अगरतला की शादी में पावर दिखाने वाले जिलाधिकारी शैलेश पद से मुक्त, बोले- जो किया, उस पर अफसोस नहीं
पश्चिमी त्रिपुरा जिले के डीएम शैलेश कुमार यादव को एक शादी समारोह में मेहमानो के साथ बदसलूकी करने खामियाजा भुगतना पड़ा। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद दबाव बढ़ने के बाद त्रिपुरा सरकार ने डॉ. शैलेश कुमार यादव को पद से हटा दिया है।
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पश्चिमी त्रिपुरा जिले के डीएम शैलेश कुमार यादव को एक शादी समारोह में मेहमानो के साथ बदसलूकी करने खामियाजा भुगतना पड़ा। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद दबाव बढ़ने के बाद त्रिपुरा सरकार ने डॉ. शैलेश कुमार यादव को पद से हटा दिया है।
डीएम शैलेश कुमार यादव के खिलाफ कोरोना गाइडलाइन्स के उल्लंघन के आरोप में एक शादी समारोह के दौरान दुर्व्यवहार करने का आरोप लगा है। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो गया था। रविवार को मुख्य सचिव मनोज कुमार को लिखे पत्र में शैलेश यादव ने उनसे अगरतला के डीएम के प्रभार से मुक्त करने का अनुरोध किया था क्योंकि इस घटना के बारे में उनसे पूछताछ चल रही है।
पद से हटाने के लिए खुद ही किया था आग्रह
यादव ने पत्र में लिखा था कि त्रिपुरा सरकार ने 26 अप्रैल 2021 की रात को हुई घटनाओं की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया है। निष्पक्ष जांच के लिए मैं खुद को पश्चिमी जिला के डीएम पद के प्रभार खुद को मुक्त करने के लिए अनुरोध करता हूं।
कानून मंत्री रतन लाल नाथ ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि मुख्य सचिव ने उनके पत्र को स्वीकार कर लिया और उन्हें जिला मजिस्ट्रेट के अपने पद से मुक्त कर दिया। उद्योग और वाणिज्य विभाग के निदेशक रवेल हमेंद्र कुमार को फिलहाल पश्चिम जिला मजिस्ट्रेट का प्रभार दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
डीएम शैलेश यादव ने 26 अप्रैल की रात को एक शादी समारोह को रोक दिया था। इस दौरान उनपर मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों, मेहमानों और पंडित जी के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगा है। उन्होंने दूल्हा और दुल्हन को भी समारोह स्थल खाली करने पर मजबूर कर दिया। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो गया।
घटना के बाद मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को इस घटना पर एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा और इस मामले की जांच के लिए दो आईएएस अधिकारियों की एक समिति गठित की गई। शुरुआती जांच में यादव ने माफी मांगी थी। उन्होंने समिति को बताया कि उन्होंने कोरोनो वायरस के प्रसार को रोकने के लिए अपने कर्तव्य के अनुसार कानून-व्यवस्था लागू की थी।