{"_id":"67272a2c64956487e8060236","slug":"west-bengal-narkeldanga-violence-ncw-member-write-letter-to-governor-accused-police-2024-11-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bengal: नरकेलडांगा हिंसा को लेकर महिला आयोग सदस्य अर्चना मजूमदार ने राज्यपाल को लिखी चिट्ठी, लगाए गंभीर आरोप","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Bengal: नरकेलडांगा हिंसा को लेकर महिला आयोग सदस्य अर्चना मजूमदार ने राज्यपाल को लिखी चिट्ठी, लगाए गंभीर आरोप
Sun, 03 Nov 2024 01:30 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: नितिन गौतम
Updated Sun, 03 Nov 2024 01:30 PM IST
सार
राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य अर्चना मजूमदार ने राज्यपाल को भेजी चिट्ठी में लिखा कि 'वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, जिनमें संजय मिश्रा भी शामिल हैं, उन्होंने मेरे साथ दुर्व्यवहार किया। संजय मिश्रा आरजी कर मेडिकल कॉलेज में हुई हिंसा की घटना में भी शामिल थे।
विज्ञापन
अर्चना मजूमदार
- फोटो : फेसबुक/अर्चना मजूमदार
विस्तार
राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य अर्चना मजूमदार ने नरकेलडांगा हिंसा को लेकर राज्यपाल को पत्र लिखा है। इस पत्र में अर्चना मजूमदार ने बंगाल पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अर्चना मजूमदार ने चिट्ठी में आरोप लगाया है कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। उन्होंने राज्यपाल से इस मामले में दखल देने और कार्रवाई करने की मांग की है।
चिट्ठी में अर्चना मजूमदार ने लिखीं ये बातें
राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य अर्चना मजूमदार ने राज्यपाल को भेजी चिट्ठी में लिखा कि 'वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, जिनमें संजय मिश्रा भी शामिल हैं, उन्होंने मेरे साथ दुर्व्यवहार किया। संजय मिश्रा आरजी कर मेडिकल कॉलेज में हुई हिंसा की घटना में भी शामिल थे। पुलिस अधिकारियों ने तनावपूर्ण हालात से निपटने के बजाय मेरे साथ बुरा सलूक किया। जब मैंने शांति और सुरक्षा को लेकर पैदा हुए खतरे को लेकर पुलिस अधिकारियों से बात करने की कोशिश की तो पुलिस अधिकारियों ने मेरे साथ ही बहस की। हालात की गंभीरता को समझने के बजाय पुलिस ने पीड़ितों पर ही लाठीचार्ज कर दिया।'
पुलिस के व्यवहार से दिखीं नाराज
अर्चना मजूमदार ने लिखा कि 'पुलिस अधिकारियों का व्यवहार दिल तोड़ने वाला था। महिला पुलिस कर्मियों ने मेरे साथ घटनास्थल पर खींचतान की। जिससे मैं जमीन पर गिर गई और मुझे चोट लगी। पुलिस ने उन लोगों के साथ उग्र व्यवहार किया, जो पहले ही हिंसा का सामना कर रहे हैं।' अर्चना मजूमदार ने राज्यपाल से इस मामले में हस्तक्षेप करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की अपील की।
विज्ञापन
गौरतलब है कि कोलकाता के राजा बाजार इलाके में काली पूजा मूर्ति विसर्जन के दौरान पथराव की घटना हुई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नरकेलडांगा इलाके में मां काली के मूर्ति विसर्जन पर पथराव की घटना हुई। इसके बाद खूब हंगामा हुआ, तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए इलाके में आरएएफ की तैनाती कर दी गई है। पुलिस लगातार स्थिति का जायजा ले रही है। वहीं कोलकाता पुलिस की ओर से कहा गया है कि विसर्जन के दौरान कोई पथराव की घटना नहीं हुई है। पुलिस के अनुसार, पार्किंग को लेकर विवाद शुरू हुआ था।
विज्ञापन
चिट्ठी में अर्चना मजूमदार ने लिखीं ये बातें
राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य अर्चना मजूमदार ने राज्यपाल को भेजी चिट्ठी में लिखा कि 'वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, जिनमें संजय मिश्रा भी शामिल हैं, उन्होंने मेरे साथ दुर्व्यवहार किया। संजय मिश्रा आरजी कर मेडिकल कॉलेज में हुई हिंसा की घटना में भी शामिल थे। पुलिस अधिकारियों ने तनावपूर्ण हालात से निपटने के बजाय मेरे साथ बुरा सलूक किया। जब मैंने शांति और सुरक्षा को लेकर पैदा हुए खतरे को लेकर पुलिस अधिकारियों से बात करने की कोशिश की तो पुलिस अधिकारियों ने मेरे साथ ही बहस की। हालात की गंभीरता को समझने के बजाय पुलिस ने पीड़ितों पर ही लाठीचार्ज कर दिया।'
विज्ञापन
पुलिस के व्यवहार से दिखीं नाराज
अर्चना मजूमदार ने लिखा कि 'पुलिस अधिकारियों का व्यवहार दिल तोड़ने वाला था। महिला पुलिस कर्मियों ने मेरे साथ घटनास्थल पर खींचतान की। जिससे मैं जमीन पर गिर गई और मुझे चोट लगी। पुलिस ने उन लोगों के साथ उग्र व्यवहार किया, जो पहले ही हिंसा का सामना कर रहे हैं।' अर्चना मजूमदार ने राज्यपाल से इस मामले में हस्तक्षेप करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की अपील की।
विज्ञापन
गौरतलब है कि कोलकाता के राजा बाजार इलाके में काली पूजा मूर्ति विसर्जन के दौरान पथराव की घटना हुई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नरकेलडांगा इलाके में मां काली के मूर्ति विसर्जन पर पथराव की घटना हुई। इसके बाद खूब हंगामा हुआ, तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए इलाके में आरएएफ की तैनाती कर दी गई है। पुलिस लगातार स्थिति का जायजा ले रही है। वहीं कोलकाता पुलिस की ओर से कहा गया है कि विसर्जन के दौरान कोई पथराव की घटना नहीं हुई है। पुलिस के अनुसार, पार्किंग को लेकर विवाद शुरू हुआ था।