TMC: ममता बनर्जी ने दिलीप घोष पर साधा निशाना, कहा- केंद्रीय एजेंसियां BJP के खिलाफ नहीं करती हैं कार्रवाई
एसएससी घोटाले के आरोपी प्रसन्ना रॉय के आवास पर सीबीआई के छापे के दौरान घोष के एक फ्लैट के डीड की एक प्रति मिली थी। जिसके बाद टीएमसी ने इस मामले में उन्हें घेरा था। इतना ही नहीं टीएमसी नेता और प्रवक्ता कुणाल घोष ने भाजपा नेता की गिरफ्तारी की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि सीबीआई को कस्टडी में लेकर दिलीप घोष से पूछताछ करनी चाहिए।
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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय एजेंसियां विपक्षी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने में हमेशा तत्पर रहती हैं, लेकिन जब बात भाजपा के लोगों के खिलाफ कार्रवाई की आती है तो वे कार्रवाई से बचती हैं। उन्होंने ये टिप्पणी भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप घोष के संदर्भ में की। दरअसल, घोष के फ्लैट के कागज़ात स्कूल शिक्षा आयोग (एसएससी) घोटाले के एक आरोपी प्रसन्न रॉय के आवास से बरामद हुए हैं। जिसके बाद टीएमसी प्रमुख भाजपा नेता के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रही हैं।
उन्होंने बुधवार को दो दिवसीय झारग्राम के दौरे के बाद राजधानी कोलकाता लौटते समय कहा कि अर्पिता मुखर्जी के आवास में पार्थ चटर्जी के नाम के दस्तावेज पाए गए थे। जिसके बाद पार्थ चटर्जी को गिरफ्तार कर लिया गया था। कानून ने अपना काम करते हुए ये कार्रवाई की थी। लेकिन भाजपा नेता के संबंध में केंद्रीय एजेंसियां कार्रवाई से बच रही हैं। भाजपा नेता, जिनके फ्लैट की डीड एक आरोपी के आवास से जब्त की गई थी। उन्हें अब तक गिरफ्तार नहीं किया गया है।
ममता बनर्जी ने आगे केंद्रीय एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि विपक्षी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने में केंद्रीय एजेंसियां तेज हैं, लेकिन जब भाजपा नेताओं की बात आती है तो वे इतनी तत्पर नहीं हैं।
गौरतलब है कि एसएससी घोटाले के आरोपी प्रसन्ना रॉय के आवास पर सीबीआई के छापे के दौरान घोष के एक फ्लैट के डीड की एक प्रति मिली थी। जिसके बाद टीएमसी ने इस मामले में उन्हें घेरा था। इतना ही नहीं टीएमसी नेता और प्रवक्ता कुणाल घोष ने भाजपा नेता की गिरफ्तारी की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि सीबीआई को कस्टडी में लेकर दिलीप घोष से पूछताछ करनी चाहिए।
गौरतलब है कि इन आरोपों पर भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप घोष ने अपनी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि वे और प्रसन्न रॉय एक की सोसायटी में रहते थे और चूंकि प्रसन्न रॉय समाज कल्याण समिति के अध्यक्ष थे ऐसे में अपने बिजली कनेक्शन का नाम बदलने के लिए मैने उन्हें फ्लैट के कागजात की प्रति दी थी। अब जब टीएमसी को कुछ नहीं मिल रहा है तो वे इसे मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि वे केंद्रीय या राज्य एजेंसियों द्वारा किसी भी जांच के लिए तैयार हैं।