शहीद की मां-पत्नी को देख राजपथ पर भावुक हुए राष्ट्रपति कोविंद, आंखों से झरझर बहे आंसू
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आंसू निकलना भावुक होने की निशानी होती है। आप किसी बात को लेकर जब भावुक हो जाते हैं या किसी के साथ अंदर तक जुड़े होते हैं तब बरबस आप भावुक हो जाते हैं। कुछ ऐसा ही नजारा था आज सुबह का भी जब राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भावुक हो गए। बरबस उनकी आंखों से आंसू छलक गए। मौका था शहीद गरुड़ कमांडो जेपी निराला को मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित करने का।
जैसे ही शहीद कमांडों की मां और पत्नी को मंच पर आमंत्रित किया गया अचानक ही कोविंद भावुक हो गए और उनकी आंखें छलक गईं। शहीद कमांडो को अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। जब एनाउंसर शहीद की मां और पत्नी को मंच पर आमंत्रित करने के दौरान निराला की साहसिक कारनामे को सुनाना शुरू किया वैसे ही देखा गया कि कोविंद भावुक हो गए और उनकी आंखें भर गईं।
शहीद की मां और पत्नी को सम्मानित करने के बाद जब वो अपनी कुर्सी पर बैठे तो उनकी आंखों में आंसू थे और वो रूमाल निकाल कर अपने आंसू पोछ रहे थे।
#AshokaChakra awarded to Late Air Force Commando JP Nirala, who lost his life in Bandipora encounter. President Kovind presents award to JP Nirala's mother and wife. #RepublicDay pic.twitter.com/S6E7pJysdP
— ANI (@ANI) January 26, 2018
आजाद भारत के इतिहास में यह पहली बार है जब किसी भारतीय वायुसेना के गरुड़ कमांडो को अशोक चक्र से नवाजा गया है। गरुड़ कमांडो जेपी निराला तीन महीने पहले विशेष ड्यूटी पर थे वो कश्मीर के हाजिन में सेना तैनात थे। उस समय ही आतंकियों से लड़ते हुए वो शहीद हुए। श्रीनगर में हुए इसी ऑपरेशन के दौरान सेना की तरफ से की गई कर्रवाई में आतंकी मसूद अजहर के भतीजा तल्हा रशीद भी मारा गया था।
बिहार के रोहतास के रहने वाले थे शहीद निराला। वे साल 2005 में वायु सेना में शामिल हुए थे। कमांडो निराला अपने माता-पिता के एकलौते बेटे थे परिवार में माता-पिता के अलावा उनकी पत्नी सुषमा और 4 साल की बेटी जिज्ञासा हैं। कमांडो ने 8 साल पहले ही सेना ज्वाइन किया था। कमांडों निराला जुलाई 2017 में विशेष ड्यूटी पर कश्मीर तैनात किए गए थे।