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West Bengal: आखिरी डबल डेकर बस को संरक्षित करेगी बंगाल सरकार, स्क्रैप करने का पिछला फैसला पलटा
Mon, 14 Oct 2024 06:10 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Mon, 14 Oct 2024 06:10 PM IST
सार
बंगाल के एक वरिष्ठ परिवहन अफसर ने सोमवार को बताया कि बस को रिटायर करने का पिछला फैसला इसके रखरखाव की उच्च लागत के चलते लिया गया था। हालांकि, विभाग ने अब इस बस को म्यूजियम में रखने का फैसला किया है और इसके लिए बस को रेनोवेट किया जाएगा यानी अच्छी स्थिति में लाया जाएगा।
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डबल डेकर बस (प्रतीकात्मक)
- फोटो : Calcutta Today
विस्तार
पश्चिम बंगाल सरकार ने फैसला किया है कि वह राज्य की अंतिम डबल-डेकर बस को संरक्षित करेगी। इस बस ने 2000 के शुरुआती वर्षों में ही सेवाएं बंद कर दी थी। इसके बाद बंगाल सरकार ने बस को स्क्रैप करने (कबाड़ में देने) का फैसला किया था। हालांकि, अब सरकार ने पुराने फैसले को पलट दिया है।
बंगाल के एक वरिष्ठ परिवहन अफसर ने सोमवार को बताया कि बस को रिटायर करने का पिछला फैसला इसके रखरखाव की उच्च लागत के चलते लिया गया था। हालांकि, विभाग ने अब इस बस को म्यूजियम में रखने का फैसला किया है और इसके लिए बस को रेनोवेट किया जाएगा यानी अच्छी स्थिति में लाया जाएगा।
बस में इसे बनाने वाली कंपनी के लोगो के साथ कलकत्ता राज्य परिवहन निगम (सीएसटीसी) का बाघ का प्रतिष्ठित चिह्न भी लगा है। अधिकारी ने कहा कि काफी सोच-विचार के बाद हमने बस को दोबारा ठीक करने और सरकार के एक म्यूजियम में प्रदर्शित करने का फैसला किया है। इसके साथ हाथ से खींचने वाला रिक्शा और डोली के मॉडल भी प्रदर्शन के लिए रखा गया है। इसके जरिए कोलकाता में परिवहन के विकास को दर्शाया गया है।
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गौरतलब है कि सितंबर के आखिरी हफ्ते में बस को कोलकाता के उत्तरी हिस्से में स्थित एक कबाड़ घर ले जाने की तस्वीर वायरल हुई थी। इस तस्वीर के बाहर आने के बाद पूरे बंगाल में लोगों ने रोष जताया था।
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बंगाल के एक वरिष्ठ परिवहन अफसर ने सोमवार को बताया कि बस को रिटायर करने का पिछला फैसला इसके रखरखाव की उच्च लागत के चलते लिया गया था। हालांकि, विभाग ने अब इस बस को म्यूजियम में रखने का फैसला किया है और इसके लिए बस को रेनोवेट किया जाएगा यानी अच्छी स्थिति में लाया जाएगा।
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बस में इसे बनाने वाली कंपनी के लोगो के साथ कलकत्ता राज्य परिवहन निगम (सीएसटीसी) का बाघ का प्रतिष्ठित चिह्न भी लगा है। अधिकारी ने कहा कि काफी सोच-विचार के बाद हमने बस को दोबारा ठीक करने और सरकार के एक म्यूजियम में प्रदर्शित करने का फैसला किया है। इसके साथ हाथ से खींचने वाला रिक्शा और डोली के मॉडल भी प्रदर्शन के लिए रखा गया है। इसके जरिए कोलकाता में परिवहन के विकास को दर्शाया गया है।
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गौरतलब है कि सितंबर के आखिरी हफ्ते में बस को कोलकाता के उत्तरी हिस्से में स्थित एक कबाड़ घर ले जाने की तस्वीर वायरल हुई थी। इस तस्वीर के बाहर आने के बाद पूरे बंगाल में लोगों ने रोष जताया था।