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Weather Updates: कम बारिश से घटेगा उत्पादन, बढ़ेंगी चावल की कीमतें, घटेंगे तेल के दाम
Sat, 09 Jul 2022 05:25 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 09 Jul 2022 05:25 AM IST
सार
एक जून से मानसून के मौसम की शुरुआत के बाद से भारत में सामान्य बारिश हुई है। लेकिन जिन क्षेत्रों में धान की ज्यादा खेती होती है, वहां पर अब भी 46 फीसदी कम बारिश हुई है।
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धान की खेती।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
इस साल कम बारिश से देश में धान का उत्पादन घटने की आशंका है। इससे चावल की कीमतें बढ़ सकती हैं। गर्मी के मौसम में होने वाली फसलों की बुवाई पिछड़ रही है क्योंकि बारिश अभी तक पूरे देश में एक समान नहीं हो रही है। इन फसलों में धान, मक्का, सोयाबीन ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। अनुमान है कि आने वाले सप्ताह में बारिश रफ्तार पकड़ेगी तो बुवाई भी तेज होगी।
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पिछले साल 4 करोड़ हेक्टेयर की फसल की तुलना में इस साल अभी तक 9.3 फीसदी कम बुवाई हुई है। अगर उत्पादन में कमी आती है तो सरकार चावल के निर्यात पर अंकुश लगा सकती है। एक जून से मानसून के मौसम की शुरुआत के बाद से भारत में सामान्य बारिश हुई है। लेकिन जिन क्षेत्रों में धान की ज्यादा खेती होती है, वहां पर अब भी 46 फीसदी कम बारिश हुई है। देश में जुलाई रोपाई के हिसाब से प्रमुख महीना होता है।
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जून-जुलाई में ज्यादा बुवाई
गर्मियों की फसलों की ज्यादा बुवाई जून और जुलाई में होती है। इनकी कटाई अक्तूबर में शुरू होती है। मंत्रालय ने कहा कि करीबन 70 लाख हेक्टेयर में धान लगाया गया है जो पिछले साल 90 लाख हेक्टेयर में लगा था। ज्यादा प्रभावित वाले राज्य पूर्वी भारत के हैं। यहां पर धान की खेती ज्यादा होती है। अगर अगले कुछ दिनों में इन क्षेत्रों में पर्याप्त बारिश नहीं हुई तो रकबा और उपज गिर सकती है।
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अभी और कंपनियां घटाएंगी तेल के दाम
सरकार ने शुक्रवार को उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में और तेल की कंपनियां कीमतें घटा सकती हैं। बृहस्पतिवार को मदर डेयरी ने सोयाबीन, राइस ब्रान तेल की कीमतें प्रति लीटर 15 रुपये तक कम की थी। सूरजमुखी तेल का भाव अगले 15-20 दिनों में घटेगा।
बुधवार को सरकार ने तेल कंपनियों को खाद्य तेल की कीमतें एक सप्ताह के भीतर प्रति लीटर पर 10 रुपये तक घटाने का निर्देश दिया था।