फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Why are terrorists targeting Jammu, how will this conspiracy of Pakistani terrorists fail?

Jammu Terror Attacks: जम्मू को क्यों निशाना बना रहे आतंकी, पाकिस्तानी दहशतगर्दों की यह साजिश कैसे होगी नाकाम?

Sat, 27 Jul 2024 09:36 PM IST
Shashidhar Pathak शशिधर पाठक
Updated Sat, 27 Jul 2024 09:36 PM IST
सार

सेना के पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल बलबीर सिंह संधू कहते हैं कि यह सीमा पार बैठे दहशतगर्दों की दोहरा मोर्चा खोल देने की साजिश है। जम्मू-कश्मीर के एडीजीपी विजय कुमार इस बारे में कुछ नहीं कहना चाहते। सेना के ही एक पूर्व मेजर जनरल का कहना है कि आतंकी इस तरह की शिफ्टिंग करते रहे हैं।

विज्ञापन
Why are terrorists targeting Jammu, how will this conspiracy of Pakistani terrorists fail?
जम्मू में आतंकी नेटवर्क ध्वस्त करने का बना प्लान - फोटो : ANI

विस्तार

जम्म-कश्मीर में आतंकी हमलों में इजाफा हुआ है। इसके पीछे नियंत्रण रेखा के पार बैठे दहशतगर्दों की साजिश जिम्मेदार है। राज्य के हालात को बेहतर तरीके से समझने वाले रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि जम्मू को टारगेट करने के पीछे आतंकियों की सोची-समझी साजिश है।

विज्ञापन


सेना के पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल बलबीर सिंह संधू कहते हैं कि यह सीमा पार बैठे दहशतगर्दों की दोहरा मोर्चा खोल देने की साजिश है। जम्मू-कश्मीर के एडीजीपी विजय कुमार इस बारे में कुछ नहीं कहना चाहते। सेना के ही एक पूर्व मेजर जनरल का कहना है कि आतंकी इस तरह की शिफ्टिंग करते रहे हैं। मेजर जनरल का कहना है कि आतंकियों के आका सीमापार बैठे हैं। उनके देश में घुसपैठ की साजिश वहीं से रची जाती है। इस बार मंसूबे कोई बहुत अच्छे नहीं दिखाई दे रहे हैं।
विज्ञापन


लेफ्टिनेंट जनरल संधू कहते हैं कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद आतंकियों ने पहले कश्मीर घाटी की फिजा बिगाड़ने की कोशिश की थी, लेकिन सेना और सुरक्षा बलों की सख्ती के कारण घुसपैठ करना और आतंकी घटना को अंजाम देना उनके लिए मुश्किल हो गया था। घाटी के जिलों में चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा चाक चौबंद है, लेकिन जम्मू उन्हें सॉफ टारगेट नजर आया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


उनका कहना है कि जम्मू क्षेत्र में पहाड़ी इलाके अधिक हैं। कश्मीर घाटी की तुलना में सेना और सुरक्षा बलों की तैनाती का घनत्व काफी कम है। यहां तैनात कुछ यूनिट लद्दाख क्षेत्र में चीन से चुनौती आने के बाद भेज दी गई थी। इसके अलावा इस क्षेत्र में पहाड़ के साथ-साथ छिपने के स्थान अधिक हैं। यह क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय सीमा में आता है और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सीमा सुरक्षा बल(बीएसएफ) तैनात है। इसलिए सीमा पार बैठे दहशत गर्दों के आकाओं ने अपना तरीका बदल लिया है।

एक पूर्व मेजर जनरल नाम न छापने की शर्त पर कहते हैं कि यह बड़ी आतंकी साजिश है। इसका पर्दाफाश होने में समय लगेगा। आतंकवाद विरोधी ऑपरेशंस में काफी काम कर चुके इस पूर्व अफसर का कहना है कि जम्मू के क्षेत्र में पहले भी आतंकवादी आते थे। घुसपैठ होती थी। उनके नेटवर्क थे। एक बार फिर अब यह नेटवर्क सक्रिय होता महसूस हो रहा है। इसके अलावा क्षेत्र में आतंकियों ने घुसपैठ की है। वहां कितने दहशतगर्द हैं, कहना मुश्किल है। लगातार हो रही आतंकी घटनाओं से यही लग रहा है कि आतंकी यहां काफी पहले आए थे और जम्मू क्षेत्र में अपनी पैठ बनाना चाहते थे। इस पहाड़ी इलाके में उन्हें ढूंढना और उनके नेटवर्क को खत्म करने में थोड़ा समय लग सकता है। 


जम्मू में हो रहे आतंकी हमले का क्या असर पड़ेगा?
लेफ्टिनेंट जनरल संधू का कहना है कि आतंकवाद को जड़ से खत्म करना होगा। जिस तरह से सीमा पार बैठे आतंकियों को घुसपैठ में सफलता मिल जाती है, उसी तरह से भारतीय सेना और सुरक्षा बलों को आतंकी नेटवर्क खत्म करने, मुठभेड़ में आतंकियों को मार गिराने और घुसपैठ को नाकाम करने में महारत हासिल है। संधू का कहना है कि आतंकियों की कोशिश कश्मीर घाटी के साथ-साथ जम्मू का भी मोर्चा खोलने की है। इसके चलते हमें अंतरराष्ट्रीय बार्डर पर जवानों की संख्या बढ़ानी पड़ेगी। बीएसएफ की दो कंपनियां वहां जा रही हैं। सेना के अफसर भी ध्यान में रखकर नई योजना बनाने में जुट गए हैं। शांति क्षेत्र में तैनात सुरक्षा बलों को आतंकवाद प्रभावित क्षेत्र में तैनात करने का दबाव बढ़ेगा। इस तरह से कश्मीर घाटी से लेकर जम्मू और लद्दाख क्षेत्र तक सुरक्षा निगरानी बढ़ेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed