क्या राहुल का इस्तीफा भी ‘हुआ तो हुआ’?, आज खामोश क्यों हैं पक्के कांग्रेसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे ही दिया। इसके बाद कई तरह की बातें भी उठने लगीं। इस्तीफे के बाद कांग्रेस में प्रतिक्रियाओं का जो सूनापन दिखा, उससे लगा कि क्या राहुल का इस्तीफी भी ‘हुआ तो हुआ’ बन गया है। खुद को पक्के कांग्रेसी कहने वाले कई बड़े नेता खीमोश नजर आए।
खासतौर पर, वे नेता जो कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में और मीडिया के सामने यह रट लगाए हुए थे कि राहुल अपना इस्तीफा वापस लो, आज खामोश हैं। राहुल के इस्तीफे के बाद उन्होंने अपने ट्विटर पर एक शब्द तक नहीं लिखा। यहां तक कि राहुल के ट्वीट को रिट्वीट करना भी उचित नहीं समझा।
बुधवार को दोपहर बाद करीब 3.52 बजे राहुल गांधी ने कार्यकर्ताओं के नाम लिखी अपनी चिट्ठी ट्विटर पर पोस्ट कर दी। इसके 15-16 घंटे बाद भी कांग्रेस के कई बड़े नेताओं की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। ट्विटर पर एक्टिव रहने वाले पी चिदंबरम भी मौन थे। अभी हाल ही में राहुल गांधी से मिलकर यह कहने वाले कि आप अपना इस्तीफा वापस लें, यानी पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर पूरी तरह खामोश नजर आए।
उन्होंने भी इस बाबत अपने ट्विटर पर कुछ नहीं लिखा। ज्योतिरादित्य सिंधिया, जिनका नाम मीडिया में कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए उछला था, वे भी चुप रहे। सचिन पायलट और गुलाम नबी आजाद भी शांत दिखे। मनीष तिवारी के ट्विटर पर राहुल को लेकर कुछ नहीं लिखा था। मध्यप्रदेश के सीएम कमलनाथ और उनके पुत्र नकुल कमल नाथ के ट्विटर पर भी राहुल के इस्तीफे को जगह नहीं मिली।
पृथ्वीराज चव्हाण और तरुण गोगोई ने कुछ नहीं लिखा। गोगोई ने केवल राहुल के ट्वीट को रिट्वीट कर काम चलाया। जयराम रमेश, कपिल सिब्बल, आशा कुमारी और भूपेंद्र हुड्डा सहित कई दूसरे कांग्रेसी राहुल के इस्तीफ़े पर चुप्पी साधे थे। अभिषेक मनु सिंघवी ने लिखा, मैं इससे सहमत नहीं हूं।
राहुल को लेकर सबसे सक्रिय दिखे उमर अब्दुल्ला
जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला राहुल के इस्तीफे पर सबसे ज्यादा सक्रिय नजर आए। उन्होंने राहुल से जुड़े अनेक ट्वीट को रीट्वीट कर दिया। राजबब्बर ने लिखा, हम फिर लड़ेंगे और इस बार जरूर जीतेंगे। आनंद शर्मा ने अपने ट्विटर पर लिखा, यह हमारे लिए दुखदायक है। राहुल का यह इस्तीफा देश के करोड़ों कांग्रेसियों के दिल को छू गया है। शशि थरूर ने लिखा, यह नवीनीकरण का समय है। अहमद पटेल ने भी राहुल के इस्तीफे पर टिप्पणी की।
राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने ट्विटर पर लंबा चौड़ा भाषण पोस्ट कर दिया। उन्होंने इसमें हार जीत और जिम्मेदारी जैसी बातों पर चर्चा की। साथ ही यह उम्मीद जताई कि राहुल जल्द वापस लौटेंगे। गुरुवार सुबह प्रियंका गांधी ने अपने ट्वीट में लिखा, जो आपने किया है, वैसी हिम्मत बहुत कम लोग जुटा पाते हैं। इसके लिए बहुत सम्मान।
अजय माकन ने लिखा, राहुल ने सही निर्णय लिया है। वे करोड़ों कांग्रेसियों की आवाज बने रहेंगे। अध्यक्ष हों या नहीं, इससे फर्क नहीं पड़ता। प्रिया दत्त ने कहा, राहुल के इस निर्णय से उनके प्रति सम्मान और ज्यादा बढ़ गया है। पार्टी उनके त्याग को महसूस करेगी। उन्होंने अपनी पार्टी को फिर से खड़ा करने के लिए यह कदम उठाया है।