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Covid19: कितना खतरनाक है ओमिक्रॉन का XBB.1.5 वैरिएंट, क्या हमें चिंतिंत होने की जरूरत? जानें विशेषज्ञों की राय
Tue, 03 Jan 2023 11:07 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निर्मल कांत
Updated Tue, 03 Jan 2023 11:07 PM IST
सार
विशेषज्ञों ने कहा है कि ओमिक्रॉन के एक्सबीबी.1.5 वेरिएंट ने भारत सहित कई देशों की चिंता बढ़ाई है। यह वेरिएंट उन लोगों को भी संक्रमित करने की क्षमता रखता है, जिन्हें पहले वैक्सीन की खुराक मिल चुकी है।
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कोरोना का नया वैरिएंट
- फोटो : istock
विस्तार
पड़ोसी चीन में बीते कुछ समय में कोरोना ने एक बार फिर हाहाकार मचाया है। तमाम अस्पताल और स्वास्थ्य सेवाएं क्षमता ज्यादा भरी हुईं नजर आईं थी। इसे देखते हुए भारत सरकार भी अलर्ट है। चीन में कोरोना का नया वेरिएंट बीएफ.7 परेशानी की वजह बना। वहीं भारत में भी इसका एक नया वेरिएंट प्रवेश कर चुका है। ओमिक्रॉन के सब वेरिएंट एक्सएक्सबी.1.5 ने सभी की चिंता बढ़ा दी है। तीन दिन पहले गुजरात में एख शख्स इस वेरिएंट के साथ संक्रमित पाया गया।
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वहीं, मंगलवार को विशेषज्ञों ने कहा है कि ओमिक्रॉन के एक्सबीबी.1.5 वेरिएंट ने भारत सहित कई देशों की चिंता बढ़ाई है। यह वेरिएंट उन लोगों को भी संक्रमित करने की क्षमता रखता है, जिन्हें पहले वैक्सीन की खुराक मिल चुकी है। नेशनल आईएमए कोविड टास्क फोर्स के सह-अध्यक्ष डॉ. राजीव जयदेवन के मुताबिक, एक्सबीबी.1.5 एक्सबीबी का उन्नत संस्करण है, जो ओमिक्रॉन का एक पुन: संयोजक उप-वंश है। कुछ महीने पहले इसका मामला सिंगापुर में पाया गया था, बाद में भारत समेत कई देशों में इस वेरिएंट के साथ मामले सामने आए।
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भारत में पाए गए ओमिक्रॉन के एक्सबीबी.1.5 वेरिएंट को काफी खतरनाक माना जाता है। यह वेरिएंट चिंता का विषय बना हुआ है, क्योंकि यह बीक्यू1 वेरिएंट से 120 गुना तेजी से फैलता है। अमेरिका में भी कोरोना के बढ़ते मामलों के पीछे यही वेरिएंट है। इस वेरिएंट के प्रभाव को देखते हुए इससे पीड़ित मरीजों को तत्काल अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी जा रही है।
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डॉ. जयदेवन के मुताबिक, इस वेरिएंट में उन लोगों को संक्रमित करने की क्षमता है, जिन्हें पहले कोई संक्रमण था या टीकाकरण भी हुआ था। उन्होंने कहा, एक्सबीबी.1.5 ने अपने आरबीडी में स्थित एफ486पी नामक एक दुर्लभ प्रकार का म्युटेशन बनाकर इसे हासिल किया। यह ज्ञात नहीं है कि क्या यह अधिक गंभीर बीमारियों की वजह बनता है। ऐसा होने की संभावना नहीं है।
उन्होंने आगे कहा, इसके लिए निरंतर सतर्कता की जरूरत है कि क्या ये चल रहे अनुवांशिक परिवर्तन वायरस को और ज्यादा गंभीर बीमारी का कारण बनने में सक्षम बनाते हैं। भारत में नवीनतम जीनोमिक सर्विलांस डेटा एक्सबीबी खाते को बीस फीसदी दिखाते हैं, जबकि पुरान संस्करण बीए.2.75 अभी भी प्रभावी है।