फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   West Bengal Molestation Row CV Ananda Bose Governor House CCTV clip 100 people denied to CM mamata and police

Bengal Molestation Row: राज्यपाल बोस 100 लोगों को राजभवन का CCTV फुटेज दिखाएंगे; ममता-पुलिस को दिखाने से इनकार

Wed, 08 May 2024 09:17 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: ज्योति भास्कर Updated Wed, 08 May 2024 09:17 PM IST
सार

पश्चिम बंगाल का राजभवन महिला उत्पीड़न के कथित मामले के कारण सुर्खियों में है। ताजा घटनाक्रम में राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने कहा है कि वे राजभवन की सीसीटीवी फुटेज 100 लोगों को दिखाने को तैयार हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और कोलकाता पुलिस को वह सीसीटीवी कैमरे की क्लिप नहीं दिखाएंगे।

विज्ञापन
West Bengal Molestation Row CV Ananda Bose Governor House CCTV clip 100 people denied to CM mamata and police
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस और सीएम ममता बनर्जी (फाइल) - फोटो : एएनआई

विस्तार

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल ने कहा है कि महिलाओं के कथित उत्पीड़न के मामले में वे राजभवन की सीसीटीवी फुटेज 100 लोगों को दिखाने के लिए तैयार हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा है कि वे सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग कोलकाता पुलिस और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को नहीं दिखाएंगे। गौरतलब है कि राजभवन में संविदा पर नियुक्त महिला कर्मचारी ने राजभवन में यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कोलकाता पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई थी। महिला की शिकायत के आधार पर कोलकाता पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए एसईटी का गठन किया है।
विज्ञापन


पुलिस पर 'सरकारी शिकंजे' का आरोप
खबर के मुताबिक पुलिस ने राजभवन के कर्मचारियों को पूछताछ के लिए बुलाया, लेकिन पहले दिन कोई पेश नहीं हुआ। राज्यपाल ने भी कथित तौर पर कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि इस मामले में पुलिस का सहयोग नहीं करना है। बुधवार को राजभवन से जारी बयान में आरोप लगाया गया कि पुलिस मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देशों के तहत काम कर रही है। ऐसे में वह संबंधित सीसीटीवी फुटेज इन दोनों को छोड़कर 100 लोगों को दिखाने के लिए तैयार है। 
विज्ञापन


सीसीटीवी फुटेज नहीं दिखाने के आरोप पर बयान
राजभवन की तरफ से सोशल मीडिया हैंडल- एक्स पर जारी बयान में कहा गया कि पुलिस के आरोप मनगढ़ंत हैं। इसका पर्दाफाश करने के लिए राज्यपाल ने 'सच के सामने' कार्यक्रम शुरू किया है। पुलिस की जांच को अवैध और असंवैधानिक बताते हुए राजभवन ने कहा कि एक घटना की सीसीटीवी फुटेज नहीं दिखाए जाने के आरोप सही नहीं हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


गुरुवार को वीडियो दिखाने की तैयारी
राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने कहा कि राजभवन परिसर में ही 100 लोगों को वीडियो क्लिप दिखाई जाएगी। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में शामिल होने के लिए ईमेल या फोन पर अनुरोध किया जा सकता है। राजभवन ने कहा है कि गुरुवार सुबह 100 लोगों को सीसीटीवी फुटेज देखने की अनुमति दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed