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West Bengal: विधायकों का शपथ ग्रहण असंवैधानिक, राज्यपाल ने पत्र भेजा, लग सकता है जुर्माना
Mon, 22 Jul 2024 07:29 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
एन अर्जुन, अमर उजाला ब्यूरो
एन अर्जुन, अमर उजाला ब्यूरो
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Mon, 22 Jul 2024 07:29 PM IST
सार
उपचुनाव में बरहनगर से जीतने वाली सायंतिका और भागबंगोला निर्वाचन क्षेत्र से जीतने वाले रेयात को 5 जुलाई को विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने शपथ दिलाई थी। हालांकि, राज्यपाल बोस ने उपसभापति आशीष बनर्जी को शपथ दिलाने की जिम्मेदारी सौंपी थी।
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पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस
- फोटो : ्
विस्तार
पश्चिम बंगाल में तृणमूल के दो विधायक सायंतिका बनर्जी और रेयात हुसैन सरकार का शपथ-विवाद खत्म नहीं हुआ है। दोनों विधायकों को लिखे पत्र में राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने कहा कि उन्होंने शपथ असंवैधानिक तरीके से ली है। जानकारी के मुताबिक, पत्र में सायंतिका और रेयात के विधानसभा चुनाव में भाग लेने पर संभावित सजा का भी जिक्र किया गया है। राज्यपाल बोस ने कुल 37 मुद्दों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि स्पीकर को राज्यपाल को शपथ दिलाने से रोकने का कोई अधिकार नहीं है।
पत्र में, बोस ने सायंतिका-रेयात से यह बताने के लिए कहा है कि उनकी शपथ किसने पढ़ी। उन्होंने यह भी बताया कि अगर उपसभापति उनके निर्देशानुसार शपथ नहीं पढ़ते हैं तो यह असंवैधानिक है। जानकारी के मुताबिक, इस मामले में दोनों विधायकों पर 500 रुपए का जुर्माना लग सकता है, इसकी भी जानकारी पत्र में दी गई है। सयंतिका ने कहा कि वह इस मामले की जानकारी स्पीकर को देंगी।
उपचुनाव में बरहनगर से जीतने वाली सायंतिका और भागबंगोला निर्वाचन क्षेत्र से जीतने वाले रेयात को 5 जुलाई को विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने शपथ दिलाई थी। हालांकि, राज्यपाल बोस ने उपसभापति आशीष बनर्जी को शपथ दिलाने की जिम्मेदारी सौंपी थी। बोस ने पत्र में कहा कि विधायकों के शपथ ग्रहण के संबंध में राज्यपाल के आदेश का अनुपालन नहीं करना संसदीय प्रक्रिया और संवैधानिक प्रक्रिया के खिलाफ है। संयोग से, दोनों विधायकों को शपथ दिलाने के बाद बिमान ने कहा था कि राज्यपाल का पत्र स्वीकार नहीं किया जा सकता क्योंकि विधानसभा सत्र चल रहा है। उन्होंने रूल्स ऑफ विजनेस के 2 नंबर अध्याय की धारा 5 के अनुसार सायंतिका-रेयात को शपथ दिलाई।
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पत्र में, बोस ने सायंतिका-रेयात से यह बताने के लिए कहा है कि उनकी शपथ किसने पढ़ी। उन्होंने यह भी बताया कि अगर उपसभापति उनके निर्देशानुसार शपथ नहीं पढ़ते हैं तो यह असंवैधानिक है। जानकारी के मुताबिक, इस मामले में दोनों विधायकों पर 500 रुपए का जुर्माना लग सकता है, इसकी भी जानकारी पत्र में दी गई है। सयंतिका ने कहा कि वह इस मामले की जानकारी स्पीकर को देंगी।
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उपचुनाव में बरहनगर से जीतने वाली सायंतिका और भागबंगोला निर्वाचन क्षेत्र से जीतने वाले रेयात को 5 जुलाई को विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने शपथ दिलाई थी। हालांकि, राज्यपाल बोस ने उपसभापति आशीष बनर्जी को शपथ दिलाने की जिम्मेदारी सौंपी थी। बोस ने पत्र में कहा कि विधायकों के शपथ ग्रहण के संबंध में राज्यपाल के आदेश का अनुपालन नहीं करना संसदीय प्रक्रिया और संवैधानिक प्रक्रिया के खिलाफ है। संयोग से, दोनों विधायकों को शपथ दिलाने के बाद बिमान ने कहा था कि राज्यपाल का पत्र स्वीकार नहीं किया जा सकता क्योंकि विधानसभा सत्र चल रहा है। उन्होंने रूल्स ऑफ विजनेस के 2 नंबर अध्याय की धारा 5 के अनुसार सायंतिका-रेयात को शपथ दिलाई।
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