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कृषि कानूनों से भाजपा कॉरपोरेट घरानों को बेच रही किसानों के अधिकार : टीएमसी
Sat, 05 Dec 2020 04:56 AM IST
देव कश्यप
एजेंसी, कोलकाता
एजेंसी, कोलकाता
Published by: देव कश्यप
Updated Sat, 05 Dec 2020 04:56 AM IST
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ममता बनर्जी (फाइल फोटो)
- फोटो : ANI
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तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा पर कृषि कानूनों के जरिये किसानों के अधिकार कॉरपोरेट घराने को बेचने का आरोप लगाया है। पार्टी ने इन्हें हितधारकों से परामर्श के बिना पास कराने का आरोप लगाते हुए इन्हें क्रूर कानून बताया।
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पार्टी सूत्रों ने कहा कि टीएमसी का प्रतिनिधिमंडल प्रदर्शनकारी किसानों से मुलाकात करेगा। सिंगुर में 2006 में किसानों से जमीन लेने के खिलाफ 26 दिन तक भूख हड़ताल करने वाली पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों के प्रति समर्थन जताया है।
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ममता ने ट्वीट किया, '14 साल पहले मैंने किसानों की जमीन जबरन लेने के खिलाफ 26 दिन भूख हड़ताल की थी। गौरतलब है कि ममता ने बृहस्पतिवार को चेतावनी दी थी कि यदि कृषि कानून वापस नहीं लिए गए, तो देशव्यापी आंदोलन चलाया जाएगा।'
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ममता ने किसानों से की फोन पर बात, अगले हफ्ते से सड़कों पर उतरने का एलान
ममता ने किसानों के प्रति एकजुटता दिखाते हुए सिंघु बॉर्डर पर विभिन्न किसान संगठनों से फोन पर बात की। साथ ही उन्होंने पश्चिम बंगाल में किसानों के समर्थन में अगले हफ्ते से सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन करने का एलान किया। राज्यसभा सांसद डेरेक ओब्रायन ने शुक्रवार को सिंघु बॉर्डर पर प्रदर्शनकारी किसानों के साथ चार घंटे बिताए और वहीं से फोन पर ममता से किसानों की बात करवाई।
तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा पर कृषि कानूनों के जरिये किसानों के अधिकार कॉरपोरेट घराने को बेचने का आरोप लगाया है। पार्टी ने इन्हें हितधारकों से परामर्श के बिना पास कराने का आरोप लगाते हुए क्रूर कानून बताया।