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बंगाल में पढ़ाई जाएगी श्यामा प्रसाद मुखर्जी की भूमिका: सीएम शुभेंदु अधिकारी का एलान, आखिर क्यों लिया फैसला?

Sat, 05 Sep 2026 03:30 PM IST
राकेश कुमार पीटीआई, कोलकाता।
पीटीआई, कोलकाता। Published by: राकेश कुमार Updated Sat, 05 Sep 2026 03:30 PM IST
सार

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने स्कूल पाठ्यक्रम में श्यामा प्रसाद मुखर्जी और स्वामी प्रणबानंद के योगदान को शामिल करने का एलान किया है। उन्होंने दोनों को पश्चिम बंगाल के गठन और विभाजन के दौरान हिंदुओं की सुरक्षा से जोड़ा। मुख्यमंत्री ने पिछली टीएमसी सरकार पर तुष्टीकरण का आरोप भी लगाया और अपनी सरकार की समावेशी नीति की बात कही। उन्होंने सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों के लिए 300 करोड़ रुपये के कंपोजिट ग्रांट की भी जानकारी दी।
 

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सीएम शुभेंदु अधिकारी - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को बड़ा एलान किया। उन्होंने कहा कि राज्य के स्कूलों के पाठ्यक्रम में भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी और भारत सेवाश्रम संघ के संस्थापक स्वामी प्रणबानंद के योगदान को शामिल किया जाएगा। सीएम अधिकारी ने कहा कि दोनों की भूमिका पश्चिम बंगाल के गठन में अहम रही थी। विभाजन के दौरान दोनों ने करोड़ों हिंदुओं की जान बचाने में भी भूमिका निभाई।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी और स्वामी प्रणबानंद के योगदान और बलिदान को विद्यार्थियों तक पहुंचाया जाएगा। सरकार चाहती है कि छात्रों को उनके योगदान के बारे में जानकारी मिले।
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मुख्यमंत्री ने यह घोषणा कब और कहां की?
शुभेंदु अधिकारी ने कोलकाता में आयोजित राष्ट्रीय शिक्षक दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार स्कूलों में पढ़ाए जाने वाले पाठ्यक्रम में दोनों के योगदान को जगह देगी। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर राज्य की पिछली सरकार की नीतियों पर भी हमला बोला।
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अधिकारी ने आरोप लगाया कि पिछली टीएमसी सरकार का ध्यान स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं की बजाय 'खेला', 'मेला', पूजा अनुदान और इमामों के भत्तों पर ज्यादा था। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों की खराब हो चुकी सुविधाओं को सुधारने पर ध्यान दे रही है। इसके लिए 300 करोड़ रुपये का 'कंपोजिट ग्रांट' आवंटित किया गया है।

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स्कूलों को 300 करोड़ रुपये का अनुदान क्यों दिया गया?
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार ने सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों के लिए 300 करोड़ रुपये का कंपोजिट ग्रांट आवंटित किया है। उन्होंने कहा कि पिछले शासन के दौरान कई स्कूलों में बुनियादी ढांचा और जरूरी सुविधाएं खराब हो गई थीं। इस राशि का इस्तेमाल ऐसी व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए किया जाएगा।


सरकार के मुताबिक यह अनुदान उन स्कूलों के लिए है जहां बुनियादी ढांचा और सुविधाएं खराब स्थिति में पहुंच गई थीं। इसमें राज्य संचालित और सहायता प्राप्त स्कूल शामिल हैं। अधिकारी ने पिछली टीएमसी सरकार पर स्कूलों की स्थिति की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने अपने शासन को शिक्षा और स्कूलों की सुविधाओं पर केंद्रित बताया।

धार्मिक शिक्षा को लेकर मुख्यमंत्री ने क्या आरोप लगाया?
शुभेंदु अधिकारी ने पिछली सरकार पर एक खास समुदाय के विद्यार्थियों को धार्मिक शिक्षण संस्थानों में विशेष सुविधाएं देने का आरोप लगाया। हालांकि, उन्होंने कहा कि उनकी सरकार की नीति सभी को साथ लेकर चलने की होगी।
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