{"_id":"5964832a4f1c1b9b538b46c2","slug":"why-gopal-krishna-gandhi-first-choice-for-opposition","type":"story","status":"publish","title_hn":"आखिर क्यों विपक्ष की पहली पसंद बने गोपाल कृष्ण गांधी? ","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
आखिर क्यों विपक्ष की पहली पसंद बने गोपाल कृष्ण गांधी?
amarujala.com- Written by: ऋतुराज त्रिपाठी
Updated Tue, 11 Jul 2017 01:43 PM IST
विज्ञापन
गोपालकृष्ण गांधी
विपक्ष ने गोपाल कृष्ण गांधी को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस की अगुवाई में संसद में हुई विपक्ष की बैठक में गोपाल कृष्ण गांधी के नाम पर सर्वसम्मति से यह फैसला लिया गया। गौरतलब है कि गांधी का नाम पहले राष्ट्रपति पद के लिए भी सामने आया था। लेकिन बीजेपी की तरफ से दलित उम्मीदवार उतारे जाने के बाद विपक्ष को अपनी रणनीति बदलनी पड़ी।
विज्ञापन
बता दें कि गोपालकृष्ण राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के पड़पोते हैं और पश्चिम बंगाल के राज्यपाल रहे हैं। गांधी को चुनने की एक वजह यह भी है कि वो गुजरात से संबंध रखते हैं। उनकी उम्मीदवारी से पीएम मोदी के लिए राजनैतिक रूप से सहज रह पाना आसान नहीं होगा। गांधी के कांग्रेस से अच्छे संबंध हैं। सपा और बसपा भी उनको पसंद करती है। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के तौर पर उनकी कार्यशैली की ममता बनर्जी भी प्रशंसक रही हैं । यही वजह है कि गोपाल कृष्ण गांधी विपक्ष की पहली पसंद हैं।
विज्ञापन