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कर्नाटक में वोटर लिस्ट विवाद: 'फॉर्म-7 के जरिए मुस्लिम नाम हटाने की कोशिश हुई', कांग्रेस नेता लगाए गंभीर आरोप

Fri, 02 Oct 2026 10:02 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Fri, 02 Oct 2026 10:02 PM IST
सार

कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाने को लेकर विवाद सामने आया है। कांग्रेस नेता रक्षित शिवराम ने बेलथंगडी में बड़ी संख्या में फॉर्म-7 जमा किए जाने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि उजीरे में 82 आवेदन मुस्लिम मतदाताओं के नाम हटाने के लिए दिए गए। क्या इन आवेदनों के पीछे किसी की साजिश थी? क्या मतदाताओं की जानकारी का बिना अनुमति इस्तेमाल हुआ?

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Karnataka Voter List Controversy: Congress Leader Alleges Attempt to Delete Muslim Names Through Form 7
एसआईआर विवाद - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले में मतदाता सूची को लेकर चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण के बीच फॉर्म-7 के इस्तेमाल पर सवाल उठे हैं। कांग्रेस नेता रक्षित शिवराम ने आरोप लगाया कि बेलथंगडी विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं के नाम हटाने के लिए बड़ी संख्या में फॉर्म-7 जमा किए गए। उनके मुताबिक 16 मतदान केंद्रों पर कुल 279 आवेदन दिए गए। इनमें उजीरे में 82 आवेदन मुस्लिम मतदाताओं के नाम हटाने से जुड़े थे। इन आरोपों ने मतदाता सूची की प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ा दिया है।

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बेलथंगडी में कितने फॉर्म-7 जमा किए गए?
रक्षित शिवराम ने बताया कि बेलथंगडी विधानसभा क्षेत्र के 16 मतदान केंद्रों पर नाम हटाने के लिए 279 फॉर्म-7 जमा किए गए। इनमें उजीरे में 82 आवेदन मुस्लिम मतदाताओं के नाम हटाने के लिए दिए जाने का आरोप लगाया गया। शिवराम वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में बेलथंगडी से कांग्रेस उम्मीदवार रहे थे। उन्होंने कहा कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए मतदाताओं के नाम और उनके चुनावी अधिकार से जुड़े पूरे मामले की जांच जरूरी है। हालांकि, मुस्लिम मतदाताओं को निशाना बनाने का आरोप फिलहाल कांग्रेस नेता के दावे के रूप में सामने आया है।
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उजीरे के लोगों ने फॉर्म-7 को लेकर क्या दावा किया?
उजीरे और बेलथंगडी शहर के कुछ निवासियों ने दावा किया कि उनके नाम पर पहले से भरे हुए फॉर्म जमा किए गए। इन फॉर्म में मतदाताओं की पहचान से जुड़ी जानकारी और मतदाता पहचान पत्र संख्या भी दर्ज थी। लोगों का कहना है कि उनके नाम से फॉर्म जमा किए जाने की जानकारी उन्हें पहले नहीं थी। उजीरे में जमा किए गए फॉर्म को एचके सुधाकर, गीता और बालकृष्ण शेट्टी नाम के तीन लोगों से जोड़ा गया है। प्रभावित मतदाताओं ने कहा कि वे इस मामले में पुलिस शिकायत करने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि, अभी तक पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई है।
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फॉर्म-7 को लेकर चुनाव अधिकारियों ने क्या कदम उठाया?
फॉर्म-7 का इस्तेमाल मतदाता सूची में किसी नाम को हटाने के लिए आपत्ति दर्ज करने में किया जाता है। दक्षिण कन्नड़ जिले में ऐसे आवेदनों की संख्या 4,746 बताई गई है। यह संख्या कर्नाटक के जिलों में तीसरे स्थान पर है। इससे ज्यादा आवेदन बीदर और शिवमोग्गा में मिले हैं। राज्य में कुल 84,900 फॉर्म-7 आवेदन प्राप्त होने की जानकारी सामने आई है। इस बीच चुनाव अधिकारियों ने बूथ स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जरूरी भौतिक प्रमाण के बिना मतदाता का नाम हटाने वाले फॉर्म स्वीकार या आगे की प्रक्रिया में शामिल न किए जाएं।


फॉर्म-7 को लेकर विवाद इतना बड़ा क्यों है?

  • बेलथंगडी के 16 मतदान केंद्रों पर 279 फॉर्म-7 जमा किए जाने का दावा है।
  • उजीरे में 82 आवेदन मुस्लिम मतदाताओं के नाम हटाने से जुड़े होने का आरोप है।
  • कुछ मतदाताओं ने बिना जानकारी उनके नाम पर फॉर्म जमा किए जाने का दावा किया।
  • फॉर्म में मतदाता पहचान संख्या जैसी जानकारी पहले से दर्ज होने की बात कही गई।
  • दक्षिण कन्नड़ में कुल 4,746 फॉर्म-7 आवेदन मिले हैं।
  • अधिकारियों ने बिना जरूरी प्रमाण के ऐसे फॉर्म पर कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया है।


इस मामले में सबसे अहम सवाल मतदाता सूची की प्रक्रिया और फॉर्म-7 के इस्तेमाल को लेकर है। यदि किसी मतदाता के नाम से उसकी जानकारी के बिना आवेदन दिया गया है, तो उसके चुनावी अधिकार पर सीधा असर पड़ सकता है। फिलहाल प्रभावित मतदाताओं ने पुलिस शिकायत करने की बात कही है, लेकिन शिकायत दर्ज होने की पुष्टि नहीं हुई है। चुनाव अधिकारियों की ओर से भी बिना प्रमाण वाले फॉर्म पर कार्रवाई रोकने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में अब जांच और सत्यापन से ही साफ होगा कि इन आवेदनों के पीछे क्या कारण था और कितने आवेदन नियमों के मुताबिक थे।

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