बंगाल: आरजीकर मामले में विरोध के बीच हो रहा उपचुनाव; गढ़ बचाने में कामयाब रहेगी टीएमसी या भाजपा मारेगी बाजी
पश्चिम बंगाल की छह सीटों पर आगामी 13 नवंबर को मतदान होना है। अभी यहां पर भले ही लोगों पर चुनावी उत्साह से ज्यादा पूजोत्सव का रंग ज्यादा दिखाई दे रहा हो लेकिन सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस, भाजपा और अन्य दलों ने अंदर ही अंदर तैयारियां शुरू कर दी हैं। दोनों ही पार्टियों ने स्थानीय स्तर के नेताओं पर विश्वास जताया है।दोपोत्सव के बाद चुनावी रंग ज्यादा गाढ़ा होता जाएगा। आरजी मेडिकल कॉलेज की घटना के बाद जारी विरोध-प्रर्दशन के बीच सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के लिए यह प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गई है। क्योंकि छह में से पांच सीटों सिताई, उत्तर 24 परगना के नैहाटी और हाड़वा, तालडांगरा और मेदिनीपुर में तृणमूल कांग्रेस का कब्जा है जबकि केवल एक सीट अलीपुरदुआर की मदारीहाट पर भाजपा कब्जा है। लेकिन इस बीच, देखना दिलचस्प होगा कि क्या तृणमूल कांग्रेस इस बार गढ़ बचाने में कामयाब रहेगी या फिर भाजपा सेंधमारी कर अपने अंकों में बढ़ोतरी करेगी। इस बार 23 नवंबर को सबकी नजर पश्चिम बंगाल के उपचुनाव के नतीजों पर रहेगा।
इसलिए इन सीटों पर हो रहे हैं उपचुनाव
मेदिनीपुर से तृणमूल कांग्रेस की विधायक जून मालिया 2021 जीत कर विधायक बनीं थीं। गत लोकसभा चुनाव में वे सांसद बनीं, इसलिए यह सीट खाली हुई है। इसी तरह से 2021 विस चुनाव में भाजपा के मनोज तिग्गा मदारीहाट से विधायक बने थे। गत लोकसभा चुनाव में वे अलीपुरदुआर से सांसद बने, जिस कारण यह सीट खाली हुई है। हाड़वा से तृणमूल कांग्रेस के हाजीनुरु इस्लाम विधायक थे, जो 2024 लोकसभा चुनाव में बरीशहाट से तृणमूल कांग्रेस के सांसद बने। इसलिए इस सीट पर उपचुनाव कराया जा रहा है। हालांकि कुछ समय पहले ही उनका निधन हो गया है। बशीरहाट सांसदीय सीट भी खाली हो गई है लेकिन फिलहाल यहां पर उपचुनाव कराए नहीं जा रहे हैं। नैहाटी से तृणमूल कांग्रेस के पार्थ भौमिक विधायक थे। उन्होंने 2024 में बैरकपुर से लोकसभा का चुनाव लड़ा और वे सांसद बने। उनके इस्तीफे के बाद नैहाटी की सीट खाली हुई है। इसी तरह से सिताई से तृणमूल कांग्रेस के जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया विधायक थे। वे इस बार लोकसभा में कूचबिहार से सांसद बने, जिस कारण यह सीट खाली हुई है। 2021 में तालडांगरा से तृणमूल के अरूप चक्रवर्ती विधायक बने थे। 2024 लोकसभा चुनाव में वे बांकुड़ा से चुनाव लड़े और सांसद बने। इस कारण इस सीट पर उपचुनाव कराया जा रहा है।
2021 में कौन, कहां पर था किस पर भारी
मेदिनीपुर विधानसभा
| पार्टी | उम्मीदवार | वोट |
| टीएमसी | जून मालिया | 121,175 |
| भाजपा | शमित दास | 96,778 |
नैहाटी विधानसभा
| टीएमसी | पार्थ भौमिक | 77,753 |
| भाजपा | रंजीत कुंडू | 48.102 |
सिताई विधानसभा
| टीएमसी | जगदीश चंद्र बर्मा | 117,908 |
| भाजपा | दीपक कुमार रॉय | 107,796 |
तालडांगरा विधानसभा
| टीएमसी | अरुप चक्रवर्ती | 92,026 |
| भाजपा | श्याम कुमार सरकार | 79,649 |
हाड़वा विधानसभा
| टीएमसी | हाजी नुरूल इस्लाम | 130,398 |
| आईएसएफ | कुतुबुद्दीन फाते | 49,420 |
मदारीहाट विधानसभा
| भाजपा | मनोज तिग्गा | 90,718 |
| टीएमसी | राजेश लकड़ा | 61,033 |
तृणमूल कांग्रेस को जनता सिखाएगी सबकः शमिक
बंगाल भाजपा के मुख्य प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद शमिक भट्टाचार्य ने कहा, भाजपा के कार्यकर्ता पूरी उतासह के साथ तैयारी में जुट गए हैं। चुनाव नतीजे चौंकाएंगे। इस बार बंगाल की जनता तृणमूल कांग्रेस को सबक सिखाने के मूड़ में है। लोगों में सरकार के प्रति भारी गुस्सा है। अगर लोग निर्भय होकर मतदान केंद्र तक पहुंच पाए तो तृणमूल कांग्रेस कहीं दिखाई नहीं देगी। भाजपा की सीटों में इजाफा हो रहा है। 24 को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के भी आने की उम्मीद है। उनके आने से कार्यकर्ताओं का उत्साह और बढ़ जाएगा।
अलायंस को लेकर थोड़ा इंतजार कीजिएः सरकार
बंगाल में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बदलने जाने के बाद यह पहला चुनाव है। बंगाल प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने कहा, हम पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतर रहे हैं। कार्यकर्ताओं में उत्साह है। नामों पर चर्चा जारी है। सीपीएम के साथ एलायंस पर सरकार बोले, हम बातचीत कर रहे हैं। सब कुछ सही दिशा में चल रहा है। बस तोड़ा इंतजार कीजिए।