फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   West Bengal tmc leader Sannashi Manna wear garland shoes brahmanand chakraborty hide pile of sarees

तृणमूल की सांसत: जनता के गुस्से का शिकार हो रहे नेता, किसी को पहनाई जूतों की माला तो कोई साड़ी के ढेर में छुपा

Sun, 07 Jun 2026 03:18 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Sun, 07 Jun 2026 03:18 PM IST
सार

Tmc Leaders Video: पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले में टीएमसी नेताओं से जुड़ी दो घटनाओं ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। एक नेता पुलिस से बचने के लिए साड़ियों के ढेर में छिपा मिला, जबकि दूसरे नेता को ग्रामीणों ने कट मनी के आरोप में जूतों की माला पहनाकर गांव में घुमाया। दोनों मामलों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैं। पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है और आरोपों की जांच जारी है। आइए, विस्तार से दोनों मामलों को जानते हैं...

विज्ञापन
West Bengal tmc leader Sannashi Manna wear garland shoes brahmanand chakraborty hide pile of sarees
टीएमसी नेताओं पर ये कैसी आफत? - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद तृणमूल कांग्रेस के कई नेताओं और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का सिलसिला तेज हो गया है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में कहीं भ्रष्टाचार, रंगदारी और हिंसा के आरोपों में गिरफ्तारी हो रही है, तो कहीं स्थानीय लोगों का गुस्सा सड़कों पर फूटता दिखाई दे रहा है। पश्चिम मेदिनीपुर के शालबनी से तृणमूल के पूर्व विधायक सुकुमार हाजरा को एक महिला के साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार के मामले में गिरफ्तार किया गया है।

विज्ञापन


वहीं, कोलकाता नगर निगम के वार्ड-101 के पार्षद बाप्पादित्य दासगुप्ता को कथित रंगदारी और वसूली के आरोप में पुलिस ने हिरासत में लिया है। नदिया जिले के नवद्वीप में नगरपालिका चेयरमैन बिमल कृष्ण साहा को लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। पेयजल, सफाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं में कथित अव्यवस्था से नाराज लोगों ने उनके खिलाफ चोर-चोर के नारे लगाए और अंडे फेंककर विरोध दर्ज कराया। इसी क्रम में हावड़ा के बाली विधानसभा क्षेत्र से पूर्व तृणमूल प्रत्याशी कैलाश मिश्रा को बिहार के मधुबनी से गिरफ्तार किया गया। उसके खिलाफ वसूली, मारपीट, धमकी और दबाव बनाकर काम कराने जैसे मामलों में कई प्राथमिकी दर्ज बताई जा रही हैं।  दूसरी ओर, कोलकाता नगर निगम के वार्ड-39 के पार्षद मोहम्मद जसीमुद्दीन के घर पुलिस ने एक पाक्सो मामले में पूछताछ के लिए छापा मारा। इलाके में उनके खिलाफ भी लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और अंडे फेंके।
विज्ञापन


ग्रामीणों ने पहनाई जूतों की माला

  • हावड़ा जिले के अमरदहा गांव में तृणमूल नेता संन्यासी मान्ना के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा उस समय फूट पड़ा जब उन पर सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर पैसे लेने का आरोप लगा। नाराज ग्रामीणों ने उनका सिर मुंडवा दिया, जूतों की माला पहनाई और गांव में घुमाया।
  • विज्ञापन
    विज्ञापन
  • सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उन्हें भीड़ से छुड़ाया और जांच शुरू की। इसी तरह कामारहाटी के तृणमूल विधायक मदन मित्रा के वाहन पर भी विरोधस्वरूप अंडे फेंके गए। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि क्षेत्रीय समस्याओं और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर जनप्रतिनिधि ध्यान नहीं दे रहे हैं।
     

क्या है साड़ियों के ढेर में छिपने वाला मामला?

हावड़ा के उदयनारायणपुर थाना क्षेत्र के बिलासपुर इलाके में पुलिस टीएमसी के स्थानीय नेता ब्रह्मानंद चक्रवर्ती की तलाश में पहुंची थी। स्थानीय लोगों ने उन पर सरकारी आवास योजना में कथित ‘कट मनी’ लेने और जबरन वसूली के आरोप लगाए थे। पुलिस जब उन्हें पकड़ने पहुंची तो वह एक कपड़े की दुकान के स्टोररूम में साड़ियों के बड़े ढेर के नीचे छिप गए। तलाशी के दौरान पुलिस को शक हुआ और साड़ियों के बंडल हटाए गए। इसके बाद ब्रह्मानंद चक्रवर्ती को वहीं से बाहर निकाला गया और गिरफ्तार कर लिया गया। बताया जा रहा है कि उनके खिलाफ 2021 विधानसभा चुनाव के बाद हुई राजनीतिक हिंसा से जुड़े आरोपों की भी जांच चल रही है।

ये भी पढ़ें- इंडिया गठबंधन में बैठक से पहले बढ़ा तनाव: CPIM ने कांग्रेस से मांगा जवाब, डीएमके ने किया बहिष्कार

क्यों भड़का ग्रामीणों का गुस्सा?

हावड़ा जिले के ही आमरदाहा गांव में एक अन्य टीएमसी नेता सन्यासी मन्ना के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा खुलकर सामने आया। गांव वालों का आरोप है कि वह सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर गरीब लोगों से पैसे वसूलता था। ग्रामीणों का दावा है कि उसके घर से आधार कार्ड और मनरेगा जॉब कार्ड भी मिले हैं। लोगों ने आरोप लगाया कि बिना पैसे दिए योजनाओं का लाभ नहीं मिलता था। इसी नाराजगी के बाद लोगों ने उसे पकड़ लिया।

क्या बंगाल की राजनीति में बढ़ रही है बेचैनी?

पश्चिम बंगाल में स्थानीय स्तर पर भ्रष्टाचार, कट मनी और सरकारी योजनाओं में अनियमितताओं को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। कई जगहों पर लोगों का गुस्सा स्थानीय नेताओं के खिलाफ खुलकर सामने आ रहा है। विपक्ष लगातार टीएमसी नेताओं पर भ्रष्टाचार और उगाही के आरोप लगाता रहा है। अब इन घटनाओं ने राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि जनता का बढ़ता गुस्सा आने वाले समय में बंगाल की राजनीति पर बड़ा असर डाल सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed