फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   who is nimaben acharya, who is set to become the first woman speaker of the gujarat assembly

गुजरात: कौन हैं नीमाबेन आचार्य, जो विधानसभा की पहली महिला स्पीकर बन सकती हैं

Fri, 24 Sep 2021 06:40 PM IST
प्रतिभा ज्योति न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: प्रतिभा ज्योति Updated Fri, 24 Sep 2021 06:40 PM IST
सार

भुज से विधायक नीमाबेन आचार्य, राजेंद्र त्रिवेदी की जगह ले सकती हैं, जिन्होंने 16 सितंबर को अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। यहां से इस्तीफा देकर वे मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मंत्रिमंडल में शामिल हो गए तो अध्यक्ष पद खाली हो गया। 
 

विज्ञापन
who is nimaben acharya, who is set to  become the first woman speaker of the gujarat assembly
निमाबेन आाचार्य - फोटो : Twitter : @Nimaben_BJP

विस्तार

भुज से भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ विधायक नीमाबेन आचार्य गुजरात विधानसभा की पहली महिला स्पीकर बन सकती हैं। वे चार बार विधानसभा की सदस्य रह चुकी हैं। उन्होंने अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। कांग्रेस भी उन्हें अपना समर्थन देने को तैयार है जिससे नीमाबेन का स्पीकर बनना तय माना जा रहा है। 27 और 28 सितंबर को विधानसभा के मानसून सत्र में आचार्य के निर्विरोध चुने जाने की संभावना है। एक महिला को विधानसभा अध्यक्ष बनाकर भाजपा महिला सशक्तिकरण के अपने नारे को बुलंद करेगी। इससे पहले आनंदीबेन पटेल राज्य की पहली महिला मुख्यमंत्री रह चुकी हैं।

विज्ञापन


त्रिवेदी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने और उनके मंत्रिमंडल में शामिल होने के बाद से यह पद खाली था। वे अब राजस्व के साथ-साथ भाजपा सरकार में विधायी और संसदीय कार्य मंत्री हैं। सत्र से पहले, विधानसभा सचिवालय ने नए अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव के लिए नामांकन आमंत्रित किए थे। आज त्रिवेदी ने पार्टी के मुख्य सचेतक पंकज देसाई के साथ अध्यक्ष पद के लिए नीमाबेन आचार्य और उपाध्यक्ष पद के लिए जेठा भरवाड़ के नामांकन पत्र दाखिल किए। बाद में त्रिवेदी ने मीडिया को बताया विधानसभा सचिव ने नीमाबेन और जेठा भारवाड़ दोनों के नामांकन पत्रों की जांच की और उन्हें स्वीकार कर लिया। नेता प्रतिपक्ष परेश धनानी ने भी अध्यक्ष पद  के लिए नीमाबेन के नामांकन का समर्थन किया है। 
विज्ञापन


राजनीति की शुरूआत कांग्रेस से
आचार्य इससे पहले गुजरात परिवार नियोजन परिषद की अध्यक्ष रह चुकी हैं। उन्होंने अपनी राजनीति की शुरूआत कांग्रेस से की थी और इसी पार्टी के टिकट पर 2002 और 2007 का चुनाव लड़ा था। हालांकि 2007 के राष्ट्रपति चुनाव में तत्कालीन उपराष्ट्रपति भैरोसिंह शेखावत जब निर्दलीय चुनाव में खड़े हुए थे तब उनके पक्ष में मतदान करने के कारण आचार्य को पार्टी विरोधी गतिविधि के आरोप में कांग्रेस से निलंबित कर दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


तब आचार्य के पति और छह नगरसेवकों ने कांग्रेस से भाजपा का दामन थाम लिया, तो आचार्य उनके पीछे-पीछे भगवा पार्टी में शामिल हो गईं। 2009 के लोकसभा चुनावों के दौरान पूर्व विधायक कांति अमृतिया के साथ मोरबी मजिस्ट्रेट ने उन्हें भी 
मतदाताओं को पैसे से खरीदने के जुर्म में उन्हें एक साल की जेल की सजा सुनाई थी।

हो चुका है हमला
अप्रैल 2017 में आचार्य जब एक अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए जा रही थीं तो तब उनके वाहन पर अज्ञात पुरुषों ने हमला किया था। उनकी गाड़ी पर पत्थर फेंके गए, कार का शीशा तोड़ दिया गया,  लेकिन आचार्य और उनके ड्राइवर इस हमले में बाल-बाल बच गए।

पिछली परंपरा को देखते हुए कांग्रेस समर्थन के लिए तैयार
हालांकि कांग्रेस आचार्य के नामांकन का समर्थन करने के लिए सहमत हो गई है। पार्टी ने विधानसभा की "पिछली परंपरा" का हवाला देते हुए उपाध्यक्ष पद के लिए अपना खुद का उम्मीदवार खड़ा करने का फैसला किया है। परंपरा के अनुसार, उपाध्यक्ष का पद हमेशा विपक्ष को दिया जाता था।


विपक्ष के नेता परेश धनानी ने मीडिया से कहा जब कांग्रेस सत्ता में थी तो हमने उसका पालन किया और विपक्ष को यह पद दिया। लेकिन गुजरात में सत्ता में आने के बाद से भाजपा ने इस परंपरा का कभी सम्मान नहीं किया। कांग्रेस ने पार्टी के आदिवासी समुदाय के वरिष्ठ विधायक डॉक्टर अनिल जोशीरा को उपाध्यक्ष पद के लिए मैदान में उतारने का फैसला किया है। 182 सदस्यीय विधानसभा में, कांग्रेस के सिर्फ 65 है, जबकि भाजपा के पास 112 विधायकों के साथ बहुमत है।
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed