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पश्चिम बंगाल : ममता को चोट मामले में पुलिस ने दर्ज की एफआईआर

Fri, 12 Mar 2021 04:14 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, कोलकाता।
एजेंसी, कोलकाता। Published by: Jeet Kumar Updated Fri, 12 Mar 2021 04:14 AM IST
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west bengal police filed FIR in cm Mamta injury case
CM Mamata Banerjee - फोटो : ANI

पश्चिम बंगाल के चुनावी समर में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सुप्रीमो ममता बनर्जी को चोट लगने के बाद सियासत तेज हो गई है। बंगाल पुलिस ने जहां मुख्यमंत्री ममता को चोट लगने के मामले में बृहस्पतिवार को एफआईआर दर्ज कर ली है, वहीं टीएमसी नेताओं ने निर्वाचन आयोग से मिलकर शिकायत दर्ज कराई है।

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टीएमसी नेताओं ने कहा, सीएम की सुरक्षा की जिम्मेदारी चुनाव आयोग की है और वह इसमें नाकाम रहा। टीएमसी ने आयोग पर भाजपा के इशारे पर ममता को सुरक्षा नहीं देने का आरोप लगाया। वहीं भाजपा के नेता भी आयोग से मिले और सच को सामने लाने के लिए पूरे मामले की जांच कराने की मांग की।
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टीएमसी नेता शेख सूफियान की शिकायत पर पूर्व मेदिनीपुर जिला पुलिस ने धारा 341 और 323 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस पहले से ही इस मामले में जांच कर रही है और सबूत इकट्ठे किए जा रहे हैं। साथ ही जिला मजिस्ट्रेट विभु गोयल, पुलिस अधीक्षक प्रवीण प्रकाश और अन्य अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा भी किया है।
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उधर, भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष दिलीप घोष ने सीबीआई जांच की मांग की है। घोष ने कहा, इस बात की जांच की जरूरत है कि यह घटना वोट हासिल करने के लिए ‘रचा गया नाटक’ तो नहीं है। क्योंकि राज्य के लोगों ने पहले भी इस प्रकार का नाटक देखा है। इसलिए यह जांच का विषय है कि वास्तव में हुआ क्या है। आखिर ‘जेड-प्लस’ सुरक्षा पाने वाले व्यक्ति पर हमला हुआ कैसे?

ममता का संदेश, व्हीलचेयर पर सही जल्द प्रचार में लौटूंगी
ममता बनर्जी ने वहीं अस्पताल से एक वीडियो संदेश जारी कर समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा, वह बहुत जल्द चुनाव प्रचार में लौटेंगी फिर चाहें व्हीलचेयर पर ही क्यों न आना पड़े। ममता एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी हालत स्थिर है। उनके बाएं पांव की एड़ी व पंजे, कमर, दाएं कंधे, बांह व गर्दन में चोट आई है।

अस्पताल से जारी बुलेटिन के मुताबिक, उनके खून में सोडियम की मात्रा कम हो गई है, डॉक्टर उनका इलाज कर रहे हैं। फिलहाल उनका कोई ऑपरेशन करने की जरूरत नहीं है।

ममता बनर्जी पर हमले को लेकर टीएमसी कार्यकर्ताओं का राज्य भर में प्रदर्शन

तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर मेदिनीपुर के नंदीग्राम में हुए हमले के विरोध में रैलियां निकालीं। कार्यकर्ताओं ने कोलकाता, उत्तर 24 परगना, हुगली, हावड़ा, बीरभूम, दक्षिण 24 परगना, जलपाईगुड़ी जिलों के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन किए।

इसके साथ ही कुछ टीएमसी समर्थकों ने कुछ क्षेत्रों में सड़कों को संक्षिप्त रूप से अवरुद्ध कर दिया। उन्होंने बनर्जी के खिलाफ साजिश का आरोप लगाते हुए भाजपा के खिलाफ नारेबाजी की।

सत्तारूढ़ दल के कार्यकर्ताओं ने नादिग्राम के बिरुलिया बाजार क्षेत्र में सड़कों पर उतरकर तोड़फोड़ की और टायर जलाए। बता दें कि विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार के दौरान कुछ अज्ञात बदमाशों द्वारा धक्का दिए जाने पर मुख्यमंत्री ममता के बाएं और कमर में चोट लग गई थी।

पुलिस ने कहा कि तृणमूल के कार्यकर्ताओं और बिरुलिया क्षेत्र में भाजपा कार्यकर्ताओं के एक समूह के बीच हाथापाई भी हुई। लेकिन स्थिति को जल्द ही नियंत्रण में ले लिया गया।

पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
टीएमसी नेता शेख सूफियान की शिकायत के बाद ममता बनर्जी पर हमले को लेकर मामला दर्ज किया गया है। पूर्व मेदिनीपुर जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि आईपीसी की धारा 341 और 323 के तहत मामला दर्ज किया गया।

अधिकारी ने आगे बताया कि हमें सूफियान की शिकायत मिली है। हमारी जांच पहले से ही चल रही है और हम सबूत इकट्ठा कर रहे हैं। इसके साथ ही जिला मजिस्ट्रेट विभु गोयल, पुलिस अधीक्षक प्रवीण प्रकाश और अन्य अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा किया है।

फिलहाल मुख्यमंत्री का कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल में डॉक्टरों के अनुसार बाएं पैर, कमर, कंधे और गर्दन पर चोट का इलाज चल रहा है।

दिलीप घोष ने की सीबीआई जांच की मांग
भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष दिलीप घोष ने इस मामले में सीबीआई की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस बात की जांच की जरूरत है कि यह घटना वोट हासिल करने के लिए ‘रचा गया नाटक’ तो नहीं है।

घोष ने कहा, राज्य के लोगों ने पहले भी इस प्रकार का नाटक देखा है। इस बात की जांच कराई जाने की जरूरत है कि वास्तव में हुआ क्या था। कैसे ‘जेड-प्लस’ सुरक्षा पाने वाले व्यक्ति पर हमला हुआ, यह जांच का विषय है। सच्चाई सामने लाने के लिए राज्य को मामले की सीबीआई जांच के आदेश देने चाहिए।चुनाव में हार की आशंका को देखते हुए लोगों की संवेदना हासिल करने के लिए इस तरह के नाटक से इस बार कुछ हासिल नहीं होगा।
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