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WBSSC Scam: पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी की मुश्किलें बढ़ीं, कोर्ट ने पांच अगस्त तक की हिरासत में भेजा
Wed, 03 Aug 2022 10:26 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Wed, 03 Aug 2022 10:26 PM IST
सार
ईडी हिरासत की उनकी अवधि तीन अगस्त को समाप्त हो रही थी। शिक्षक घोटाला मामले में 23 जुलाई को पार्थ मुखर्जी को गिरफ्तार किया गया था। उसके बाद अर्पिता मुखर्जी के फ्लैट से करोड़ों रुपये जब्त किए गए थे।
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WBSSC SCAM
- फोटो : ANI
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विस्तार
पश्चिम बंगाल SSC भर्ती घोटाला मामले में पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी की करीबी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी को कोलकाता सिटी सेशन कोर्ट लाया गया। कोलकाता की एक विशेष अदालत ने SSC भर्ती घोटाले के सिलसिले में पार्थ चटर्जी और उनकी करीबी अर्पिता मुखर्जी को पांच अगस्त तक प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में भेज दिया।
ईडी हिरासत की उनकी अवधि तीन अगस्त को समाप्त हो रही थी। शिक्षक घोटाला मामले में 23 जुलाई को पार्थ मुखर्जी को गिरफ्तार किया गया था। उसके बाद अर्पिता मुखर्जी के फ्लैट से करोड़ों रुपये जब्त किए गए थे। ईडी ने पार्थ के वकीलों की दलीलों का जवाब दिया।
उन्होंने कोर्ट को बताया कि अर्पिता जांच में सहयोग कर रही है, लेकिन पार्थ सहयोग नहीं कर रहे हैं। इसके अलावा ईडी ने दलील दी, वह हिरासत में लिए जाने के बाद दो दिन तक अस्पताल में रहे। उन्होंने कहा, ईडी के अधिकारियों को पार्थ से पूछताछ के लिए पर्याप्त समय नहीं मिला। ईडी पार्थ को चार दिन और अर्पिता को तीन दिन की रिमांड पर लेना चाहता थी।
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करोड़ों रुपये बरामद हुए, पर चटर्जी बोले मेरे नहीं
ममता सरकार के प्रमुख मंत्री रहे चटर्जी व उनकी करीबी अर्पिता के ठिकानों से करोड़ों रुपये और सोना जब्त किया गया था, लेकिन उन्होंने यह अपना होने से इनकार कर दिया था। इससे पहले रविवार को पार्थ चटर्जी ने दावा किया था कि ईडी की छापेमारी के दौरान बरामद रुपये उनके नहीं हैं। समय बताएगा कि उनके खिलाफ कौन साजिश कर रहा है। हालांकि, इससे पहले अर्पिता ने कहा था कि ये पैसा पूर्व मंत्री का है।
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ईडी हिरासत की उनकी अवधि तीन अगस्त को समाप्त हो रही थी। शिक्षक घोटाला मामले में 23 जुलाई को पार्थ मुखर्जी को गिरफ्तार किया गया था। उसके बाद अर्पिता मुखर्जी के फ्लैट से करोड़ों रुपये जब्त किए गए थे। ईडी ने पार्थ के वकीलों की दलीलों का जवाब दिया।
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उन्होंने कोर्ट को बताया कि अर्पिता जांच में सहयोग कर रही है, लेकिन पार्थ सहयोग नहीं कर रहे हैं। इसके अलावा ईडी ने दलील दी, वह हिरासत में लिए जाने के बाद दो दिन तक अस्पताल में रहे। उन्होंने कहा, ईडी के अधिकारियों को पार्थ से पूछताछ के लिए पर्याप्त समय नहीं मिला। ईडी पार्थ को चार दिन और अर्पिता को तीन दिन की रिमांड पर लेना चाहता थी।
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करोड़ों रुपये बरामद हुए, पर चटर्जी बोले मेरे नहीं
ममता सरकार के प्रमुख मंत्री रहे चटर्जी व उनकी करीबी अर्पिता के ठिकानों से करोड़ों रुपये और सोना जब्त किया गया था, लेकिन उन्होंने यह अपना होने से इनकार कर दिया था। इससे पहले रविवार को पार्थ चटर्जी ने दावा किया था कि ईडी की छापेमारी के दौरान बरामद रुपये उनके नहीं हैं। समय बताएगा कि उनके खिलाफ कौन साजिश कर रहा है। हालांकि, इससे पहले अर्पिता ने कहा था कि ये पैसा पूर्व मंत्री का है।