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टकराव: बंगाल में बीएसएफ का क्षेत्राधिकार बढ़ाने के खिलाफ टीएमसी ने प्रस्ताव पारित किया, सुवेंदु का आरोप- जवानों को दी गई गाली
Tue, 16 Nov 2021 04:06 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Tue, 16 Nov 2021 04:06 PM IST
सार
एक दिन पहले ही जब ममता बनर्जी की ओर से विधानसभा में प्रस्ताव रखा गया कि भाजपा नेताओं ने हंगामा करते हुए जमकर नारेबाजी की और कार्यवाही को बहिष्कार कर बाहर निकले गए थे।
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बीएसएफ (फाइल फोटो)
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
केंद्र सरकार और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच कई मुद्दों पर तनातनी जारी है। अब बंगाल सरकार अंतरराष्ट्रीय सीमा के अंदर बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र को 50 किलोमीटर तक बढ़ाने के केंद्र के फैसले के खिलाफ खड़ा हो गया। टीएमसी ने आज विधानसभा में बीएसएफ का क्षेत्राधिकार बढ़ाने के खिलाफ प्रस्ताव पास करा लिया। भाजपा ने इसका जबरदस्त विरोध किया।
हालांकि, इस बीच बंगाल में भाजपा के नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने टीएमसी पर बीएसएफ को गाली देने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा, "आज बंगाल विधानसभा में जिस तरह से बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र के बढ़ाए जाने के खिलाफ प्रस्ताव पर जब चर्चा हो रही थी तब टीएमसी के वरिष्ठ विधायकों और मंत्रियों ने बीएसएफ को गाली दी। ये शर्मनाक है। बीएसएफ बॉर्डर पर सुरक्षा रखती है और देश की रक्षा के लिए अपना बलिदान देती है। जब चर्चा हो रही थी तब मैं सोच रहा था कि ये भारत के प्रदेश में हो रहा है या पाकिस्तान और अफगानिस्तान में हो रहा है।"
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में बांग्लादेश से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा पर हो रही आपराधिक गतिविधियों को रोकने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय सख्त कदम उठाने जा रहा है। बॉर्डर के भीतर पचास किलोमीटर तक के क्षेत्र में बीएसएफ को गिरफ्तारी, तलाशी व जब्ती की शक्ति प्रदान करने के फैसले का मुख्यमंत्री ममता बनर्जी विरोध कर रही हैं।
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भाजपा कर चुकी है प्रस्ताव का विरोध
ममता बनर्जी इससे पहले केंद्र सरकार को इस मुद्दे पर एक पत्र भी लिख चुकी हैं। एक दिन पहले ही जब ममता बनर्जी की ओर से विधानसभा में प्रस्ताव रखा गया कि भाजपा नेताओं ने हंगामा करते हुए जमकर नारेबाजी की और कार्यवाही को बहिष्कार कर बाहर निकले गए।
अगले सप्ताह दिल्ली जाएंगी ममता बनर्जी
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अगले सप्ताह दिल्ली दौरे पर रहेंगी। दिल्ली में वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात भी कर सकती है। सरकारी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक,ममता बनर्जी 22 नवंबर को दिल्ली के लिए रवाना होंगी और 25 नवंबर तक वह अलग-अलग नेताओं से मुलाकात करेंगी।
पंजाब विधानसभा में भी इसके खिलाफ लाया चुका है प्रस्ताव
बता दें कि पिछले दिनों जारी नई अधिसूचना में बीएसएफ को दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी), पासपोर्ट अधिनियम (भारत में प्रवेश) के तहत यह कार्रवाई करने का अधिकार मिला है। अब सीमा सुरक्षा बल 'बीएसएफ' के जवान पंजाब, असम व पश्चिम बंगाल में 50 किलोमीटर क्षेत्र तक तलाशी, छापेमारी और गिरफ्तारी कर सकते हैं।
गुजरात में बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र को 80 किमी से घटाकर 50 किमी किया गया है। विपक्षी दलों के अलावा पंजाब सरकार ने केंद्र के इस फैसले का कड़ा विरोध किया था। पंजाब विधानसभा में इसके खिलाफ प्रस्ताव लाया चुका है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा में ममता बनर्जी सरकार द्वारा आज इस फैसले के खिलाफ प्रस्ताव लाएंगी। भाजपा विधायक अग्निमित्रा पॉल ने कहा था प्रस्ताव लाने का मतलब क्या है। पश्चिम बंगाल, आतंकियों का 'हब' बन गया है। राज्य सरकार 631 किलोमीटर लंबे सीमा क्षेत्र में बाड़ लगाने के लिए जमीन तक नहीं दे रही है।
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हालांकि, इस बीच बंगाल में भाजपा के नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने टीएमसी पर बीएसएफ को गाली देने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा, "आज बंगाल विधानसभा में जिस तरह से बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र के बढ़ाए जाने के खिलाफ प्रस्ताव पर जब चर्चा हो रही थी तब टीएमसी के वरिष्ठ विधायकों और मंत्रियों ने बीएसएफ को गाली दी। ये शर्मनाक है। बीएसएफ बॉर्डर पर सुरक्षा रखती है और देश की रक्षा के लिए अपना बलिदान देती है। जब चर्चा हो रही थी तब मैं सोच रहा था कि ये भारत के प्रदेश में हो रहा है या पाकिस्तान और अफगानिस्तान में हो रहा है।"
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गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में बांग्लादेश से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा पर हो रही आपराधिक गतिविधियों को रोकने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय सख्त कदम उठाने जा रहा है। बॉर्डर के भीतर पचास किलोमीटर तक के क्षेत्र में बीएसएफ को गिरफ्तारी, तलाशी व जब्ती की शक्ति प्रदान करने के फैसले का मुख्यमंत्री ममता बनर्जी विरोध कर रही हैं।
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भाजपा कर चुकी है प्रस्ताव का विरोध
ममता बनर्जी इससे पहले केंद्र सरकार को इस मुद्दे पर एक पत्र भी लिख चुकी हैं। एक दिन पहले ही जब ममता बनर्जी की ओर से विधानसभा में प्रस्ताव रखा गया कि भाजपा नेताओं ने हंगामा करते हुए जमकर नारेबाजी की और कार्यवाही को बहिष्कार कर बाहर निकले गए।
अगले सप्ताह दिल्ली जाएंगी ममता बनर्जी
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अगले सप्ताह दिल्ली दौरे पर रहेंगी। दिल्ली में वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात भी कर सकती है। सरकारी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक,ममता बनर्जी 22 नवंबर को दिल्ली के लिए रवाना होंगी और 25 नवंबर तक वह अलग-अलग नेताओं से मुलाकात करेंगी।
पंजाब विधानसभा में भी इसके खिलाफ लाया चुका है प्रस्ताव
बता दें कि पिछले दिनों जारी नई अधिसूचना में बीएसएफ को दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी), पासपोर्ट अधिनियम (भारत में प्रवेश) के तहत यह कार्रवाई करने का अधिकार मिला है। अब सीमा सुरक्षा बल 'बीएसएफ' के जवान पंजाब, असम व पश्चिम बंगाल में 50 किलोमीटर क्षेत्र तक तलाशी, छापेमारी और गिरफ्तारी कर सकते हैं।
गुजरात में बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र को 80 किमी से घटाकर 50 किमी किया गया है। विपक्षी दलों के अलावा पंजाब सरकार ने केंद्र के इस फैसले का कड़ा विरोध किया था। पंजाब विधानसभा में इसके खिलाफ प्रस्ताव लाया चुका है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा में ममता बनर्जी सरकार द्वारा आज इस फैसले के खिलाफ प्रस्ताव लाएंगी। भाजपा विधायक अग्निमित्रा पॉल ने कहा था प्रस्ताव लाने का मतलब क्या है। पश्चिम बंगाल, आतंकियों का 'हब' बन गया है। राज्य सरकार 631 किलोमीटर लंबे सीमा क्षेत्र में बाड़ लगाने के लिए जमीन तक नहीं दे रही है।