Nisith Pramanik: केंद्रीय मंत्री निसिथ प्रमाणिक के काफिले पर हमला, टीएमसी समर्थकों पर आरोप
गृह, युवा मामले और खेल राज्य मंत्री निसिथ प्रमाणिक के काफिले पर कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) समर्थकों ने हमला किया। मंत्री कूचबिहार के दिनहाटा इलाके में पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलने जा रहे थे।
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गृह, युवा मामले और खेल राज्य मंत्री निसिथ प्रमाणिक के काफिले पर कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) समर्थकों ने हमला किया। मंत्री कूचबिहार के दिनहाटा इलाके में पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलने जा रहे थे।
#WATCH | West Bengal: The convoy of Nisith Pramanik, MoS Home & Youth Affairs and Sports was attacked allegedly by Trinamool Congress-backed goons when he was going to meet with the party workers in Coochbehar's Dinhata area. More details awaited. pic.twitter.com/eXWqt7U2K9
— ANI (@ANI) February 25, 2023विज्ञापन
दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं में झड़प, पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले
मंत्री के काफिले पर उस समय हमला किया गया जब वह एक कार्यक्रम में पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलने जा रहे थे। संपर्क किए जाने पर केंद्रीय मंत्री ने बताया कि हमले में भाजपा के कई कार्यकर्ता घायल हो गए। टीएमसी समर्थकों ने उन्हें काले झंडे दिखाए, जिसके बाद दोनों दलों के समर्थकों के बीच झड़पें शुरू हो गईं। सीसीटीवी फुटेज में दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो रही है और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस लाठीचार्ज कर रही है। आंसू गैस गोले भी छोड़े गए
मंत्री निसिथ प्रमाणिक ने टीएमसी समर्थकों पर लगाया आरोप
मंत्री ने कहा, राज्य में अगर एक मंत्री सुरक्षित नहीं है, तो आप आम आदमी की दुर्दशा की कल्पना कर सकते हैं। यह घटना बंगाल में लोकतंत्र की हालत को दिखाती है।उन्होंने दावा किया, मेरे काफिले पर न केवल पथराव किया गया, बल्कि गोलियां भी चलाई गईं। बम भी फेंके गए। पूरी घटना पुलिस के सामने हुई और वे मूकदर्शक बने रहे।
आदिवासी ग्रामीण की मौत के बाद गुस्से में थे लोग
स्थानीय मीडिया की खबरों की मानें तो बीएसएफ की गोलीबारी में कथित रूप से एक आदिवासी की मौत हो गई थी, जिसको लेकर लोगों में गुस्सा था। चूंकी बीएसएफ गृह मंत्रालय के तहत आता है और प्रमाणिक केंद्रीय गृह राज्य मंत्री हैं। इसलिए लोगों ने उनपर पथराव किया।
प्रमाणिक के घर के बाहर किया था टीएमसी ने प्रदर्शन
बीते रविवार को टीएम के सैकड़ों समर्थकों ने प्रमाणिक के आवास के बाहर कूचबिहार में प्रदर्शन किया था। उन्होंने उन पर बीएसएफ के कथित अत्याचार के मामले में उदासीनता आरोप लगाया था।
टीएमसी ने भी मंत्री पर लगाया था कुछ न करने का आरोप
तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भी हाल ही में कूचबिहार में एक रैली में प्रमाणिक पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि आदिवासियों की चिंताओं को दूर करने के लिए मंत्री ने कुछ भी नहीं किया।
राज्य की निराशाजनक स्थिति साबित करता है हमला: सुकांत मजूमदार
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा, अगर किसी केंद्रीय मंत्री की कार पर इस तरह से हमला किया जाता है तो यह राज्य की निराशाजनक (कानून व्यवस्था) स्थिति को साबित करता है। भाजपा प्रवक्ता समिक भट्टाचार्य ने कहा कि राज्यपाल को केंद्रीय मंत्री के काफिले पर हमले का संज्ञान लेना चाहिए और राज्य में अनुच्छेद 355 लागू करने के लिए कदम उठाने चाहिए।
टीएमसी ने लगाया कार्यकर्ताओं को उकसाने का आरोप
आरोपों का जवाब देते हुए तृणमूल कांग्रेस के प्रदेश महासचिव कुणाल घोष ने बंगाल भाजपा नेतृत्व पर राज्य के शांतिपूर्ण माहौल को बाधित करने के लिए उनके कार्यकर्ताओं को उकसाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, भाजपा कार्यकर्ताओं ने दिनहाटा में तृणमूल कांग्रेस के कार्यालय में तोड़फोड़ की और हमारे कार्यकर्ताओं पर हमला किया। उस इलाके के लोग पिछले साल बीएसएफ द्वारा एक राजबंशी युवक की हत्या को लेकर गुस्से में हैं। प्रमाणिक उस विभाग के मंत्री हैं।
पिछले साल भी हुआ था प्रमाणिक पर हमला
प्रमाणिक के काफिले पर पिछले साल नवंबर में कूचबिहार के सिताई इलाके में हमला किया गया था और उस समय भाजपा ने आरोप लगाया था कि इस घटना में 'टीएमसी से जुड़े गुंडे शामिल हैं।' सत्तारूढ़ दल ने उस समय इस आरोप को 'आधारहीन' करार दिया था। पुलिस ने भी बांग्लादेश की सीमा से लगे उत्तरी बंगाल जिले में ऐसी किसी घटना से इनकार किया था।
भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा, पुलिस की मौजूदगी में केंद्रीय मंत्री पर हुए हमले ने यहां के आम लोगों की स्थिति के बारे में बाया है। इस मामले में केंद्र सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए। एसपी को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त किया जाना चाहिए और डीजीपी के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।