संबंध सीबीआई अधिकारियों से हो सकते हैं। अब वही कैटरर क्लब में कैटरिंग का काम करता है। जिन आइएएस अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला होता है, उनकी जांच कर रहे सीबीआई अधिकारी तक इस कैटरर के माध्यम से पैसा पहुंचाया जाता है और आइएएस अधिकारी को क्लीन चिट दे दी जाती है।

सुप्रीम कोर्ट में पक्षकार बने आइएएस अधिकारी

Why IAS Officials dont want to work under the Delhi government reveals CBI saya aap

आप नेता ने कहा कि केंद्र और आम आदमी पार्टी के बीच पहले से ही अधिकारियों पर नियंत्रण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में मामला चल रहा है। अब इस केस में फैसला आने वाला है। इसी बीच आइएएस अधिकारियों ने कोर्ट में इस मामले में पक्षकार होने की गुजारिश की है। 

उन्होंने कहा कि ऐसा सिर्फ इसलिए किया जा रहा है क्योंकि आइएएस अधिकारी केजरीवाल सरकार के अधीन काम नहीं करना चाहते क्योंकि उन्हें पता है कि अगर ऐसा हुआ तो उन्हें जेल जाना पड़ जाएगा। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि इसके पहले जांचकर्ता संस्था एसीबी के ऊपर से दिल्ली सरकार का नियंत्रण हटा लिया गया जिससे भ्रष्ट अधिकारियों की जांच न की जा सके।

इसीलिए दिल्ली को चाहिए अपना पब्लिक सर्विस कमीशन

शुक्रवार को खत्म हुए दिल्ली विधानसभा के सत्र में दिल्ली के लिए अपना पब्लिक सर्विस कमीशन होने का प्रस्ताव पास किया गया है।

सरकार ने इस प्रस्ताव पर शीघ्र काम करने को भी कहा है जिससे इसके तहत चुने गए अधिकारी दिल्ली सरकार के नियमों के तहत काम करें और उन्हें भ्रष्ट पाए जाने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके। आम आदमी पार्टी नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि इस खुलासे के बाद यह साफ हो गया है कि दिल्ली को अपना पब्लिक सर्विस कमीशन क्यों मिलना चाहिए। 

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