RG Kar Case: मुख्य आरोपी संजय रॉय का पॉलीग्राफ टेस्ट प्रेसिडेंसी जेल में पूरा, तीन घंटे से भी अधिक समय लगा
कोलकाता के सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में नौ अगस्त को चिकित्सक का शव मिला था। इस घटना के मुख्य आरोपी संजय रॉय को अगले दिन गिरफ्तार किया गया था। आज सीबीआई ने प्रेसिडेंसी जेल में संजय का पॉलीग्राफ टेस्ट कराया।
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विस्तार
पश्चिम बंगाल के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल दुष्कर्म और हत्या मामले में आरोपी संजय रॉय का पॉलीग्राफ टेस्ट आज कराया गया। सीबीआई अधिकारियों की मौजूदगी में प्रेसिडेंसी जेल में पॉलीग्राफ टेस्ट कराया गया। टेस्ट की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सीबीआई अधिकारी जेल से रवाना हो गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक पॉलीग्राफ टेस्ट की प्रक्रिया तीन घंटे से भी अधिक लंबे समय तक चली। गौरतलब है कि बीते दिन कॉलेज के पूर्व प्राचार्य समेत पांच का पॉलीग्राफ टेस्ट कराया गया था।
#WATCH | RG Kar Medical College and Hospital rape-murder case | CBI Officials leave from Presidency Jail in Kolkata, after conducting the polygraph test of the arrested accused Sanjay Roy. pic.twitter.com/6K41Wx6UZP
— ANI (@ANI) August 25, 2024
सच का पता लगाने के लिए अदालत की अनुमति से पॉलीग्राफ टेस्ट
बता दें कि ‘पॉलीग्राफ टेस्ट’ के दौरान व्यक्ति की ओर से प्रश्नों के उत्तर दिए जाते समय एक मशीन की मदद से उसकी शारीरिक प्रतिक्रियाओं को मापा जाता है। इससे यह पता लगाया जाता है कि वह सच बोल रहा है या झूठ।
आरजी कर मामले के अन्य आरोपियों का पॉलीग्राफ टेस्ट
अधिकारियों ने बताया कि मुख्य आरोपी संजय रॉय का ‘पॉलीग्राफ टेस्ट’ प्रेसिडेंसी जेल में ही कराया गया। संजय के अलावा पूर्व प्राचार्य संदीप घोष, घटना की रात ड्यूटी पर मौजूद चार चिकित्सकों और एक नागरिक स्वयंसेवक समेत छह अन्य का ‘पॉलीग्राफ टेस्ट’ सीबीआई के कोलकाता स्थित कार्यालय में कराया गया था।
अधिकारियों ने बताया कि घोष लगातार नौवें दिन शनिवार सुबह सीबीआई के साल्ट लेक स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स स्थित कार्यालय पहुंचे और फिर उन्हें जांच के लिए ले जाया गया। एक अधिकारी ने बताया कि जिन लोगों का ‘पॉलीग्राफ टेस्ट’ हो रहा है, उनमें प्रथम वर्ष के दो स्नातकोत्तर प्रशिक्षु भी शामिल हैं, क्योंकि जांचकर्ताओं को अस्पताल के उस सम्मेलन कक्ष के अंदर कथित तौर पर उनकी उंगलियों के निशान मिले हैं, जहां पीड़िता का शव मिला था।
अपराध स्थल से छेड़छाड़ का दावा
इससे पहले सीबीआई ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि स्थानीय पुलिस ने प्रशिक्षु चिकित्सक से दुष्कर्म और उसकी हत्या के मामले को दबाने का प्रयास किया था। जब तक संघीय एजेंसी ने जांच अपने हाथ में ली, तब तक अपराध स्थल से छेड़छाड़ की जा चुकी थी।
क्या है मामला?
बता दें कि हत्या की घटना के खिलाफ देश भर में व्यापक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। कोलकाता के सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में नौ अगस्त को चिकित्सक का शव मिला था, जिस पर गंभीर चोटों के निशान थे। इस घटना के संबंध में रॉय को अगले दिन गिरफ्तार किया गया था। कलकत्ता हाईकोर्ट ने 13 अगस्त को इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। इसके अगले दिन केंद्रीय एजेंसी ने जांच कोलकाता पुलिस से अपने हाथ में ले ली।