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Wheat Prices: रोटी, ब्रेड, बिस्किट-कुकीज हो सकते है महंगे, इस वजह से बढ़ सकते है आटे के रेट?
Thu, 22 Aug 2024 06:59 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Thu, 22 Aug 2024 06:59 PM IST
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बढ़ रहे गेहूं के दाम।
- फोटो :
अमर उजाला
विस्तार
देश में इन दिनों में बढ़ती महंगाई ने आम आदमी को परेशान कर रखा है। कभी हरी सब्जियों के दाम बढ़ रहे तो कभी आलू-प्याज और टमाटर के रेट आसमान छूते नजर आ रहे है। ऐसे में अब आदमी की रोटी भी महंगी हो सकती है। क्योंकि बीते कुछ दिनों से गेहूं के दामों में तेजी देखी जा रही है। इसी के चलते आटे के रेट में भी बढ़ोतरी का अनुमान लगाया जा रहा है। इस बीच मिलर्स ने सरकार से गेहूं का स्टॉक जारी करने की मांग की है।दरअसल, बीते वर्ष जुलाई माह में सरकारी गेहूं की बिक्री शुरु कर दी थी। लेकिन इस बार अगस्त भी खत्म होने आ रहा है। लेकिन अब तक बिक्री के संबंध में कोई अपडेट नहीं है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि गेहूं और आटे से बनने वाले सभी प्रोडक्ट जैसे ब्रेड, मफ़िन, नूडल्स, पास्ता, बिस्किट, केक, कुकीज की कीमतों पर असर दिख सकता है।
21 अगस्त को गेहूं की कीमत लगभग 9 महीनों में अपने सर्वाधिक स्तर पर पहुंच गई है। जबकि सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 18 अगस्त 2024 को गेहूं के आटे का अधिकतम दाम 65 रुपये प्रति किलो था। औसत दाम 35.78 और न्यूनतम दाम 28 रुपये प्रति किलो रहा है। दिल्ली में आटा का दाम 32, जम्मू-कश्मीर में 41.5, हरियाणा में 33.33 और महाराष्ट्र में 43.53 रुपये प्रति किलो रहा।
कारोबारियों का कहना है कि, गेहूं की आपूर्ति हर दिन कम होती जा रही है। पिछले साल की तुलना में इस साल स्थिति थोड़ी खराब लग रही है। इसलिए सरकार को तुरंत अपने स्टाफ से गेहूं की पेशकश शुरू कर देनी चाहिए। अगर सरकार गोदामों से गेहूं का स्टॉक रिलीज नहीं करती है तो त्योहार के दौरान कीमतों में उछाल आ सकता है।
पिछले साल सरकार ने जून में अपने स्टॉक से गेहूं बेचना शुरू किया था। जून 2023 और मार्च 2024 के बीच स्टॉक से लगभग 100 लाख मीट्रिक टन की रिकॉर्ड मात्रा बेची थी। इससे आटा मिलर्स और बिस्किट निर्माताओं जैसे थोक खरीदारों को सस्ती कीमतों पर मुख्य अनाज गेहूं की आपूर्ति मिल गई थी।