{"_id":"6070fa84f401715d3f581183","slug":"west-bengal-assembly-election-2021-phase-fourth-voting-today","type":"story","status":"publish","title_hn":"बंगाल विधानसभा चुनाव : बाबुल सुप्रियो और अरूप घोष सहित इन दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
बंगाल विधानसभा चुनाव : बाबुल सुप्रियो और अरूप घोष सहित इन दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर
Sat, 10 Apr 2021 06:49 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता।
अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 10 Apr 2021 06:49 AM IST
सार
- टॉलीगंज सीट पर तृणमूल के अरूप बिस्वास के खिलाफ भाजपा ने केंद्रीय मंत्री और सांसद बाबुल सुप्रियो को उतारा है।
विज्ञापन
babul supriyo
विस्तार
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव में हर चरण के साथ भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच जंग और तीखी होती जा रही है। खेला होबे और परिबोर्तन के नारे के बीच चौथे चरण में पांच जिलों की 44 विधानसभा सीटों पर शनिवार को मतदान होगा। करीब 1 करोड़ 15 लाख 81 हजार 22 मतदाता 373 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे।
विज्ञापन
हावड़ा, दक्षिण 24 परगना, हुगली, अलीपुरद्वार और कूचबिहार जिले में चौथे चरण में भी भाजपा और तृणमूल कांग्रेस ने एक-दूसरे पर तीखे जुबानी हमले किए। टीएमसी सुप्रीमो ममता बनजी ने नोटिस दिए जाने पर चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। स्तर पर पहुंचाने का आरोप लगाया।
विज्ञापन
उधर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने जरूरत पड़ने पर तृणमूल को सहयोग देने की बात कही। चुनाव के चौथे चरण तक सोनिया गांधी, राहुल व प्रियंका गांधी वाड्रा प्रचार के लिए नहीं आए।
विज्ञापन
इन हस्तियों के बीच मुकाबला
टॉलीगंज सीट पर तृणमूल के अरूप बिस्वास के खिलाफ भाजपा ने केंद्रीय मंत्री और सांसद बाबुल सुप्रियो को उतारा है। राज्य के मंत्री अरूप तीन बार के विधायक हैं। बेहाला पश्चिम से शिक्षामंत्री पार्थ चटर्जी का मुकाबला भाजपा की अभिनेत्री श्रांवती चटर्जी से है। पार्थ 20 साल से यहां के विधायक हैं।
तृणमूल के सामने लोकसभा की हार का बदला लेने की चुनौती
चौथे चरण के मतदान में उत्तर बंगाल के दो जिलों कूच बिहार और अलीपुरद्वार की 14 सीटें अहम होंगी। इनमें से 9 सीट कूच बिहार में और 5 अलीपुरद्वार में हैं। तृणमूल कांग्रेस 2019 के लोकसभा चुनाव में अलीपुरद्वार और कूचबिहार, दोनों लोकसभा सीट हार गई थी।
इसलिए भाजपा के सामने लोकसभा चुनाव का प्रदर्शन दोहराने की चुनौती होगी। ममता बनर्जी ने इन दो जिलों में धुआंधार प्रचार किया है। कूच बिहार एक समय कोच राजाओं की राजधानी रही है। भाजपा और तृणमूल, दोनों दलों ने राजवंशियों को लुभाने का हर संभव प्रयास किया है।
उत्तर बंगाल में रहा है विद्रोह और हिंसा का लंबा दौर
उत्तर बंगाल ने विद्रोह और हिंसा का लंबा दौर देखा है। भाजपा ने यहां अन्य अर्द्धसैनिक बलों की तर्ज पर नारायणी सेना के गठन का वादा किया है। वहीं, तृणमूल कांग्रेस ने नारायणी पुलिस बटालियन बनाने का वादा किया है।
कूचबिहार के मेखलीगंज, सीतलकुची और दिन्हाटा विधानसभा क्षेत्र की सीमा बांग्लादेश से लगती है। यहां अल्पसंख्यक आबादी करीब 25 फीसदी है। भाजपा यहां घुसपैठ का मुद्दा जोर-शोर से उठाती आ रही है।
चाय श्रमिकों की मजदूरी बड़ा मुद्दा
अलीपुरद्वार जिले की अर्थव्यवस्था चाय की खेती पर निर्भर है। श्रमिक नेता लीयोस का आरोप है कि कागजों में चाय मजदूरों की दैनिक मजदूरी 202 रुपये हैं, मगर उन्हें इससे काफी कम मिलता है। घोषणापत्र तृणमूल ने सत्ता में लौटने पर दैनिक मजदूरी में वृद्धि की बात कही है। भाजपा ने असम और बंगाल के बागान मजदूरों के लिए एक हजार करोड़ के पैकेज का वादा किया है।
एनक्लेव पर श्रेय लेने की होड़
भाजपा और तृणमूल कांग्रेस ने भारत-बांग्लादेश के बीच लंबे समय तक चले एनक्लेव विवाद को सुलझाने में अपनी अहम भूमिका होने का दावा किया । 2015 में बांग्लादेश के साथ हुए भूमि सीमा करार में भारत की सीमा के भीतर 51 बांग्लादेशी बस्तियों को भारत में शामिल कर लिया गया था।
बांग्लादेश के भीतर मौजूद 111 बस्तियों को बांग्लादेश में मिला दिया गया था। हालांकि, बांग्लादेश में भारतीय एनक्लेव में रहने वाले 900 लोगों का कहना है कि उनसे किया वादा पूरा नहीं किया गया। इन सभी को कूचबिहार में बसाया गया है। उन्हें शिविरों से निकालकर छोटे फ्लैट में रखा गया है।