{"_id":"5ce31730bdec2207626c4a8e","slug":"whatsapp-group-strengthen-bjp-this-lok-sabha-election-2019","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो लाख व्हाट्सएप ग्रुप बने भाजपा की ताकत, 5 करोड़ लोगों से किया सीधा संवाद","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
दो लाख व्हाट्सएप ग्रुप बने भाजपा की ताकत, 5 करोड़ लोगों से किया सीधा संवाद
Tue, 21 May 2019 02:38 AM IST
गौरव द्विवेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव द्विवेदी
Updated Tue, 21 May 2019 02:38 AM IST
विज्ञापन
भाजपा की व्हाट्सएप रणनीति
- फोटो : Social Media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बीते लोकसभा चुनाव में ट्विटर और फेसबुक को मुख्य हथियार बनाने वाली भाजपा ने इस बार व्हाट्सएप को प्रमुख चुनावी हथियार बनाया। अधिसूचना जारी होने से पहले पार्टी ने दो लाख व्हाट्सएप ग्रुप बनाए और हर ग्रुप में औसतन 256 सदस्य जोड़े। इसके जरिए छह महीने से लगातार 5 करोड़ लोगों से सीधा संवाद किया। बीते चुनाव में व्हाट्सएप देश में इतना लोकप्रिय नहीं था। तब पार्टी ने फेसबुक और ट्विटर से प्रचार किया। इनके जरिए यूपीए सरकार की नीतियों पर लगातार सवाल उठाए।
विज्ञापन
नतीजे आने के बाद दूसरे दलों को चुनाव प्रचार में सोशल मीडिया की अहमियत का पता चला। इसके बाद दूसरे दलों ने भी इस प्लेटफार्म का उपयोग करना शुरू किया। दूसरी ओर, भाजपा ने इस मामले में नए-नए प्रयोग किए। पार्टी के आईटी सेल से जुड़े एक वरिष्ठ कार्यकर्ता के मुताबिक, गहरे मंथन के बाद इस चुनाव में फेसबुक और ट्विटर की जगह व्हाट्सएप ग्रुप को वरीयता देने की रणनीति बनी।
विज्ञापन
करीब छह महीने पहले ही युद्ध स्तर पर दो लाख व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए। इनके जरिए विपक्ष के सभी हमलों का जवाब देने के अलावा मोदी सरकार की एक-एक उपलब्धि की जानकारी दी गई। इन्हीं ग्रुपों के जरिए नए-नए मुद्दों को भी केंद्र में लाया गया।
विज्ञापन