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सतर्क: बिना निगेटिव कोविड रिपोर्ट न जाएं पश्चिम बंगाल, इन पांच राज्यों के लोगों के लिए सख्त नियम

Sat, 24 Apr 2021 01:35 PM IST
प्रियंका तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: प्रियंका तिवारी Updated Sat, 24 Apr 2021 01:35 PM IST
सार

अब पश्चिम बंगाल में दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, गुजरात और छत्तीसगढ़ से आने वाले यात्रियों के लिए नेगेटिव कोविड रिपोर्ट दिखाना अनिवार्य कर दिया गया है।

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West Bengal government made it mandatory for air passengers from five states to carry their COVID-19 negative test reports
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भारत में कोरोना वायरस की दूसरी लहर के भयंकर प्रसार से मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे में कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए  विभिन्न राज्य अपने यहां कई तरह के प्रतिबंध लगा रहे हैं और कड़े फैसले ले रहे हैं। इस बीच पश्चिम बंगाल सरकार ने भी प्रदेश में कोरोना से मचे हाहाकार को खत्म करने के लिए एक निर्णय लिया है। दरअसल, अब पश्चिम बंगाल में दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, गुजरात और छत्तीसगढ़ से आने वाले यात्रियों के लिए नेगेटिव कोविड रिपोर्ट दिखाना अनिवार्य कर दिया गया है।

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72 घंटे से पुरानी नहीं होनी चाहिए  रिपोर्ट
पश्चिम बंगाल सरकार ने सिविल एविएशन मंत्रालय को सूचना देते हुए बताया कि अब सोमवार (26 अप्रैल) से दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात और छत्तीसगढ़ से आने वाले हवाई यात्रियों को बंगाल में प्रवेश से पहले अपनी कोरोना की निगेटिव जांच रिपोर्ट दिखानी होगी। यह भी कहा गया है कि यह रिपोर्ट 72 घंटे से पुरानी नहीं होनी चाहिए। राज्य सरकार का मानना है कि बाहरी राज्यों से आने वाले यात्रियों की वजह से ही बंगाल में कोरोना के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
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बंगाल की मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र
इधर, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कोरोना वैक्सीन की निर्माण इकाई द्वारा राज्य सरकारों, निजी सुविधा केंद्रों और केंद्र सरकार के लिए टीके की अलग-अलग कीमत तय किए जाने को लेकर विरोध जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कोविड-19 टीकाकरण की तीसरे चरण की रणनीति भेदभावपूर्ण और जनविरोधी है। बताते चलें कि पश्चिम बंगाल में शुक्रवार (23 अप्रैल) को कोरोना वायरस से पीड़ित 12 हजार 876 नए मरीज सामने आए, जबकि 59 लोगों की मौत हो गई। 

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