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'सीमा मित्र' पुरस्कार से सम्मानित होंगे जवान: सीएम शुभेंदु अधिकारी का एलान, ममता बनर्जी पर क्या आरोप लगाए?
Sun, 08 Nov 2026 04:12 PM IST
अमन मौर्या
पीटीआई, हिंगलगंज, पश्चिम बंगाल
पीटीआई, हिंगलगंज, पश्चिम बंगाल
Published by: अमन मौर्या
Updated Sun, 08 Nov 2026 04:12 PM IST
सार
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने घोषणा की है कि राज्य सरकार 2027 से सीमा सुरक्षा के लिए बीएसएफ, एसएसबी और पुलिस जवानों को 'सीमा मित्र' पुरस्कार से सम्मानित करेगी। उन्होंने पिछली सरकार पर जवानों के प्रति अपमानजनक टिप्पणियों का आरोप लगाकर माफी भी मांगी।
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शुभेंदु अधिकारी, मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को घोषणा की कि उनकी सरकार 2027 से सीमा सुरक्षा से जुड़े बेहतरीन कार्यों के लिए बीएसएफ (सीमा सुरक्षा बल), एसएसबी (सशस्त्र सीमा बल) और राज्य पुलिस के जवानों को 'सीमा मित्र' पुरस्कार देगी। उन्होंने कहा कि पुरस्कार के लिए योग्य कर्मियों का चयन करने के लिए एक समिति गठित की जाएगी।
उत्तर 24 परगना जिले के बांग्लादेश सीमा से सटे हिंगलगंज इलाके में सीमा सुरक्षा बल के जवानों को संबोधित करते हुए सीएम शुभेंदु ने कहा, 'हम अगले साल से बीएसएफ, एसएसबी और पश्चिम बंगाल पुलिस के जवानों को 'सीमा मित्र' पुरस्कार देंगे।' मुख्यमंत्री दिवाली और काली पूजा के अवसर पर जवानों के बीच हिंगलगंज स्थित बीएसएफ की सीमा चौकी पहुंचे थे। बता दें कि बीएसएफ भारत-बांग्लादेश सीमा की सुरक्षा करता है, जबकि एसएसबी के जवान नेपाल और भूटान से लगती सीमाओं पर तैनात हैं।
सीएम ने जवानों से क्यों मांगी माफी?
शुभेंदु अधिकारी ने पिछली सरकार पर बीएसएफ और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'राज्य का मुख्यमंत्री होने के नाते मैं बीएसएफ और सीआरपीएफ के प्रति पिछली सरकार की अपमानजनक टिप्पणियों और व्यवहार के लिए आपसे माफी मांगता हूं।'
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उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पिछली टीएमसी सरकार ने पश्चिम बंगाल में भारत-बांग्लादेश सीमा के करीब 600 किलोमीटर हिस्से पर बाड़ लगाने के लिए बीएसएफ को आवश्यक जमीन उपलब्ध नहीं कराई थी। अधिकारी ने बताया कि राज्य में भाजपा सरकार बनने के तुरंत बाद बाड़ लगाने के लिए जरूरी जमीन बीएसएफ को सौंपने की व्यवस्था की गई।
पश्चिम बंगाल सरकार की क्या है तैयारी?
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार के तहत राज्य का नागरिक प्रशासन, बीएसएफ और एसएसबी आपसी तालमेल के साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल की बांग्लादेश के साथ 2,200 किलोमीटर से अधिक लंबी सीमा लगती है। उनकी सरकार सीमावर्ती जिलों में और पुलिस थाने स्थापित करने के लिए केंद्र के साथ मिलकर काम करेगी। इसके अलावा पुलिस थानों को बुनियादी ढांचा, रसद और पर्याप्त मानव संसाधन भी उपलब्ध कराया जाएगा।
अधिकारी ने घुसपैठ के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि हर घुसपैठिये की पहचान की जानी चाहिए और उसे उसी रास्ते से वापस भेजा जाना चाहिए, जहां से वह आया है। उन्होंने कहा, 'यह देश भारतीय नागरिकों का है और हम उनके साथ-साथ पश्चिम बंगाल के लोगों के प्रति प्रतिबद्ध हैं।'
दिवाली पर जवानों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री
सीएम शुभेंदु ने बीएसएफ जवानों को संबोधित करते हुए कहा, 'आपके पास आकर आपका अभिवादन करना मेरा कर्तव्य है। जब पूरा देश दिवाली मना रहा है, तब आप देश की सीमाओं की सुरक्षा में तैनात हैं।' उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेरित होकर वह भी जवानों के बीच पहुंचे हैं। अधिकारी ने बताया कि गुजरात का मुख्यमंत्री रहने के समय से ही मोदी हर साल दिवाली पर सीमा चौकियों का दौरा करते रहे हैं और सेना, अर्धसैनिक बलों या राज्य पुलिस के जवानों के साथ त्योहार मनाते हैं।
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उत्तर 24 परगना जिले के बांग्लादेश सीमा से सटे हिंगलगंज इलाके में सीमा सुरक्षा बल के जवानों को संबोधित करते हुए सीएम शुभेंदु ने कहा, 'हम अगले साल से बीएसएफ, एसएसबी और पश्चिम बंगाल पुलिस के जवानों को 'सीमा मित्र' पुरस्कार देंगे।' मुख्यमंत्री दिवाली और काली पूजा के अवसर पर जवानों के बीच हिंगलगंज स्थित बीएसएफ की सीमा चौकी पहुंचे थे। बता दें कि बीएसएफ भारत-बांग्लादेश सीमा की सुरक्षा करता है, जबकि एसएसबी के जवान नेपाल और भूटान से लगती सीमाओं पर तैनात हैं।
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सीएम ने जवानों से क्यों मांगी माफी?
शुभेंदु अधिकारी ने पिछली सरकार पर बीएसएफ और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'राज्य का मुख्यमंत्री होने के नाते मैं बीएसएफ और सीआरपीएफ के प्रति पिछली सरकार की अपमानजनक टिप्पणियों और व्यवहार के लिए आपसे माफी मांगता हूं।'
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उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पिछली टीएमसी सरकार ने पश्चिम बंगाल में भारत-बांग्लादेश सीमा के करीब 600 किलोमीटर हिस्से पर बाड़ लगाने के लिए बीएसएफ को आवश्यक जमीन उपलब्ध नहीं कराई थी। अधिकारी ने बताया कि राज्य में भाजपा सरकार बनने के तुरंत बाद बाड़ लगाने के लिए जरूरी जमीन बीएसएफ को सौंपने की व्यवस्था की गई।
पश्चिम बंगाल सरकार की क्या है तैयारी?
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार के तहत राज्य का नागरिक प्रशासन, बीएसएफ और एसएसबी आपसी तालमेल के साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल की बांग्लादेश के साथ 2,200 किलोमीटर से अधिक लंबी सीमा लगती है। उनकी सरकार सीमावर्ती जिलों में और पुलिस थाने स्थापित करने के लिए केंद्र के साथ मिलकर काम करेगी। इसके अलावा पुलिस थानों को बुनियादी ढांचा, रसद और पर्याप्त मानव संसाधन भी उपलब्ध कराया जाएगा।
अधिकारी ने घुसपैठ के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि हर घुसपैठिये की पहचान की जानी चाहिए और उसे उसी रास्ते से वापस भेजा जाना चाहिए, जहां से वह आया है। उन्होंने कहा, 'यह देश भारतीय नागरिकों का है और हम उनके साथ-साथ पश्चिम बंगाल के लोगों के प्रति प्रतिबद्ध हैं।'
दिवाली पर जवानों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री
सीएम शुभेंदु ने बीएसएफ जवानों को संबोधित करते हुए कहा, 'आपके पास आकर आपका अभिवादन करना मेरा कर्तव्य है। जब पूरा देश दिवाली मना रहा है, तब आप देश की सीमाओं की सुरक्षा में तैनात हैं।' उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेरित होकर वह भी जवानों के बीच पहुंचे हैं। अधिकारी ने बताया कि गुजरात का मुख्यमंत्री रहने के समय से ही मोदी हर साल दिवाली पर सीमा चौकियों का दौरा करते रहे हैं और सेना, अर्धसैनिक बलों या राज्य पुलिस के जवानों के साथ त्योहार मनाते हैं।