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West Bengal: मतदान से पहले बंगाल में हुई हिंसा, आईएसएफ समर्थकों ने टीएमसी कार्यकर्ताओं पर बम फेंका, पांच घायल
Fri, 31 May 2024 05:44 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: नितिन गौतम
Updated Fri, 31 May 2024 05:44 PM IST
सार
भानगोर विधानसभा, जादवपुर लोकसभा सीट के तहत आती है और यहां अंतिम चरण के तहत 1 जून को मतदान होना है। घटना गुरुवार रात की है, जब टीएमसी कार्यकर्ता कथित तौर पर चुनाव प्रचार के बाद अपने घर लौट रहे थे।
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पश्चिम बंगाल में हिंसा
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण से पहले बंगाल में हिंसा हुई है। दरअसल इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) के समर्थकों ने टीएमसी कार्यकर्ताओं पर बम फेंक दिया। जिसके विस्फोट से पांच टीएमसी कार्यकर्ता घायल हो गए हैं। घटना दक्षिण 24 परगना जिले के भानगोर इलाके की है। बंगाल पुलिस ने शुक्रवार की इसकी जानकारी दी। हालांकि भानगोर से आईएसएफ विधायक नावेद सिद्दीकी ने आरोपों से इनकार किया है। नावेद सिद्दीकी ने उल्टा टीएमसी कार्यकर्ताओं पर आईएसएफ समर्थकों पर बम से हमला करने का आरोप लगाया। आईएसएफ विधायक ने कहा कि हमले में खुद टीएमसी के कार्यकर्ता घायल हो गए।
आईएसएफ ने आरोपों से किया इनकार
भानगोर विधानसभा, जादवपुर लोकसभा सीट के तहत आती है और यहां अंतिम चरण के तहत 1 जून को मतदान होना है। घटना गुरुवार रात की है, जब टीएमसी कार्यकर्ता कथित तौर पर चुनाव प्रचार के बाद अपने घर लौट रहे थे। उसी दौरान उन पर हमला हुआ। घायलों को कोलकाता के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बंगाल सरकार के मंत्री अरूप बिस्वास, जादवपुर से टीएमसी उम्मीदवार सयानी घोष और पार्टी के विधायक शौकत मोल्ला ने अस्पताल जाकर घायलों से मुलाकात की।
आईएसएफ नेता सिद्दीकी ने आरोपों को यह कहकर खारिज कर दिया कि भानगोर में हार के डर से टीएमसी ने साजिश रची है और उनकी कोशिश है कि इसका आरोप हम पर लगाया जाए। कल शौकत मोल्ला के समर्थकों ने आईएसएफ कार्यकर्ताओं पर बम फेंका। वहीं चुनाव आयोग ने भी टीएमसी नेता शौकत मोल्ला को मतदान के दिन अपने विधानसभा क्षेत्र कैनिंग पूर्व से बाहर न जाने का आदेश दिया है।
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बंगाल की राजनीति में नई पार्टी है आईएसएफ
आईएसएफ पार्टी की स्थापना साल 2021 में अब्बास सिद्दीकी ने की थी। वहीं अब्बास सिद्दीकी के छोटे भाई नौशाद सिद्दीकी आईएसएफ के चेयरमैन हैं। अब्बास सिद्दीकी अली अकबर के बेटे हैं। अली अकबर फुरफुरा शरीफ छठो हुजूर के नाम से प्रसिद्ध पीर जुल्फिकार अली के बेटे हैं। यही वजह है कि बंगाल में सिद्दीकी परिवार की काफी इज्जत है। बंगाल का सिद्दीकी परिवार कभी टीएमसी समर्थक था, लेकिन अपनी पार्टी बनाने के बाद से आईएसएफ का टीएमसी के साथ तनातनी का रिश्ता बन गया है। आईएसएफ बंगाल में टीएमसी और भाजपा दोनों का विरोध करती है। पार्टी विधायक नौशाद सिद्दीकी को सीएम ममता बनर्जी का आलोचक माना जाता है।
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आईएसएफ ने आरोपों से किया इनकार
भानगोर विधानसभा, जादवपुर लोकसभा सीट के तहत आती है और यहां अंतिम चरण के तहत 1 जून को मतदान होना है। घटना गुरुवार रात की है, जब टीएमसी कार्यकर्ता कथित तौर पर चुनाव प्रचार के बाद अपने घर लौट रहे थे। उसी दौरान उन पर हमला हुआ। घायलों को कोलकाता के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बंगाल सरकार के मंत्री अरूप बिस्वास, जादवपुर से टीएमसी उम्मीदवार सयानी घोष और पार्टी के विधायक शौकत मोल्ला ने अस्पताल जाकर घायलों से मुलाकात की।
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आईएसएफ नेता सिद्दीकी ने आरोपों को यह कहकर खारिज कर दिया कि भानगोर में हार के डर से टीएमसी ने साजिश रची है और उनकी कोशिश है कि इसका आरोप हम पर लगाया जाए। कल शौकत मोल्ला के समर्थकों ने आईएसएफ कार्यकर्ताओं पर बम फेंका। वहीं चुनाव आयोग ने भी टीएमसी नेता शौकत मोल्ला को मतदान के दिन अपने विधानसभा क्षेत्र कैनिंग पूर्व से बाहर न जाने का आदेश दिया है।
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बंगाल की राजनीति में नई पार्टी है आईएसएफ
आईएसएफ पार्टी की स्थापना साल 2021 में अब्बास सिद्दीकी ने की थी। वहीं अब्बास सिद्दीकी के छोटे भाई नौशाद सिद्दीकी आईएसएफ के चेयरमैन हैं। अब्बास सिद्दीकी अली अकबर के बेटे हैं। अली अकबर फुरफुरा शरीफ छठो हुजूर के नाम से प्रसिद्ध पीर जुल्फिकार अली के बेटे हैं। यही वजह है कि बंगाल में सिद्दीकी परिवार की काफी इज्जत है। बंगाल का सिद्दीकी परिवार कभी टीएमसी समर्थक था, लेकिन अपनी पार्टी बनाने के बाद से आईएसएफ का टीएमसी के साथ तनातनी का रिश्ता बन गया है। आईएसएफ बंगाल में टीएमसी और भाजपा दोनों का विरोध करती है। पार्टी विधायक नौशाद सिद्दीकी को सीएम ममता बनर्जी का आलोचक माना जाता है।