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France: कौन है नाइल, जिसकी मौत के बाद जल रहे फ्रांस के शहर? जानें पुलिस ने 17 साल के किशोर को क्यों मारी गोली
Sat, 01 Jul 2023 03:39 PM IST
शिवेंद्र तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिवेंद्र तिवारी
Updated Sat, 01 Jul 2023 03:39 PM IST
सार
फ्रांस में मंगलवार को ट्रैफिक नियम तोड़ने के आरोप में ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने एक किशोर नाइल की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद देशभर में हिंसक प्रदर्शन शुरू हो गए। प्रदर्शन में शामिल लोगों का दावा है कि नाइल का अल्पसंख्यक होना उनकी हत्या की एक वजह थी।
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फ्रांस में किशोर नाइल की हत्या के बाद हिंसा
- फोटो : AMAR UJALA
विस्तार
फ्रांस इन दिनों हिंसा की आग में झुलस रहा है। मंगलवार को राजधानी पेरिस के पास 17 वर्षीय एक युवक को ट्रैफिक पुलिस द्वारा गोली मारे जाने के बाद देश में में हिंसा भड़क उठी। हालात इतने खराब हो चुके हैं बीते चार दिनों में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन दो बार आपातकालीन बैठक बुला चुके हैं। गृह मंत्री ने कहा है कि वह आपातकाल की आशंकाओं को भी खारिज नहीं कर रहे हैं।
कई शहर धू-धू कर जल रहे हैं। सरकार सुरक्षा बलों की अधिक तैनाती कर रही है। इस बीच जानना जरूरी है कि आखिर फ्रांस में हिंसा हो क्यों रही है? घटनाओं की शुरुआत के बाद से अब तक क्या हुआ? स्थिति से निटपने के लिए सरकार क्या कर रही है? क्या देश में आपातकाल लगाने जैसी स्थिति बन गई है? प्रदर्शनकारी क्या आरोप लगा रहे हैं? आइए जानते हैं...
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कई शहर धू-धू कर जल रहे हैं। सरकार सुरक्षा बलों की अधिक तैनाती कर रही है। इस बीच जानना जरूरी है कि आखिर फ्रांस में हिंसा हो क्यों रही है? घटनाओं की शुरुआत के बाद से अब तक क्या हुआ? स्थिति से निटपने के लिए सरकार क्या कर रही है? क्या देश में आपातकाल लगाने जैसी स्थिति बन गई है? प्रदर्शनकारी क्या आरोप लगा रहे हैं? आइए जानते हैं...
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फ्रांस में किशोर नाइल की हत्या के बाद हिंसा
- फोटो : AMAR UJALA
फ्रांस में हिंसा क्यों हो रही है?
राजधानी पेरिस के उपनगर नानतेरे में मंगलवार को ट्रैफिक नियम तोड़ने के आरोप में ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने एक किशोर नाइल को गोली मार दी। इससे उसकी मौत हो गई। नाइल को पॉइंट ब्लैंक रेंज से छाती में गोली मारी गई। पहले पुलिस ने दावा किया कि किशोर ने पुलिसकर्मियों पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की, जिस पर पुलिस ने गोली चलाई। हालांकि, घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस का दावा गलत निकला।
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि पीली मर्सिडीज में बैठे नाइल को एक चेक प्वाइंट पर दो ट्रैफिक पुलिसकर्मी रोकते हैं। आगे जब वह अपनी कार आगे बढ़ाने की कोशिश करता है तो एक पुलिसकर्मी नाइल को कहता है कि तुम्हारे गर्दन में गोली मार दूंगा।
इसी बीच, साथी पुलिसकर्मी दूसरे पुलिसकर्मी को कहता है कि इसे मार दो। इतना कहते ही पुलिसकर्मी ने फायरिंग कर दी। किशोर को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। यह खबर फैलते ही लोगों का गुस्सा भड़क गया।
आरोपी पुलिस को जेल भेज दिया गया है। नानतेरे अभियोजक पास्कल प्राचे ने कहा कि अधिकारी ने अपने हथियार का इस्तेमाल करके गैरकानूनी काम किया। वह फिलहाल हत्या के लिए औपचारिक जांच का सामना कर रहा है और उसे हिरासत में रखा गया है।
राजधानी पेरिस के उपनगर नानतेरे में मंगलवार को ट्रैफिक नियम तोड़ने के आरोप में ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने एक किशोर नाइल को गोली मार दी। इससे उसकी मौत हो गई। नाइल को पॉइंट ब्लैंक रेंज से छाती में गोली मारी गई। पहले पुलिस ने दावा किया कि किशोर ने पुलिसकर्मियों पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की, जिस पर पुलिस ने गोली चलाई। हालांकि, घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस का दावा गलत निकला।
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि पीली मर्सिडीज में बैठे नाइल को एक चेक प्वाइंट पर दो ट्रैफिक पुलिसकर्मी रोकते हैं। आगे जब वह अपनी कार आगे बढ़ाने की कोशिश करता है तो एक पुलिसकर्मी नाइल को कहता है कि तुम्हारे गर्दन में गोली मार दूंगा।
इसी बीच, साथी पुलिसकर्मी दूसरे पुलिसकर्मी को कहता है कि इसे मार दो। इतना कहते ही पुलिसकर्मी ने फायरिंग कर दी। किशोर को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। यह खबर फैलते ही लोगों का गुस्सा भड़क गया।
आरोपी पुलिस को जेल भेज दिया गया है। नानतेरे अभियोजक पास्कल प्राचे ने कहा कि अधिकारी ने अपने हथियार का इस्तेमाल करके गैरकानूनी काम किया। वह फिलहाल हत्या के लिए औपचारिक जांच का सामना कर रहा है और उसे हिरासत में रखा गया है।
फ्रांस में किशोर नाइल की हत्या के बाद हिंसा
- फोटो : AMAR UJALA
कौन है नाइल जिनकी हत्या हुई?
17 साल के नाइल अल्जीरियाई और मोरक्कन मूल के फ्रांसीसी नागरिक थे। वह फिलहाल सेंट्रल पेरिस से 15 मिनट की दूरी पर स्थित नानतेरे में रह रहे थे। उनकी दादी ने बताया कि वह मैकेनिक बनना चाहते थे। नाइल एक स्थानीय रग्बी टीम में भी खेलते थे जो एक फ्रांसीसी संघ, ओवले सिटोयेन का हिस्सा थी।
नाइल के परिवार के एक वकील ने बताया कि उनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था। लेकिन नानतेरे के शीर्ष अभियोजक पास्कल प्राचे ने कहा कि पुलिस के लिए किशोर यातायात नियमों का पालन न करने के लिए जाने जाते थे और ऐसी घटना के लिए उन्हें सितंबर में किशोर अदालत में समन किया गया था।
17 साल के नाइल अल्जीरियाई और मोरक्कन मूल के फ्रांसीसी नागरिक थे। वह फिलहाल सेंट्रल पेरिस से 15 मिनट की दूरी पर स्थित नानतेरे में रह रहे थे। उनकी दादी ने बताया कि वह मैकेनिक बनना चाहते थे। नाइल एक स्थानीय रग्बी टीम में भी खेलते थे जो एक फ्रांसीसी संघ, ओवले सिटोयेन का हिस्सा थी।
नाइल के परिवार के एक वकील ने बताया कि उनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था। लेकिन नानतेरे के शीर्ष अभियोजक पास्कल प्राचे ने कहा कि पुलिस के लिए किशोर यातायात नियमों का पालन न करने के लिए जाने जाते थे और ऐसी घटना के लिए उन्हें सितंबर में किशोर अदालत में समन किया गया था।
घटना के बाद से अब तक क्या हुआ?
नाइल की हत्या के बाद प्रदर्शनकारी सड़क पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों के हाथों में 'पुलिस की हत्या' लिखी तख्तियां थी। प्रदर्शनकारी नाइल की मौत के लिए देश में नस्लीय पूर्वाग्रह को जिम्मेदार मान रहे हैं। यही कारण है कि देश में विरोध भड़क गया और सैकड़ों सरकारी इमारतें क्षतिग्रस्त हो गई।
शुरुआत में गुस्साए लोगों ने पथराव आगजनी शुरू कर दी। कई वाहनों में आग लगा दी गई। नानतेरे शहर में प्रदर्शनकारियों ने आगजनी की। धीरे-धीरे हिंसा देश के अलग-अलग हिस्सों में फैल गई है। बसों में आग लगा दी गई है। फ्रांस के दक्षिणी शहर तोलाउस में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच पथराव हुआ।
हिंसा शुरू होने के तीसरे दिन शुक्रवार को फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने दूसरी बार आपातकालीन बैठक बुलाई। एक चिंताजनक घटनाक्रम में मार्सिले शहर की सबसे बड़ी लाइब्रेरी में दंगाइयों ने तोड़फोड़ की और आग लगा दी।
शनिवार को भी जगह-जगह दंगे और प्रदर्शन देखने को मिले। लगातार बढ़ता विरोध खतरनाक रूप लेता जा रहा है। कहीं पुलिस पर गोलीबारी, कहीं बैंक को उड़ा दिया गया। कई जगह दंगाइयों ने बसों में आग लगा दी। इस नस्लीय हिंसा का असर दूसरे देशों में भी दिखने लगा है।
नाइल के समर्थन में दक्षिण अफ्रीका में भी प्रदर्शन हो रहा है। यहां के छोटे से क्षेत्र केयेन में आसपास के क्षेत्र में प्रदर्शन के दौरान घने काले धुएं के गुबार उठते देखे गए, जिससे सड़कें धुंधली हो गईं। यहां सुरक्षा बल प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश कर रहे थे। जानकारी के मुताबिक, दंगाइयों ने एप्पल स्टोर में भी लूटपाट की।
नाइल की हत्या के बाद प्रदर्शनकारी सड़क पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों के हाथों में 'पुलिस की हत्या' लिखी तख्तियां थी। प्रदर्शनकारी नाइल की मौत के लिए देश में नस्लीय पूर्वाग्रह को जिम्मेदार मान रहे हैं। यही कारण है कि देश में विरोध भड़क गया और सैकड़ों सरकारी इमारतें क्षतिग्रस्त हो गई।
शुरुआत में गुस्साए लोगों ने पथराव आगजनी शुरू कर दी। कई वाहनों में आग लगा दी गई। नानतेरे शहर में प्रदर्शनकारियों ने आगजनी की। धीरे-धीरे हिंसा देश के अलग-अलग हिस्सों में फैल गई है। बसों में आग लगा दी गई है। फ्रांस के दक्षिणी शहर तोलाउस में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच पथराव हुआ।
हिंसा शुरू होने के तीसरे दिन शुक्रवार को फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने दूसरी बार आपातकालीन बैठक बुलाई। एक चिंताजनक घटनाक्रम में मार्सिले शहर की सबसे बड़ी लाइब्रेरी में दंगाइयों ने तोड़फोड़ की और आग लगा दी।
शनिवार को भी जगह-जगह दंगे और प्रदर्शन देखने को मिले। लगातार बढ़ता विरोध खतरनाक रूप लेता जा रहा है। कहीं पुलिस पर गोलीबारी, कहीं बैंक को उड़ा दिया गया। कई जगह दंगाइयों ने बसों में आग लगा दी। इस नस्लीय हिंसा का असर दूसरे देशों में भी दिखने लगा है।
नाइल के समर्थन में दक्षिण अफ्रीका में भी प्रदर्शन हो रहा है। यहां के छोटे से क्षेत्र केयेन में आसपास के क्षेत्र में प्रदर्शन के दौरान घने काले धुएं के गुबार उठते देखे गए, जिससे सड़कें धुंधली हो गईं। यहां सुरक्षा बल प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश कर रहे थे। जानकारी के मुताबिक, दंगाइयों ने एप्पल स्टोर में भी लूटपाट की।
France
- फोटो : Social Media
स्थिति से निटपने के लिए सरकार क्या कर रही है?
पूरे फ्रांस के अलग-अलग शहरों में गश्त करने के लिए 40,000 से अधिक पुलिस अधिकारियों को तैनात किया गया है। इस बीच फ्रांसीसी सरकार का कहना है कि किशोर की हत्या के बाद चौथी रात हुए दंगों में 1,311 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 200 से अधिक पुलिस अधिकारी घायल हुए हैं। अकेले पेरिस में 5,000 सुरक्षाकर्मी तैनात किये गये थे। फ्रांसीसी गृह मंत्री जेरार्ड दार्मैनिन ने कहा, 'अधिकारियों को दंगे को रोकने, गिरफ्तारियां करने और गणतांत्रिक व्यवस्था बहाल करने की शक्तियां दी गईं हैं।'
पूरे फ्रांस के अलग-अलग शहरों में गश्त करने के लिए 40,000 से अधिक पुलिस अधिकारियों को तैनात किया गया है। इस बीच फ्रांसीसी सरकार का कहना है कि किशोर की हत्या के बाद चौथी रात हुए दंगों में 1,311 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 200 से अधिक पुलिस अधिकारी घायल हुए हैं। अकेले पेरिस में 5,000 सुरक्षाकर्मी तैनात किये गये थे। फ्रांसीसी गृह मंत्री जेरार्ड दार्मैनिन ने कहा, 'अधिकारियों को दंगे को रोकने, गिरफ्तारियां करने और गणतांत्रिक व्यवस्था बहाल करने की शक्तियां दी गईं हैं।'
फ्रांस की प्रधानमंत्री एलिजाबेथ बोर्न
- फोटो : सोशल मीडिया
क्या देश में आपातकाल लगाने जैसी स्थिति बन गई है?
फ्रांसीसी प्रधानमंत्री एलिजाबेथ बॉर्न ने कहा है कि सरकार व्यवस्था बहाल करने के लिए सभी विकल्पों पर विचार कर रही है, जिसमें आपातकाल की घोषणा करना भी शामिल है। वहीं, देश के गृह मंत्री दार्मैनिन ने कहा है कि वह आपातकाल की आशंकाओं को भी खारिज नहीं कर रहे हैं। देश में 60 वर्षों में चार बार आपातकाल लगाया जा चुका है।
गृह मंत्री ने कहा कि अगर हालात बिगड़ते हैं तो गृह मंत्रालय अपनी शक्तियों की स्थिति को और बढ़ाने के लिए तैयार है। इसमें आपातकाल का भी विकल्प है। उन्होंने बताया कि 2005 में हुए दंगों के दौरान 10वें दिन इसकी घोषणा की गई थी।
फ्रांसीसी प्रधानमंत्री एलिजाबेथ बॉर्न ने कहा है कि सरकार व्यवस्था बहाल करने के लिए सभी विकल्पों पर विचार कर रही है, जिसमें आपातकाल की घोषणा करना भी शामिल है। वहीं, देश के गृह मंत्री दार्मैनिन ने कहा है कि वह आपातकाल की आशंकाओं को भी खारिज नहीं कर रहे हैं। देश में 60 वर्षों में चार बार आपातकाल लगाया जा चुका है।
गृह मंत्री ने कहा कि अगर हालात बिगड़ते हैं तो गृह मंत्रालय अपनी शक्तियों की स्थिति को और बढ़ाने के लिए तैयार है। इसमें आपातकाल का भी विकल्प है। उन्होंने बताया कि 2005 में हुए दंगों के दौरान 10वें दिन इसकी घोषणा की गई थी।
मैक्रॉन
- फोटो : Twitter@
राष्ट्रपति मैक्रॉन ने क्या प्रतिक्रिया दी है?
फ्रांसीसी सरकार 2005 की पुनरावृत्ति से बचने के लिए काम कर रही है, जब तीन सप्ताह के दंगों के बीच दो किशोर लड़कों की मौत के कारण आपातकाल की स्थिति पैदा हो गई थी। देश के हालात को देखते हुए मैक्रॉन ने ब्रुसेल्स में शुक्रवार तक चलने वाले यूरोपीय परिषद शिखर सम्मेलन में हिस्सा नहीं लिया।
राष्ट्रपति ने फ्रांस में जश्न मनाने वाले कार्यक्रमों और कई समारोहों सहित सभी बड़े पैमाने पर कार्यक्रमों पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने माता-पिता से अपने बच्चों को घर पर रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हिरासत में लिए गए लगभग 900 लोगों में से एक तिहाई युवा हैं।
मैक्रॉन ने हिंसा को रोकने में मदद के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों का भी आह्वान किया है। उन्होंने टिकटॉक और स्नैपचैट से सबसे संवेदनशील सामग्री को वापस लेने और उन उपयोगकर्ताओं की पहचान करने के लिए कहा है जो अव्यवस्था पैदा करने या हिंसा को बढ़ावा देने के लिए सोशल नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहे हैं।
फ्रांसीसी सरकार 2005 की पुनरावृत्ति से बचने के लिए काम कर रही है, जब तीन सप्ताह के दंगों के बीच दो किशोर लड़कों की मौत के कारण आपातकाल की स्थिति पैदा हो गई थी। देश के हालात को देखते हुए मैक्रॉन ने ब्रुसेल्स में शुक्रवार तक चलने वाले यूरोपीय परिषद शिखर सम्मेलन में हिस्सा नहीं लिया।
राष्ट्रपति ने फ्रांस में जश्न मनाने वाले कार्यक्रमों और कई समारोहों सहित सभी बड़े पैमाने पर कार्यक्रमों पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने माता-पिता से अपने बच्चों को घर पर रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हिरासत में लिए गए लगभग 900 लोगों में से एक तिहाई युवा हैं।
मैक्रॉन ने हिंसा को रोकने में मदद के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों का भी आह्वान किया है। उन्होंने टिकटॉक और स्नैपचैट से सबसे संवेदनशील सामग्री को वापस लेने और उन उपयोगकर्ताओं की पहचान करने के लिए कहा है जो अव्यवस्था पैदा करने या हिंसा को बढ़ावा देने के लिए सोशल नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहे हैं।
फ्रांस में किशोर नाइल की हत्या के बाद हिंसा
- फोटो : SOCIAL MEDIA
प्रदर्शनकारी क्या आरोप लगा रहे हैं?
विरोध प्रदर्शन में शामिल लोगों का दावा है कि नाइल का अल्पसंख्यक होना उसकी हत्या की एक वजह थी। उन्होंने फ्रांस में अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ पुलिस भेदभाव का आरोप लगाया। एमनेस्टी इंटरनेशनल जैसे अधिकार समूहों ने फ्रांसीसी पुलिस पर जातीय भेदभाव का आरोप लगाया है और भेदभाव को दूर करने के लिए गहरे, प्रणालीगत सुधार की सिफारिश की है।
भेदभाव-विरोधी प्रचारकों का कहना है कि नाइल की मृत्यु का कारण उनकी जाति थी। शुक्रवार को एक बयान में, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त के एक प्रवक्ता ने फ्रांस से नस्लवाद और कानून प्रवर्तन में भेदभाव के गहरे मुद्दों को हल करने का आह्वान किया।
फ्रांसीसी विदेश मंत्रालय ने बाद में संयुक्त राष्ट्र की टिप्पणियों को खारिज करते हुए कहा, 'फ्रांस और उसके पुलिस बल, नस्लवाद और सभी प्रकार के भेदभाव के खिलाफ दृढ़ संकल्प के साथ लड़ते हैं। इस प्रतिबद्धता पर कोई संदेह नहीं हो सकता।'
विरोध प्रदर्शन में शामिल लोगों का दावा है कि नाइल का अल्पसंख्यक होना उसकी हत्या की एक वजह थी। उन्होंने फ्रांस में अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ पुलिस भेदभाव का आरोप लगाया। एमनेस्टी इंटरनेशनल जैसे अधिकार समूहों ने फ्रांसीसी पुलिस पर जातीय भेदभाव का आरोप लगाया है और भेदभाव को दूर करने के लिए गहरे, प्रणालीगत सुधार की सिफारिश की है।
भेदभाव-विरोधी प्रचारकों का कहना है कि नाइल की मृत्यु का कारण उनकी जाति थी। शुक्रवार को एक बयान में, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त के एक प्रवक्ता ने फ्रांस से नस्लवाद और कानून प्रवर्तन में भेदभाव के गहरे मुद्दों को हल करने का आह्वान किया।
फ्रांसीसी विदेश मंत्रालय ने बाद में संयुक्त राष्ट्र की टिप्पणियों को खारिज करते हुए कहा, 'फ्रांस और उसके पुलिस बल, नस्लवाद और सभी प्रकार के भेदभाव के खिलाफ दृढ़ संकल्प के साथ लड़ते हैं। इस प्रतिबद्धता पर कोई संदेह नहीं हो सकता।'