Weather News: मणिपुर में बाढ़ से भारी तबाही, कटड़ा में 12 साल बाद 40% अधिक वर्षा; हिमाचल में 647 सड़कें बंद
मणिपुर में अचानक आई बाढ़ से बड़ी तबाही हुई है। जम्मू-कश्मीर में वैष्णो देवी मार्ग पर पत्थर गिरने की खबर है। कटड़ा में 12 साल बाद 40 फीसदी अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है। सिक्किम में भी खराब मौसम का कहर बरपा है। मलबे में दबे ग्राम प्रधान की मौत हो गई, जबकि कई जगह रास्ते भी बंद हैं। हिमाचल में 647 सड़कें अब भी बंद हैं। यूपी में भी बारिश का पूर्वानुमान है। जानिए अलग-अलग शहरों में मौसम का हाल
विस्तार
मणिपुर में मानसून जाने से पहले कहर बरपा रहा है। बीते 24 घंटों के दौरान मूसलाधार बारिश के कारण राज्य के ज्यादातर हिस्सों में आकस्मिक बाढ़ आ गई है और जगह-जगह भूस्खलन हुआ है। इससे कई घर और रिहायशी कॉलोनियां जलमग्न हो गई हैं। प्रमुख नदियों का जल स्तर बढ़ गया है। सिक्किम में भूस्खलन से एक ग्राम प्रधान की मलबे में दबने से मौत हो गई है। वहीं, जम्मू-कश्मीर के कटड़ा में भी भारी बारिश के कारण माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर फिर भूस्खलन हुआ है।
इंफाल में अधिकारियों ने बताया कि मणिपुर के पूर्वी इंफाल में यिंगांगपोकपी, संटी खोंगबल और सबुंगखोक खुनोउ तथा पश्चिमी इंफाल में काकवा और सागोलबंद के कई इलाके भारी बारिश के कारण जलमग्न हो गए हैं। नोनी जिले के अवांगखुल के साथ-साथ सेनापति और कामजोंग के पहाड़ी जिलों से भी भूस्खलन हुआ है। इंफाल नदी, नम्बुल और इरिल सहित प्रमुख नदियों का जलस्तर काफी बढ़ गया है, लेकिन अभी खतरे के निशान तक नहीं पहुंचा है। जल संसाधन विभाग स्थिति पर करीबी नजर रख रहा है।
ये भी पढ़ें- UP Weather Forecast: उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर, आज शाम से इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
नगालैंड में भी भारी बारिश के चलते कीचड़ आने से राष्ट्रीय राजमार्ग 29 पर यातायात बाधित हुआ है। एक बेली पुल बाढ़ के पानी में डूब गया है, जिससे दो गांवों के बीच आवाजाही ठप हो गई है। सिक्किम के ग्यालशिंग जिले में लगातार बारिश के कारण हुए भूस्खलन में 47 वर्षीय पंचायत अध्यक्ष की मौत हो गई। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह घटना शनिवार शाम को उस समय हुई जब सरदुंग लुंगजिक ग्राम पंचायत के अध्यक्ष राजेन गुरुंग अपने घर के पास हुए एक भीषण भूस्खलन के मलबे में दब गए।
भवन मार्ग से मलबा हटाने में जुटा श्राइन बोर्ड
धर्मनगरी में कटड़ा, भवन और त्रिकुटा की पहाड़ियों पर शनिवार से हो रही मूसलाधार बारिश से माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर फिर जगह-जगह भूस्खलन हुआ है। सांझी छत व भवन मार्ग पर भारी मात्रा में मलबा आ गया है। श्राइन बोर्ड के कर्मचारी मलबा हटाने में जुटे हैं। यात्रा मार्ग बंद होने से किसी तरह के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ।
- बारिश और खराब मौसम के कारण श्राइन बोर्ड ने पहले ही रविवार से दोबारा शुरू होने वाली यात्रा अगले स्थगित कर दी थी। यात्रा पिछले 20 दिनों से बंद है, जब अर्धकुंवारी के पास भीषण भूस्खलन में 34 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी।
कटड़ा में 12 साल बाद 40 फीसदी अधिक वर्षा
श्रीनगर स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने बताया कि इस मानसून सीजन में श्री माता वैष्णो देवी के आधार शिविर कटड़ा में 12 साल बाद 40 फीसदी अधिक वर्षा दर्ज की गई है। वहीं, बनिहाल में 11 साल और कठुआ में 7 साल बाद सबसे अधिक बारिश हुई। भारी बारिश और बाढ़ ने तबाही मचाई है। आंकड़ों के अनुसार, कटड़ा में 2,325 मिलीमीटर वर्षा हुई है जो सामान्य 1,396.4 मिलीमीटर से अधिक है। बनिहाल में सामान्य 350.2 मिमी से लगभग 50 फीसदी अधिक 702.5 मिमी पानी बरसा है। कठुआ में 1,245.7 मिमी बारिश हुई जो सामान्य 1115.5 मिमी से करीब 20 प्रतिशत अधिक है।
ये भी पढ़ें- Himachal Monsoon: विनाशकारी मानसून में गई 404 की जान, सैकड़ों घायल... कई लापता; करीब 45 हजार करोड़ की
हिमाचल में 647 सड़कें अब भी बंद
हिमाचल प्रदेश में मौसम मार से अब तक नहीं उबर पाया है। मानसून के आखिरी चरण में भी राज्य के कई हिस्सों में झमाझम बारिश हो रही है, जिससे तीन राष्ट्रीय राजमार्ग समेत अभी 647 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं। इन सड़कों पर जगह-जगह भूस्खलन होने से मलबा गिरा है। इसके अलावा, 343 जल आपूर्ति योजनाएं और बिजली के 185 ट्रांसफार्मर भी ठप पड़े हैं, जिससे बड़े क्षेत्र में पेयजल और बिजली की सप्लाई बाधित हुई है। वर्षा जनित हादसों में राज्य में अब तक 404 लोगों की जन भी जा चुकी है, 462 लोग घायल हुए हैं और 41 लापता हैं। राज्य को 44 हजार करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।