West Bengal: अंतरराष्ट्रीय सीमा पर BSF ने बांग्लादेशी तस्करों के हमले को किया नाकाम, धारदार हथियार बरामद
बीएसएफ के प्रवक्ता के मुताबिक घटना शनिवार-रविवार रात की है। करीब 20-25 बांग्लादेशी तस्करों का समूह किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के इरादे से अंतरराष्ट्रीय सीमा का उल्लंघन कर भारतीय सुरक्षा तारबंदी के नजदीक पहुंचने का प्रयास कर रहा था।
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भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बीएसएफ के जवानों ने बांग्लादेशी तस्करों के एक बड़े समूह के हमले को समय रहते विफल कर दिया। तस्करों के एक बड़े समूह ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तारबंदी के पास जवानों को घेरकर हमला कर दिया। इस पर जवानों ने जवाबी फायरिंग कर उन्हें खदेड़ दिया। बाद में जवानों ने पूरे क्षेत्र का तलाशी अभियान चलाया जिसमें, फेंसिडिल एवं धारदार हथियार बरामद किए गए।
बीएसएफ के प्रवक्ता के मुताबिक घटना शनिवार-रविवार रात की है। दक्षिण बंगाल सीमांत के अंतर्गत सीमा चौकी नवादा (जिला–मालदा), 70वीं वाहिनी के इलाके में बांग्लादेश की ओर से करीब 20-25 बांग्लादेशी तस्करों का समूह किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के इरादे से अंतरराष्ट्रीय सीमा का उल्लंघन कर भारतीय सुरक्षा तारबंदी के नजदीक पहुंचने का प्रयास कर रहा था। ठीक उसी समय भारत की ओर से भी आठ से दस तस्कर तस्करी के उद्देश्य से सीमा रोड के नजदीक आ गए।
जवानों ने दोनों तरफ से आ रहे तस्करों को ललकारा और उनको चुनौती दी, लेकिन बांग्लादेशी तस्करों की तादाद ज्यादा होने की वजह से उन्होंने जवानों को घेरकर दाह, लाठी और डंडों से जवानों पर हमला बोल दिया और हमले की आड़ में तस्करी करने की कोशिश की। लेकिन बीएसएफ के जवानों स्वयं की रक्षा में दो चक्र फायर किए। फायरिंग से डरकर बांग्लादेशी तस्कर वापस भागड़े हुए।
घटना के बाद जवानों ने इलाके में तलाशी अभियान चलाया, तलाशी के दौरान जवानों ने इलाके से 75 बोतल फेंसिडिल एवं लोहे का धारदार दाह बरामद किया। जब्त सामान को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस पोस्ट गोलापगंज (थाना कालियाचक के अधीन) को सौंप दिया गया।
तस्कर अक्सर करते हैं जवानों पर जानलेवा हमला: बीएसएफ
बीएसएफ के दक्षिण बंगाल सीमांत के प्रवक्ता ने बताया की भारत–बांग्लादेश सीमा पर बीएसएफ जवान मुस्तैद रहते हैं। जब तस्करों को उनके गलत मंसूबों में सफ़लता नहीं मिलती है तो वे जवानों पर जानलेवा हमला करते हैं, जिसकी वजह से कई बार हमारे जवान गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं। लेकिन हमारे चौकन्न जवान उनके मसूबों को सफल नहीं होने देते।