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महात्मा गांधी की हत्या मामले को उठाने के लिए कमल हासन को किसने उकसाया : भाजपा
Wed, 15 May 2019 08:50 PM IST
अमर शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तूतीकोरिन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तूतीकोरिन
Published by: अमर शर्मा
Updated Wed, 15 May 2019 08:50 PM IST
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Kamal Hassan
- फोटो : twitter
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कमल हासन के "भारत का पहला चरमपंथी एक हिंदू था" टिप्पणी के बाद बढ़े सियासी पारे को और बढ़ाते हुए भाजपा ने बुधवार को कहा कि यह एक सार्वजनिक सभा में बोलने का विषय नहीं था। भाजपा ने सवाल किया कि गांधी की हत्या के वर्षों बाद इस मुद्दे को उठाने के लिए कमल हासन को किसने उकसाया।
भाजपा की राज्य इकाई के अध्यक्ष तमिलिसाई सौंदरराजन ने इस मामले पर हासन का समर्थन करने के लिए कांग्रेस पर कटाक्ष किया और कहा कि जिन्होंने अपने नेता को चरमपंथ में खो दिया, वे अब इस विवादास्पद बयान पर अभिनेता का समर्थन कर रहे हैं।
एक विवाद को हवा देते हुए, हासन ने रविवार को नाथूराम गोडसे के संदर्भ में कहा था कि "भारत का पहला चरमपंथी एक हिंदू था", जिन्होंने महात्मा गांधी की हत्या की थी।
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हासन ने तमिलनाडु के अरवाकुरिची में एक चुनावी अभियान को संबोधित करते हुआ कहा था, "मैं यह इसलिए नहीं कह रहा हूं क्योंकि यह एक मुस्लिम बहुल क्षेत्र है, लेकिन मैं गांधी की मूर्ति के सामने यह कह रहा हूं। भारत का पहला चरमपंथी एक हिंदू था, उसका नाम नाथूराम गोडसे है। यहीं से इसकी (अतिवाद, स्पष्ट रूप से) शुरूआत होती है।"
सौंदरराजन ने कहा कि आतंक का कोई धर्म नहीं होता और उन्होंने सवाल किया कि टीएनसीसी प्रमुख केएस अलागिरी और द्रविड़ कषगम नेता के वीरमणि हासन की टिप्पणियों पर जश्न मना रहे हैं।
उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, "सबसे पहले, कमल हासन को समझना चाहिए कि वह जो बोल रहे हैं वह गलत है... हम किसी भी रूप में अतिवाद को स्वीकार नहीं कर सकते हैं और ना ही करना चाहिए।"
उन्होंने स्पष्ट तौर पर दिवंगत प्रधानमंत्री राजीव गांधी के संदर्भ में कहा, "लेकिन जो चिंता का विषय है वह कुछ राजनीतिक संगठनों और नेताओं द्वारा इसका समर्थन करना है। क्योंकि, एक पार्टी जो अपने एक नेता को चरमपंथ की वजह से खो चुकी है, अब उसी के समर्थन में बोल रही है।"
राजीव गांधी को 21 मई, 1991 को एक चुनावी रैली के दौरान चेन्नई के पास श्रीपेरंबुदूर में प्रतिबंधित संगठन लिट्टे के एक आत्मघाती हमलावर ने मार दिया था। संयोग से, भारत ने मंगलवार को लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (एलटीटीई) पर तत्काल प्रभाव से पांच साल के लिए प्रतिबंध बढ़ा दिया है।
भाजपा नेता ने यह जानना चाहा कि किसने इस मुद्दे को उठाने के लिए हासन को उकसाया।
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भाजपा की राज्य इकाई के अध्यक्ष तमिलिसाई सौंदरराजन ने इस मामले पर हासन का समर्थन करने के लिए कांग्रेस पर कटाक्ष किया और कहा कि जिन्होंने अपने नेता को चरमपंथ में खो दिया, वे अब इस विवादास्पद बयान पर अभिनेता का समर्थन कर रहे हैं।
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एक विवाद को हवा देते हुए, हासन ने रविवार को नाथूराम गोडसे के संदर्भ में कहा था कि "भारत का पहला चरमपंथी एक हिंदू था", जिन्होंने महात्मा गांधी की हत्या की थी।
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हासन ने तमिलनाडु के अरवाकुरिची में एक चुनावी अभियान को संबोधित करते हुआ कहा था, "मैं यह इसलिए नहीं कह रहा हूं क्योंकि यह एक मुस्लिम बहुल क्षेत्र है, लेकिन मैं गांधी की मूर्ति के सामने यह कह रहा हूं। भारत का पहला चरमपंथी एक हिंदू था, उसका नाम नाथूराम गोडसे है। यहीं से इसकी (अतिवाद, स्पष्ट रूप से) शुरूआत होती है।"
सौंदरराजन ने कहा कि आतंक का कोई धर्म नहीं होता और उन्होंने सवाल किया कि टीएनसीसी प्रमुख केएस अलागिरी और द्रविड़ कषगम नेता के वीरमणि हासन की टिप्पणियों पर जश्न मना रहे हैं।
उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, "सबसे पहले, कमल हासन को समझना चाहिए कि वह जो बोल रहे हैं वह गलत है... हम किसी भी रूप में अतिवाद को स्वीकार नहीं कर सकते हैं और ना ही करना चाहिए।"
उन्होंने स्पष्ट तौर पर दिवंगत प्रधानमंत्री राजीव गांधी के संदर्भ में कहा, "लेकिन जो चिंता का विषय है वह कुछ राजनीतिक संगठनों और नेताओं द्वारा इसका समर्थन करना है। क्योंकि, एक पार्टी जो अपने एक नेता को चरमपंथ की वजह से खो चुकी है, अब उसी के समर्थन में बोल रही है।"
राजीव गांधी को 21 मई, 1991 को एक चुनावी रैली के दौरान चेन्नई के पास श्रीपेरंबुदूर में प्रतिबंधित संगठन लिट्टे के एक आत्मघाती हमलावर ने मार दिया था। संयोग से, भारत ने मंगलवार को लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (एलटीटीई) पर तत्काल प्रभाव से पांच साल के लिए प्रतिबंध बढ़ा दिया है।
भाजपा नेता ने यह जानना चाहा कि किसने इस मुद्दे को उठाने के लिए हासन को उकसाया।
"सभी हिंदू उनके खिलाफ हैं"
kamal hassan
सौंदरराजन ने कहा, "गांधी की हत्या को अब उठाने और उसे हिंदू चरमपंथ से जोड़ने के लिए हासन को किसने उकसाया? यह उप-चुनाव होने वाले क्षेत्र में सार्वजनिक सभा में बात करने का विषय नहीं है।"
उन्होंने कहा, "कोई कमल को गुमराह कर रहा है या उसे निर्देशित कर रहा है या वह खुद इस तरह की बचकानी टिप्पणी कर रहे हैं, हमें नहीं पता।"
अपनी पार्टी की मांग को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को उन्हें चुनाव प्रचार से रोकना चाहिए। सौंदरराजन ने उत्तरी भारत में कुछ नेताओं के खिलाफ चुनाव आयोग की इसी तरह की कार्रवाई का हवाला दिया।
भाजपा नेता ने कहा कि उन्हें राजनीतिक नेता के रूप में उन पर कोई विश्वास नहीं था क्योंकि पहले उन्होंने एक बार देश छोड़ने की धमकी दी थी जब उनकी फिल्म 'विश्वरूपम' को मुस्लिम समूहों द्वारा फिल्म में समुदाय के चित्रण को लेकर विरोध का सामना करना पड़ा था।
उन्होंने कहा, "उन्हें अपनी टिप्पणी वापस लेनी चाहिए।"
इस बीच, एक वैष्णव संत ने भी हासन की टिप्पणी के लिए उनपर निशाना साधा और चेतावनी दी कि अगर अभिनेता-राजनेता इस तरह की टिप्पणी करना जारी रखते हैं तो उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
मन्नारगुडी के चेंदलंकरा संपत कुमारा रामानुज जियार ने सवाल किया कि क्या हासन का प्रतिबंधित इस्लामिक संगठनों से साठगांठ है और इसलिए हिंदुओं के खिलाफ ऐसी टिप्पणी कर रहे हैं।
उन्होंने तिरुचिरापल्ली में संवाददाताओं से कहा, "वह अपने फायदे के लिए ऐसी बातें कह रहे हैं। वह एक अच्छे अभिनेता हैं, और अब सार्वजनिक रूप से एक्टिंग कर रहे हैं। सभी हिंदू उनके खिलाफ हैं और यदि वह इस तरह के बयानों को दोहराते हैं, तो उनका स्वतंत्र रूप से आना-जाना बाधित हो जाएगा। हम उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेंगे।"
उन्होंने कहा, "कोई कमल को गुमराह कर रहा है या उसे निर्देशित कर रहा है या वह खुद इस तरह की बचकानी टिप्पणी कर रहे हैं, हमें नहीं पता।"
अपनी पार्टी की मांग को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को उन्हें चुनाव प्रचार से रोकना चाहिए। सौंदरराजन ने उत्तरी भारत में कुछ नेताओं के खिलाफ चुनाव आयोग की इसी तरह की कार्रवाई का हवाला दिया।
भाजपा नेता ने कहा कि उन्हें राजनीतिक नेता के रूप में उन पर कोई विश्वास नहीं था क्योंकि पहले उन्होंने एक बार देश छोड़ने की धमकी दी थी जब उनकी फिल्म 'विश्वरूपम' को मुस्लिम समूहों द्वारा फिल्म में समुदाय के चित्रण को लेकर विरोध का सामना करना पड़ा था।
उन्होंने कहा, "उन्हें अपनी टिप्पणी वापस लेनी चाहिए।"
इस बीच, एक वैष्णव संत ने भी हासन की टिप्पणी के लिए उनपर निशाना साधा और चेतावनी दी कि अगर अभिनेता-राजनेता इस तरह की टिप्पणी करना जारी रखते हैं तो उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
मन्नारगुडी के चेंदलंकरा संपत कुमारा रामानुज जियार ने सवाल किया कि क्या हासन का प्रतिबंधित इस्लामिक संगठनों से साठगांठ है और इसलिए हिंदुओं के खिलाफ ऐसी टिप्पणी कर रहे हैं।
उन्होंने तिरुचिरापल्ली में संवाददाताओं से कहा, "वह अपने फायदे के लिए ऐसी बातें कह रहे हैं। वह एक अच्छे अभिनेता हैं, और अब सार्वजनिक रूप से एक्टिंग कर रहे हैं। सभी हिंदू उनके खिलाफ हैं और यदि वह इस तरह के बयानों को दोहराते हैं, तो उनका स्वतंत्र रूप से आना-जाना बाधित हो जाएगा। हम उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेंगे।"