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Onion Price: बढ़ते प्याज के दाम आखिर कब होंगे कम, ये प्लान भी नहीं आए काम; अब ये कह रही है सरकार

Wed, 13 Nov 2024 07:51 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: राहुल कुमार Updated Wed, 13 Nov 2024 07:51 PM IST
सार

Onion Price: इस साल रबी फसल में प्याज का प्रोडक्शन कम होने और मानसून में प्याज की फसल बर्बाद होने के कारण इसकी कीमतों में तेजी आई थी। लेकिन अब बाजार में खरीफ फसल के उतरने के बाद प्याज की कीमतों में गिरावट देखने को मिल सकती है। अभी देश भर में प्याज में प्याज की 54 रुपये प्रति किलो है।

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When will the rising onion prices come down, these plans also did not work
प्याज की कीमतें - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

देश में प्याज के दाम लगातार बढ़ते जा रहे है। सरकार की कोशिशों के बाद भी प्याज के रेट घटने का नाम नहीं ले रहे है। लेकिन आने वाले दिनों में आम आदमी को प्याज की बढ़ती कीमतों से राहत मिल सकती है। अगले कुछ दिनों में प्याज की कीमतों में नरमी देखने को मिल सकती है। सरकार से जुड़े सूत्रों का कहना है कि,दिवाली और छठ के चलते मंडी बंद रहने और मजदूरों की छुट्टी के कारण प्याज की कीमतों में तेजी आई है। हालांकि, अब इनकी कीमतों में नरमी आनी शुरू हो गई है और जल्द ही स्थिति में सुधार होगा।
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इस साल रबी फसल में प्याज का प्रोडक्शन कम होने और मानसून में प्याज की फसल बर्बाद होने के कारण इसकी कीमतों में तेजी आई थी। लेकिन अब बाजार में खरीफ फसल के उतरने के बाद प्याज की कीमतों में गिरावट देखने को मिल सकती है। अभी देश भर में प्याज में प्याज की 54 रुपये प्रति किलो है। बढ़ती कीमतों और त्योहारी सीजन को देखते हुए सरकार ने अक्टूबर में सब्सिडी रेट पर प्याज बेचने का फैसला लिया था। सरकार ने बफर स्टॉक में रखें प्याज को 35 रुपये प्रति किलोग्राम के सब्सिडी रेट पर बेच रही है। बावजूद इसके प्याज के रेट में कोई कमी नहीं आई है। 
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बाजार में आज भी प्याज 50 रुपए किलों ही चल रहा है। मौजूदा तेजी के बावजूद व्यापारियों को उम्मीद है कि आने वाले हफ्तों में कीमतें कम होने लगेंगी। उन्हें अगले 8-10 दिनों के भीतर प्याज की कीमतों में गिरावट की उम्मीद है, क्योंकि देश के अन्य क्षेत्रों से नई फसल की आवक, मांग की कमी को दूर कर देगी। कारोबारियों का अनुमान है कि नवंबर के अंत तक प्याज की थोक कीमत 30 रुपये/किलोग्राम के आसपास तक आ सकती हैं।
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अभी केंद्र सरकार के पास प्याज का 4.5 लाख टन बफर स्टॉक है। इसमें से 1.5 लाख टन प्याज की बिक्री हो गई है। सरकार प्याज की कीमतों को कंट्रोल करने के लिए सप्लाई की ओर ध्यान दे रही है। रेट को थामने के लिए सरकार ने पहली बार रेलवे के माध्यम से बफर स्टॉक प्याज की सप्लाई भी की। रेलवे अधिकारी ने जानकारी दी कि वह रेलवे द्वारा जारी सप्लाई तब तक चालू रखेंगे जब तक प्याज की कीमत कंट्रोल में न हो जाए।पिछले एक हफ्ते में सरकार ने रेल के जरिये 4,850 टन प्याज की सप्लाई की थी। यह सप्लाई दिल्ली, चेन्नई और गुवाहाटी में हुई है। वहीं दिल्ली के कई मंडियों में 3,170 टन प्याज की सप्लाई हुई है।


सरकार ने पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, दिल्ली आदि की जरूरतों को पूरा करने के लिए सोनीपत के कोल्ड स्टोरेज में रखी गई प्याज को उतारने का भी फैसला किया है। सरकार ने अपने एक बयान में कहा , सरकार बाजार के घटनाक्रमों से वाकिफ है और प्याज की कीमत को स्थिर करने के लिए उचित कदम उठा रही है। सहकारी संस्था नाफेड ने इस हफ्ते दिल्ली-एनसीआर के लिए दो रैक और गुवाहाटी के लिए एक रैक मंगवाया है इसी तरह, बाजार में प्याज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सड़क परिवहन के जरिये खेपों को भी बढ़ाया जाएगा।
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