तीन राज्यों के चुनाव परिणाम: 9 फीसदी महिलाएं बनीं विधायक, 38 फीसदी हैं 12वीं पास
तीन नवनिर्वाचित विधानसभा में से केवल केरल में महिला विधायक की संख्या में बढ़ौतरी देखने काे मिली है। 2016 में 8 महिला विधायक चुनी गई थी, वहीं 2021 में 11।
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पश्चिम बंगाल (294 सीटों) की नवनिर्वाचित विधानसभा में पिछली बार की तुलना में इस बार कम राजनीतिक दल होंगे। आधिकारिक डाटा के मुताबिक 2016 में पश्चिम बंगाल विधानसभा में कुल 8 पार्टी के विधायक थे, वहीं इस बार केवल 3 दलों के ही प्रतिनिधि रहेंगे। वहीं तमिलनाडु और केरल विधानसभा की बात करें तो, यहां परिस्थिति पश्चिम बंगाल से बिल्कुल विपरीत है। तमिलनाडु (234 सीटों) विधानसभा में प्रतिनिधित्व करने वाले दलों की संख्या दोगुनी हो गई है। यानी 2016 में विधायक 4 दलों का प्रतिनिधित्व कर रहे थे, वहीं इस बार 8 दलों के विधायक चुनकर आए हैं। अब बात करें 140 सीटों वाली नवनिर्वाचित केरल विधानसभा की तो यहां 16 दलों के प्रतिनिधि हैं। लेकिन इन प्रतिनिधियों की कुल संख्या में केवल 9 फीसदी ही महिला विधायक हैं। जानिए पश्चिम बंगाल, केरल और तमिलनाडु में कितनी महिला विधायक चुनी गई हैं...
668 विधायकों में से केवल 63 महिलाएं
तीन नवनिर्वाचित विधानसभा में से केवल केरल में महिला विधायक की संख्या में बढ़ौतरी देखने काे मिली है। 2016 में 8 महिला विधायक चुनी गई थी, वहीं 2021 में 11। पश्चिम बंगाल की बात करें, तो यहां महिलाओं ने 40 सीटों पर अपनी पार्टी का प्रतिनिधित्व किया, जबकि 2016 में यह संख्या 41 थी। तमिलनाडु में महिला विधायकों की संख्या में उल्लेखनीय गिरावट देखने को मिली है। 2016 में यहां 21 सीटों पर महिलाओं ने चुनाव लड़ा था, वहीं 2021 में केवल 12।
राज्य के चुनावों में पिछले कई सालों से चलते आ रहा है यह चलन
बिहार विधानसभा (243 सीटों) के पिछले दो चुनावों में महिला विधायकों की संख्या काफी हद तक अपरिवर्तित रही हैं। यहां 2015 में 28 और 2020 में 26 महिलाएं चुनी गईं थी। वहीं महाराष्ट्र में 2019 में 24 और 2014 में 20 महिलाओं को विधानसभा के लिए चुना गया था।
सबसे ज्यादा 41 से 55 उम्र वाली महिलाएं बनी हैं विधायक
पश्चिम बंगाल से 14, केरल से 8 और तमिलनाडु से 5 फीसदी महिलाएं ही विधायक बनी हैं। यानी पुरुष के मुकाबले केवल 9.4 महिलाएं ही चुनाव जीती हैं। जिसमें से 38.33 बारहवीं, 40.7 स्नातक और 21 फीसदी स्नातकोत्तर पास हैं। अगर बात करें उम्र की तो 25 से 40 उम्र की 9.6, 41 से 55 उम्र की 41.3, 56 से 70 उम्र की 40.66 और 70 से अधिक उम्र की 8.33 फीसदी महिलाएं यह चुनाव जीती हैं।