Weather Report: फिर आया कोहरे का अलर्ट, अगले पांच दिन दो डिग्री तक कम होगा पारा, रात से बदलेंगे हालात
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मौसम विभाग ने कोहरे को लेकर एक बार फिर से अलर्ट जारी किया है। विभाग के मुताबिक अगले पांच दिनों तक रात और सुबह तेज कोहरे का अनुमान लगाया गया है। इसके अलावा मैदानी इलाकों में चल रही शीत लहर में भी फिलहाल किसी तरह की कोई कमी का अंदेशा नहीं है। विभाग के मुताबिक अधिकतम तापमान में फिलहाल कोई खास बढ़ोतरी नहीं होने वाली है। हालांकि न्यूनतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज हो सकती है।
मौसम विभाग के मुताबिक गुरुवार की रात से पश्चिम विक्षोभ के चलते कुछ साइक्लोनिक सर्कुलेशन ऐसे बने हैं, जिससे कोहरे के बढ़ने का अनुमान लगाया गया है। विभाग के वैज्ञानिक डॉक्टर मनमोहन पांडव कहते हैं कि यह साइक्लोनिक सर्कुलेशन पश्चिमी उत्तर भारत के हिस्से में है। समुद्र तल से करीब डेढ़ किलोमीटर ऊपर बनी इन परिस्थितियों के चलते मौसम में कुछ बदलाव देखे जा सकते हैं। इसमें तेज कोहरे का अनुमान लगाया गया है। विभाग के वैज्ञानिकों के मुताबिक यह कोहरा घना होगा। इसके अलावा कोहरे के पड़ने की समय सीमा भी बढ़ने का अनुमान है।
विभाग के वैज्ञानिकों का मानना है कि साइक्लोनिक सर्कुलेशन के चलते उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, चंडीगढ़ और हरियाणा के हिस्सों में कोहरे की सघनता बढ़ेगी। बुधवार की रात से बदले हुए मौसम के कारण हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश के इलाकों में यह कोहरा पड़ना शुरू होगा। हालांकि पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता और साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर सोमवार की रात तक बने रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने कोहरे की सघनता वाले राज्यों के लिए भी अलर्ट जारी कर उनको सूचित कर दिया है। मौसम विभाग में राष्ट्रीय राजमार्ग संचालन से जुड़ी सरकारी एजेंसियों से भी कोहरे के इस अलर्ट को साझा किया गया है, ताकि राजमार्गों और एक्सप्रेस-वे पर चलने वाले वाहनों को लेकर एडवाइजरी जारी की जा सके।
मौसम विभाग के मुताबिक अगले कुछ दिनों में न्यूनतम तापमान में अनुमानतः दो डिग्री की गिरावट दर्ज हो सकती है। जबकि अधिकतम तापमान में भी इतने ही तापमान की गिरावट दर्ज होने का अनुमान है। जबकि अधिकतम तापमान उन इलाकों में कम होगा, जहां पर ठंडी हवाएं अपना असर दिखाएंगी। वहीं विभाग के वैज्ञानिकों के मुताबिक समुद्र तल से तकरीबन बारह किलोमीटर ऊपर इस वक्त भी तकरीबन 140 से 160 समुद्री मील (ढाई सौ से पौने तीन सौ किलोमीटर) प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं बह रही हैं। मौसम विभाग के वैज्ञानिकों के मुताबिक जेट स्ट्रीम हवाओं के चलते मैदानी इलाकों में ठंडक बढ़नी शुरू हुई है। उनका कहना है कि भारत खासतौर से मैदानी इलाकों में इसकी वजह से न सिर्फ गलन बढ़ रही है, बल्कि जेट स्ट्रीम हवाओं के लगातार बने रहने से न्यूनतम तापमान में गिरावट भी दर्ज हुई है।