फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   What is the future of Chirag Paswan after the results of Bihar elections

बिहार चुनाव: खुद शहीद होकर भाजपा के काम आए चिराग पासवान

Wed, 11 Nov 2020 05:17 AM IST
Jeet Kumar हिमांशु मिश्र , नई दिल्ली।
हिमांशु मिश्र , नई दिल्ली। Published by: Jeet Kumar Updated Wed, 11 Nov 2020 05:17 AM IST
विज्ञापन
What is the future of Chirag Paswan after the results of Bihar elections
लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान - फोटो : ANI

बिहार विधानसभा चुनाव में लोजपा भले ही शहीद हो गई, मगर पार्टी ने भाजपा की गठबंधन में बड़ा भाई बनने की मुराद पूरी कर दी। लोजपा ने एक तरफ जहां एंटी इनकंबैंसी वोटों को विपक्षी महागठबंधन में जाने से रोका, वहीं दो दर्जन से अधिक सीटों पर जदयू को सीधा नुकसान पहुंचाया। हालांकि इस पूरे खेल में लोजपा को खुद अपने हाथ कुछ नहीं लगा।

विज्ञापन


चुनाव की अधिसूचना जारी होने से पहले लोजपा और भाजपा के बीच खिचड़ी पकने की बात जोरशोर से हो रही थी। इन कयासों को तब बल मिला जब लोजपा ने चुनाव में भाजपा के साथ और नीतीश के खिलाफ रणनीति बनाई।
विज्ञापन



पार्टी ने जदयू की सीटों पर उम्मीदवार उतारे। इसी दौरान बड़ी संख्या में भाजपा के बागी नेता लोजपा के टिकट पर मैदान में उतरे। तब यह भी चर्चा थी कि भाजपा ने एंटी इनकंबैंसी वोटों को विपक्षी खेमे में जाने से रोकने के लिए यह रणनीति बनाई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


नतीजे बताते हैं कि भाजपा की यह रणनीति चुनाव मैदान में काम आई। भाजपा 76 सीटें हासिल कर गठबंधन में बड़ा भाई की भूमिका हासिल करने में कामयाब रही। जदयू न सिर्फ राजग में छोटे भाई की भूमिका में आ गई, बल्कि भाजपा, राजद के बाद तीसरे नंबर की पार्टी बन गई।

इसके अलावा लोजपा ने करीब सौ सीटों पर बड़ी संख्या में नीतीश से नाराज मतदाताओं को अपने पाले में करने में सफलता हासिल की। अगर लोजपा चुनाव मैदान में नहीं होती तो इन वोटों के विपक्षी खेमे में जाने का भय था। आंकड़े बताते हैं कि करीब ढाई दर्जन सीटों पर लोजपा ने जदयू की जीत की राह रोकी। इन सीटों पर जदयू जितने मतों से हारी उससे अधिक मत लोजपा उम्मीदवारों को हासिल हुए।

आसान नहीं नीतीश की उपेक्षा
जदयू की सीटें भले ही कम हुई हैं, मगर भाजपा के लिए तत्काल नीतीश को नाराज करना आसान नहीं होगा। भाजपा सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही बनेंगे। ऐसा नहीं करने पर  लोजपा की रणनीति से पहले से ही बेहद खफा जदयू और भाजपा के बीच तनाव की लकीरें खिंच जाएंगी। चूंकि भाजपा अपने दम पर बहुमत से काफी दूर है। ऐसे में उसके लिए नीतीश की अनदेखी आसान नहीं है।


चिराग का क्या होगा?
नतीजे के बाद असली सवाल चिराग के भविष्य को ले कर है। चिराग अपने पिता की जगह केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होना चाहते हैं। इसके अलावा वह अपनी मां को दिवंगत पिता की जगह राज्यसभा भेजना चाहते हैं। इस समय जदयू लोजपा से बेहद खफा है। इसलिए सवाल उठता है कि क्या भाजपा जदयू को नाराज कर चिराग को केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह देगी?

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed