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West Bengal: भाजपा की सियासत पर भड़कीं सीएम ममता; CAA के खिलाफ भी मुखर, कहा- बंगाल में डिटेंशन कैंप नहीं बनेगा

Wed, 13 Mar 2024 03:17 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: ज्योति भास्कर Updated Wed, 13 Mar 2024 03:17 PM IST
सार

भाजपा की सियासत का मुखर विरोध करने वाली मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक बार फिर भड़कीं। उन्होंने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ भी मुखर आवाज उठाई है। सीएम ममता ने कहा- बंगाल में डिटेंशन कैंप कभी नहीं बनेगा।

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West Bengal CM Mamata Slams BJP Over Electoral Politics Oppose CAA No Detention Centre
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (फाइल) - फोटो : ani

विस्तार

पश्चिम बंगाल में भाजपा और सत्ताधारी पार्टी- तृणमूल कांग्रेस (TMC) का टकराव जगजाहिर है। ममता ने सिलिगुड़ी में मीडिया के सामने कहा, 'हमें जो भी कहना है जनता से कहेंगे। बीजेपी कहती है कि हमें 400 सीटें मिलेंगी, लेकिन तृणमूल सब कुछ जनता पर छोड़ देती है। उन्होंने कहा कि जनता जिसे भी वोट देगी हम जनादेश स्वीकार करेंगे। ममता ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि अगर बीजेपी जबरदस्ती चुनाव कराएगी तो हम इसे स्वीकार नहीं करेंगे।
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CAA के खिलाफ मुखरता से आवाज उठा रहीं CM ममता
ममता ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के मामले में भी केंद्र का मुखर विरोध किया है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार प्रदेश में एक भी डिटेंशन कैंप बनाने की इजाजत नहीं देगी। उन्होंने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर से जुड़ा हुआ है। यही कारण है कि वे इस कानून का मुखरता से विरोध कर रह हैं। टीएमसी सुप्रीमो ममता ने कहा कि असम की तर्ज पर वे बंगाल में डिटेंशन कैंप बनवाना नहीं चाहतीं। सीएम ममता ने दावा किया कि लोकसभा चुनाव 2024 से पहले भाजपा सीएए का इस्तेमाल राजनीतिक हथकंडे के रूप में कर रही है।
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गृह मंत्रालय ने 29 दस्तावेजों की सूची जारी की
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने साफ किया है कि भारत में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) लागू होने के बाद नागरिकता पाना बहुत जटिल प्रक्रिया नहीं है। सरकार के मुताबिक किस देश से भारत आए हैं यानी कंट्री ऑफ ओरिजिन (Country of Origin) वाले सवाल का जवाब देने के लिए कुल नौ दस्तावेजों का सहारा लिया जा सकता है। गृह मंत्रालय के मुताबिक नागरिकता का आवेदन करते समय भारत में आने की तारीख साबित करने के लिए 20 दस्तावेजों में किसी का भी सहारा लिया जा सकता है।

भाई के बयान पर भी भड़कीं
गौरतलब है कि ममता बनर्जी के भाई ने पश्चिम बंगाल में उम्मीदवारों के चयन को लेकर उनपर सवाल खड़े किए हैं। तृणमूल कांग्रेस के फैसले पर सवाल करने और पार्टी के खिलाफ बोलने के लिए बाई बाबुन बनर्जी पर निशाना साधते हुए ममता ने कहा कि उन्होंने भाई के साथ सभी रिश्ते तोड़ने का फैसला लिया है।


भाजपा के संपर्क में हैं बाबुन, तृणमूल कांग्रेस का कोई लेना-देना नहीं
ममता ने कहा कि उन्हें उनके भाई के साथ न जोड़ा जाए। बकौल ममता, 'मैं और मेरा परिवार उनके साथ सभी रिश्ते तोड़ चुका है। मुझे लालची लोग पसंद नहीं हैं। मैंने सुना है कि उन्होंने क्या बयान दिए हैं।' ममता ने आरोप लगाया कि बाबुन भाजपा के संपर्क में हैं। तृणमूल कांग्रेस का इस मामले से कोई लेनादेना नहीं। वे जो चाहें कर सकते हैं। 
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