Manmohan Singh: जब मनमोहन सिंह ने फोन कॉल पर खत्म करा दिया था MP के तत्कालीन सीएम का अनशन, जानिए रोचक किस्सा
पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह नहीं रहे। 92 साल की उम्र में उनका दिल्ली एम्स में निधन हो गया। मनमोहन सिंह प्रखर अर्थशास्त्री थे। 2004 से 2014 तक वे प्रधानमंत्री रहे। पूर्व सीएम और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने पूर्व पीएम मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए एक किस्सा साझा किया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
डॉ. साहब ने सदैव दलगत राजनीति से ऊपर उठकर राज्यों को हरसंभव सहयोग दिया। एक बार मैं मध्यप्रदेश में किसानों की समस्या को लेकर उपवास पर बैठा तो यह उनका बड़प्पन था कि उन्होंने फोन पर तुरंत उपवास तोड़ने को कहा और समस्या के निवारण का आश्वासन दिया।
विज्ञापन
सचमुच वह महान थे, निश्चय ही उनका जाना… — Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) December 26, 2024
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने एक्स पर पोस्ट में लिखा कि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री, प्रसिद्ध अर्थशास्त्री डॉ. मनमोहन सिंह आज हमारे बीच नहीं रहे। उनका जाना देश के लिए अपूरणीय क्षति है। वे अत्यंत विनम्र, सहज और सरल थे। मुख्यमंत्री रहते हुए मुझे कई विषयों पर सदैव उनका मार्गदर्शन मिला। डॉ. साहब शुचितापूर्ण राजनीति के पर्याय थे। 90 के दशक में उनकी उदारीकरण की नीतियां भारतीय अर्थव्यवस्था को गति देने में महत्वपूर्ण स्थान रखती हैं।
शिवराज सिंह ने लिखा कि डॉ. साहब ने सदैव दलगत राजनीति से ऊपर उठकर राज्यों को हरसंभव सहयोग दिया। एक बार मैं मध्यप्रदेश में किसानों की समस्या को लेकर अनशन पर बैठा तो यह उनका बड़प्पन था कि उन्होंने फोन पर तुरंत अनशन तोड़ने को कहा और समस्या के निवारण का आश्वासन दिया। डॉ. साहब का व्यक्तित्व विजनरी था। मेरे मन में सदैव उनके प्रति श्रद्धा और सम्मान रहा। एक बार वॉशिंगटन दौरे पर एक पत्रकार ने तत्कालीन प्रधानमंत्री जी को अंडर अचीवर कहा तो मैंने तुरंत प्रतिकार किया और सम्मान पूर्वक कहा कि हमारे प्रधानमंत्री कभी अंडर अचीवर नहीं हो सकते।
केंद्रीय कृषि मंत्री ने लिखा कि मुझे एक संस्मरण याद आता है। पहले पाला को राष्ट्रीय आपदा नहीं माना जाता था और इस समस्या को लेकर मैं संघर्षरत था। यह विषय मैंने तत्कालीन प्रधानमंत्री के समक्ष रखा तो उन्होंने एक कमेटी बनाई और श्रद्धेय प्रणब मुखर्जी, शरद पवार के साथ मुझे भी उसमें स्थान दिया। कमेटी ने पाला को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया। सचमुच वह महान थे। निश्चय ही उनका जाना भारतीय राजनीति की बड़ी क्षति है। ईश्वर उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान दें। विनम्र श्रद्धांजलि।
संबंधित वीडियो
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.