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बंगाल की नंदीग्राम और रेजिनगर सीट पर उपचुनाव: टीएमसी ने किसे बनाया उम्मीदवार? कांग्रेस ने भी उतारे प्रत्याशी
Sun, 13 Sep 2026 09:05 PM IST
देवेश त्रिपाठी
एएनआई, कोलकाता
एएनआई, कोलकाता
Published by: देवेश त्रिपाठी
Updated Sun, 13 Sep 2026 09:05 PM IST
सार
पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजिनगर विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए टीएमसी ने अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। पार्टी ने नंदीग्राम से संचिता प्रधान (दे) और रेजिनगर से रबीउल आलम चौधरी को उम्मीदवार बनाया है। दोनों सीटों पर छह अक्तूबर को मतदान होगा और नौ अक्तूबर को नतीजे घोषित किए जाएंगे।
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बंगाल उपचुनाव
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने पश्चिम बंगाल विधानसभा की नंदीग्राम और रेजिनगर सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए रविवार को अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए। पार्टी ने नंदीग्राम से संचिता प्रधान और रेजिनगर से रबीउल आलम चौधरी को मैदान में उतारा है। पश्चिम बंगाल की इन दोनों विधानसभा सीटों पर छह अक्तूबर को उपचुनाव के लिए मतदान होगा। मतों की गिनती नौ अक्तूबर को की जाएगी।
टीएमसी ने एक्स पर एक पोस्ट में उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की। पार्टी ने कहा कि उसके अध्यक्ष और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के मार्गदर्शन और प्रेरणा में उम्मीदवारों का एलान किया गया है।
कांग्रेस ने किसे बनाया उम्मीदवार?
पार्टी ने पोस्ट में कहा, 'अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस अपनी अध्यक्ष ममता बनर्जी के मार्गदर्शन और प्रेरणा में आगामी नंदीग्राम और रेजिनगर उपचुनाव के लिए उम्मीदवारों की घोषणा करते हुए प्रसन्न है। हम संचिता प्रधान और रबीउल आलम चौधरी को इस सफर के लिए शुभकामनाएं देते हैं। वे मजबूती और दृढ़ संकल्प के साथ लोगों की उम्मीदों और आकांक्षाओं को आगे बढ़ाएं।'
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कांग्रेस ने रेजिनगर विधानसभा सीट से मोहम्मद अब्दुल्लाहिल कफी को उम्मीदवार बनाया है, जबकि नंदीग्राम से मिलन प्रधान चुनाव लड़ेंगे। वहीं, माकपा ने रेजिनगर से अधिवक्ता सईद असद अली को मैदान में उतारा है। नंदीग्राम से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने शांति गोपाल गिरि को उम्मीदवार बनाया है।
नंदीग्राम और रेजिनगर सीट पर क्यों हो रहा उपचुनाव?
नंदीग्राम सीट पर उपचुनाव मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के सीट छोड़ने के बाद हो रहा है। उन्होंने इस सीट को छोड़कर भवानीपुर सीट अपने पास रखने का फैसला किया था। इस साल की शुरुआत में हुए विधानसभा चुनाव में उन्होंने भवानीपुर से टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी को हराया था। वहीं, रेजिनगर सीट आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के संस्थापक हुमायूं कबीर के इस्तीफे के बाद खाली हुई। उन्होंने नौदा सीट से भी जीत दर्ज की थी।
भारत निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को तमिलनाडु, पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल की खाली विधानसभा सीटों तथा असम की एक संसदीय सीट के लिए उपचुनाव कार्यक्रम की घोषणा की थी। इन सीटों पर छह अक्तूबर को मतदान और नौ अक्तूबर को मतगणना होगी। पश्चिम बंगाल में हुमायूं कबीर और सुवेंदु अधिकारी के इस्तीफे के बाद क्रमशः रेजिनगर और नंदीग्राम सीटों पर उपचुनाव की जरूरत पड़ी। वहीं, असम की नगांव संसदीय सीट प्रद्युत बरदोलोई के इस्तीफे के बाद खाली हुई।
कांग्रेस ने सीएम शुभेंदु पर लगाए क्या आरोप?
इस बीच, पश्चिम बंगाल कांग्रेस के अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने गुरुवार को नंदीग्राम विधानसभा सीट पर विकास की कथित कमी को लेकर राज्य सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को यह सीट अपने पास रखनी चाहिए थी, क्योंकि वहां अब तक कोई काम नहीं हुआ है। सरकार ने एएनआई से कहा, 'मुख्यमंत्री को नंदीग्राम सीट अपने पास रखनी चाहिए थी, उन्हें यह सीट नहीं छोड़नी चाहिए थी। नंदीग्राम में अब तक कोई काम नहीं हुआ है।'
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टीएमसी ने एक्स पर एक पोस्ट में उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की। पार्टी ने कहा कि उसके अध्यक्ष और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के मार्गदर्शन और प्रेरणा में उम्मीदवारों का एलान किया गया है।
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कांग्रेस ने किसे बनाया उम्मीदवार?
पार्टी ने पोस्ट में कहा, 'अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस अपनी अध्यक्ष ममता बनर्जी के मार्गदर्शन और प्रेरणा में आगामी नंदीग्राम और रेजिनगर उपचुनाव के लिए उम्मीदवारों की घोषणा करते हुए प्रसन्न है। हम संचिता प्रधान और रबीउल आलम चौधरी को इस सफर के लिए शुभकामनाएं देते हैं। वे मजबूती और दृढ़ संकल्प के साथ लोगों की उम्मीदों और आकांक्षाओं को आगे बढ़ाएं।'
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कांग्रेस ने रेजिनगर विधानसभा सीट से मोहम्मद अब्दुल्लाहिल कफी को उम्मीदवार बनाया है, जबकि नंदीग्राम से मिलन प्रधान चुनाव लड़ेंगे। वहीं, माकपा ने रेजिनगर से अधिवक्ता सईद असद अली को मैदान में उतारा है। नंदीग्राम से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने शांति गोपाल गिरि को उम्मीदवार बनाया है।
नंदीग्राम और रेजिनगर सीट पर क्यों हो रहा उपचुनाव?
नंदीग्राम सीट पर उपचुनाव मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के सीट छोड़ने के बाद हो रहा है। उन्होंने इस सीट को छोड़कर भवानीपुर सीट अपने पास रखने का फैसला किया था। इस साल की शुरुआत में हुए विधानसभा चुनाव में उन्होंने भवानीपुर से टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी को हराया था। वहीं, रेजिनगर सीट आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के संस्थापक हुमायूं कबीर के इस्तीफे के बाद खाली हुई। उन्होंने नौदा सीट से भी जीत दर्ज की थी।
भारत निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को तमिलनाडु, पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल की खाली विधानसभा सीटों तथा असम की एक संसदीय सीट के लिए उपचुनाव कार्यक्रम की घोषणा की थी। इन सीटों पर छह अक्तूबर को मतदान और नौ अक्तूबर को मतगणना होगी। पश्चिम बंगाल में हुमायूं कबीर और सुवेंदु अधिकारी के इस्तीफे के बाद क्रमशः रेजिनगर और नंदीग्राम सीटों पर उपचुनाव की जरूरत पड़ी। वहीं, असम की नगांव संसदीय सीट प्रद्युत बरदोलोई के इस्तीफे के बाद खाली हुई।
कांग्रेस ने सीएम शुभेंदु पर लगाए क्या आरोप?
इस बीच, पश्चिम बंगाल कांग्रेस के अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने गुरुवार को नंदीग्राम विधानसभा सीट पर विकास की कथित कमी को लेकर राज्य सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को यह सीट अपने पास रखनी चाहिए थी, क्योंकि वहां अब तक कोई काम नहीं हुआ है। सरकार ने एएनआई से कहा, 'मुख्यमंत्री को नंदीग्राम सीट अपने पास रखनी चाहिए थी, उन्हें यह सीट नहीं छोड़नी चाहिए थी। नंदीग्राम में अब तक कोई काम नहीं हुआ है।'