फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Why blue is the colour of Dalit resistance

दलित प्रदर्शन के दौरान आखिर क्यों प्रयोग किया जाता है 'नीला रंग'?

Wed, 04 Apr 2018 01:30 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 04 Apr 2018 01:30 PM IST
विज्ञापन
Why blue is the colour of Dalit resistance

सोमवार को हजारों दलितों ने SC-ST एक्ट के विरोध में पूरे भारत में प्रदर्शन किया था। इस दौरान सभी प्रदर्शनकारी नीले रंग में लिपटे नजर आए थे। किसी ने नीले रंग के कपड़े पहन रखे थे, कोई हाथ में नीले रंग का झंडा लिये था, किसी ने तो अपने पूरे शरीर को ही नीले रंग से पोत लिया था। 

विज्ञापन


ऐसे में सवाल उठा कि आखिर यह नीला रंग कहां से आया और दलित प्रदर्शन के दौरान इस रंग का प्रयोग क्यों किया जाता है। ऐसा पहली बार नहीं हुआ, जब प्रदर्शन के दौरान नीले रंग का प्रयोग हुआ, इससे पहले दलित छात्र रोहित वेमूला की सुसाइड के बाद हुए प्रदर्शन में भी नीले रंग का खूब प्रयोग किया गया था। वहीं महाराष्ट्र के भीमा-कोरंगा में हुई घटना के बाद भी नीले झंडे लहराये गए थे।
विज्ञापन


इस मामले में सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी के पूर्व प्रोफेसर रावसाहब कासबे ने कहा कि नीला रंग आसमान का प्रतीक है। आसमान किसी के साथ भेदभाव नहीं करता है। ऐसा माना जाता है कि आसमान के नीचे सभी लोग एकसमान हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


इस मामले में कई वाद प्रस्तुत किए गए हैं लेकिन दलित नीले रंग का प्रयोग क्यों करते हैं, इसके पीछे कोई स्थापित इतिहास नहीं है। 2017 में एक पेपर में छपा था कि आंबेडकर ने अपनी इंडिपेंडेंट लेबर पार्टी के लिए नीले रंग का महर झंडा बनाया था। यह झंडा दलित चेतना की पहचान करने का प्रतिनिधि था और गैर-भेदभावपूर्ण था। आपको बता दें कि महाराष्ट्र में महर सबसे बड़ा दलित संगठन है। 

वहीं नेशनल कैंपेन ऑन दलित ह्यूमन राइट्स की नेशनल कोआर्डिनेटर बीना पालिकन ने कहा कि नीला रंग बाबा साहब के नीले सूट की वजह से प्रचलन में आया।    

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed